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क्या गर्भावस्था में सोडायुक्त पेय और सॉफ्ट ड्रिंक्स पीना सुरक्षित है?

Gynaecologist and Obstetrician
कभी-कभार सॉफ्ट ड्रिंक पीने से आपको नुकसान नहीं पहुंचता। सोडा अपने आप में नुकसानदेह नहीं होता, मगर सॉफ्ट ड्रिंक्स में अक्सर कुछ ऐसी सामग्रियां होती हैं, जिनके सेवन को लेकर गर्भावस्था में आपको सावधानी बरतनी चाहिए। सोडायुक्त पेयों में निम्नांकित कुछ आम सामग्रियां होती हैं:

कैफीन
अधिकांश सॉफ्ट ड्रिंक्स जैसे कि कोला आदि में कैफीन होती है।

आपको गर्भावस्था में कैफीन का सेवन पूरी तरह बंद करने की जरुरत नहीं है। हालांकि, यदि आप आमतौर पर प्रतिदिन 200 मि.ग्रा. से ज्यादा कैफीन लेती है, तो आपको इसकी मात्रा कम करनी चाहिए।

कैफीन अपरा से होते हुए गर्भस्थ शिशु तक पहुंचती है। गर्भावस्था में नियमित तौर पर अनुशंसित मात्रा से ज्यादा कैफीन के सेवन से समय से पहले शिशु के जन्म या फिर कम जन्म वजन शिशु होने का खतरा बढ़ सकता है। इससे गर्भपात होने की आशंका भी बढ़ सकती है, हालांकि यह खतरा बहुत कम होता है।

आप जो पेय पी रही हैं (चाय, कॉफी या कोला) उनमें कैफीन की मात्रा पर ध्यान दें। साथ ही दिन में अन्य चीजों जैसे कि चॉकलेट और चॉकलेट ड्रिंक्स आदि के सेवन से भी आपको कैफीन मिल रही होती है। ऐसे में एक दिन में अपनी कुल कैफीन सेवन की मात्रा का ध्यान रखें। आपको एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इनमें सामान्यत: बहुत अधिक मात्रा में कैफीन होता है और साथ ही अन्य उत्तेजक पदार्थ हो सकते हैं।

कैफीन मूत्रवर्धक (डाइयुरेटिक) भी होती है और शरीर से पानी व अन्य तरल पदार्थों के साथ-साथ जरुरी विटामिन जैसे कि कैल्शियम आदि के हृास का कारण बनती है। इसलिए यदि आप एक या दो सॉफ्ट ड्रिंक पीती हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप अन्य पौष्टिक व सेहतमंद पेय जैसे कि दूध, लस्सी और ताजा फलों के रस भी लें।

अत्याधिक कैफीन का सेवन आपनी नींद पर भी असर डाल सकता है, जबकि गर्भावस्था में आपको अच्छी नींद की आवश्यकता होती है।

कृत्रिम स्वाद और प्रिजर्वेटिव्स
अधिकांश सॉफ्ट ड्रिंक्स में कृत्रिम स्वाद, फूड कलर व प्रिजर्वेटिव्स होते हैंं। नियमित तौर पर ऐसे पेय ​पीना किसी भी व्यक्ति के लिए सही नहीं है। गर्भवती महिलाओं को तो खाद्य और पेय सुरक्षा के प्रति अधिक एहतियात बरतने चाहिए।

मीठा और आर्टिफिशियल स्वीटनर
सोडा युक्त, मीठी सॉफ्ट ड्रिंक्स और सोडा से शरीर को केवल खाली कैलोरी मिलती हैं, कोई पोषण नहीं मिलता। गर्भावस्था में तो आप एक-एक कैलोरी का फायदा उठाना चाहेंगी, ताकि आपकी अस्वस्थ वजन वृद्धि न हो।

गर्भावस्था में अत्याधिक वजन होने से आपके और शिशु के लिए कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। मीठे पेयों से दांतों में सड़न भी हो सकती है।

डाइट सोडा में भी कृत्रिम मीठा (आर्टिफिशियल स्वीटनर) डला हो सकता है। हालांकि, इससे कैलोरी की मात्रा थोड़ी कम हो जाती है, मगर फिर भी ये स्वस्थ विकल्प नहीं हैं। डाइट पेयों में भी कोई पोषक तत्व नहीं होते। आर्टिफिशियल स्वीटनर अक्सर भोजन और पेयों में अत्यंत मीठापन देते हैं, जिससे आपकी मीठा खाने की इच्छा कम नहीं हो सकेगी।

इनकी बजाय आप नीचे बताए गए ताजगी प्रदान करने वाले पेय ले सकती हैं, जैसे कि:

पानी
ताजा फलों या सब्जियों का रस
नींबू पानी
आम पन्ना
सत्तू का पेय
लस्सी, छाछ या दूध से बने अन्य पेय
नारियल पानी

जलनियोजन और पोषण दोनों के लिए उपर्युक्त सभी विकल्प अच्छे हैं।

साथ ही, यह भी याद रखें कि गर्भावस्था में शराब का सेवन भी सही नहीं है। आपको कॉकटेल या फिर एल्कोहॉल मिली सॉफ्ट ड्रिंक्स बिल्कुल भी नहीं लेनी चाहिए। गर्भावस्था में शराब के सेवन से होने वाले खतरे को दूर करने के लिए विशेषज्ञ गर्भवती महिलाओं को ऐसे पेयों का सेवन बिल्कुल भी न करने की सलाह देते हैं।

गर्भवती होने का निस्संदेह यह मतलब नहीं है कि आप अपने दोस्तों के साथ बाहर जाकर ड्रिंक नहीं ले सकतीं। अच्छी बात यह है कि अधिकांश बारटेंडर आपकी पसंदीदा कॉकटेल का 'वर्जिन' नॉन एल्कोहॉलिक विकल्प आसानी से दे सकते हैं।


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