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गर्भवती महिला को शुरुआती दिनों या प्रेग्‍नेंसी के दौरान कभी भी ब्‍लीडिंग हो तो डॉक्‍टर से बात करनी चाहिए। डॉक्‍टर ब्‍लड टेस्‍ट और योनि की जांच कर के ब्‍लीडिंग के कारण का पता लगा सकते हैं। हर बार ब्‍लीडिंग का मतलब मिसकैरेज ही नहीं होता है।

प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग रोकने के उपाय:-

प्रेगनेंसी में कई महिलाओ को ब्लीडिंग की समस्या भी हो जाती हैं| ऐसे में इस समस्या के होते ही बिल्कुल भी देरी नहीं करनी चाहिए| पहले तीन महीने में खून का एक थप्पा भी गर्भपात की और संकेत कर देता हैं| ऐसे में यदि इस समस्या को अनदेखा किया जाएँ तो आपको परेशानी हो सकती हैं| इसीलिए इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए|

प्रेग्‍नेंसी के दौरान आखिरी समय में ब्‍लीडिंग की समस्‍या होने पर उसे बिल्‍कुल भी इग्‍नोर न करें| इस समय में हल्‍की ब्‍लीडिंग होना सामान्‍य है| 10 में से 1 महिला को ऐसी दिक्‍कत होती ही है, जब वह पूरे नौ महीने की गर्भावस्‍था में होती है| अगर ब्‍लीडि़ंग होती है तो उसका मतलब यह नहीं होता है कि मिस्‍कैरेज यानि गर्भपात हो गया| ऐसा होने पर भी तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए|

प्रेगनेंसी के दौरान पहली तिमाही में अक्सर यदि प्रेगनेंसी की दूसरी या तीसरी तिमाही में ब्लीडिंग हो तो फिर किसी गंभीर समस्या की संभावना बन जाती है| और इसे बिकुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए| ब्लीडिंग होने के कई कारण हो सकते हैं| ब्लीडिंग किसी तरह के इंफैक्शन, तनाव से हार्मोन में परिवर्तन और गलत तरीके से शारीरिक संबंध बनाने से होती है|

प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग होने पर ध्यान रखे ये बातें:-

अगर ब्लीडिंग हो रही है, तो आपको पैड या पैंटी जरूर पहननी चाहिए| इससे आपको पता चल जाएगा कि कितनी ब्लीडिंग हो रही है और किस प्रकार की ब्लीडिंग हो रही है|
ब्लीडिंग होने पर योनि एरिया में डूश न करें|
गर्भावस्था में न ही ब्लीडिंग के दौरान शारीरिक संबंध बनाएं|
ब्लीडिंग के दौरान अगर आप अन्य किसी तरह का लक्षण जैसे की ज्यादा पेट दर्द का होना आदि, महसूस करें तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें|
अगर आपको गर्भावस्‍था के दौरान ब्लीडिंग होती है तो परेशान न हों, शांत रहें, ध्‍यान दें कि क्‍या आपको ज्‍यादा दर्द है या फिर ब्‍लड़ ज्‍यादा निकल रहा है, इस बात को अपने डॉक्‍टर को सही-सही बताएं, जिससे वो आपको सही राय और उपचार दे सकें|

प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग को रोकने के लिए तुरंत संपर्क करें, डॉक्टर से:-

प्रेगनेंसी का हर पल बहुत ही अहम होता हैं| ऐसे में जरुरी हैं की आप यदि कभी भी ऐसा पेट में दर्द महसूस करें,जैसा की पीरियड्स के दौरान होता हैं| इसे बिल्कुल भी अनदेखा न करें, चाहे ब्लीडिंग हो या न हो| और प्रेगनेंसी के पहले तीन महीना में सम्भोग के दौरान सुरक्षा का इस्तेमाल करें, साथ ही कोशिश करे की आप कोई भी ऐसा काम जैसे की भरी सामान उठाना न करें|

क्योंकि कई बार इससे भी ब्लड आने का खतरा हो जाता हैं| इसके आलावा आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए की आप अपने डॉक्टर से सारी बात को खुल कर कहें और किसी भी तरह की असावधानी न बरते| जिससे की बाद में कोई नुक्सान हो| गर्भावस्था के आखिरी के महीनो में ब्लड आने की सम्भावना बहुत कम होती हैं| फिर भी आपको अपना ध्यान रखना चाहिए|

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