healthplanet.net

Posted on

पीरियड मिस होने से पहले इन लक्षणों से पता लगाएं कि आप गर्भवती हैं या नहीं

शरीर में कई सारे बदलाव होते हैं -

गर्भावस्था के बारे में पता लगाने के लिए आजकल प्रेग्नेंसी टेस्ट सबसे सटीक माना जाता है लेकिन पीरियड मिस होने के पहले ही शरीर में कुछ बदलावों के आधार पर भी गर्भावस्था के बारे में पता लगाया जा सकता है। इसके लिए आपको बस कुछ लक्षणों पर देना होगा ध्यान। गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में आपके शरीर में कई सारे बदलाव होते हैं यदि उन बदलावों पर आप ध्यान देंगे तो आपको पहले ही पता लग जाएगा कि आप गर्भवती हैं। अगली स्लाइड्स से जानिए किन लक्षणों से आपको पता लगा जाएगा कि आप गर्भवती हैं।
पीरियड मिस होने के बाद भी यह लक्षण ऐसे ही रहेंगे
गले में खराश और भारी स्तन
गर्भाधान के बाद महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन की वृद्धि होती है जिससे कि उनके स्तनों में दर्द और भारीपन महसूस होने लगता है। निपल्स गहरे रंग के होने लगते हैं, उन पर खुजली या चुभन भी महसूस हो सकती है। इसके साथ ही गले मेंं खराश भी बनी रहेगी और यह लक्षण लंबे समय के लिए होता है। पीरियड मिस होने के बाद भी यह लक्षण ऐसे ही रहेंगे।
विज्ञापन
कई सारे हार्मोनल परिवर्तन होते हैं
थकान और अधिक नींद
गर्भावस्था की शुरुआत में ही आपको बार-बार नींद आएगी और बहुत ज्यादा थकान महसूस होगी। उसके पीछे कारण यह है कि शुरुआत में ही कई सारे हार्मोनल परिवर्तन होते हैं। प्रोजेस्ट्रोन का स्तर बढ़ जाने से बहुत अधिक नींद आने लग जाती है। यह लक्षण आपको लगभग तीन महीने तक दिखाई देंगे। भ्रूण के बढ़ने के साथ ही शरीर अधिक रक्त का उत्पादन करता है, जिससे कि शरीर में थकान बढ़ने लगेगी। ऐसे में आप अधिक से अधिक आराम करें।
80 प्रतिशत महिलाओं को उल्टी होती है
उल्टी होना
उल्टी होना गर्भावस्था का एक बहुत ही सामान्य लक्षण है। एस्ट्रोन और प्रोजेस्ट्रोन के बढ़ जाने से खूब उल्टियां होती हैं। कई लोगों को जब सवेरे होकर उल्टी और घबराहट होती है तो वे इसे मोर्निंग सिकनेस समझ लेते हैं लेकिन इस तरह रोजाना उल्टी होना गर्भावस्था की निशानी है। जरूरी नहीं कि यह उल्टी सुबह ही हो, यह उल्टी कभी भी हो सकती है। पीरियड मिस होने से पहले लगभग 80 प्रतिशत महिलाओं को उल्टी होती है।
अपने मूड में हो रहे बदलावों को लेकर घबराएं न -
फूड क्रेविंग और मूड स्विंग्स
गर्भावस्था की शुरुआत में अचानक ही आपको अपना मनपसंदीदा भोजन खाने का मन करने लगता है। इस दौरान खट्टी और तीखी चीजों को खाने का अधिक दिल करता है। इस दौरान कई महिलाओं में भावात्मक प्रतिक्रियाएं बढ़ जाती हैं। अधिक गुस्सा आना एवं रोना आना जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं जो कि आराम करने पर ही सामान्य हो सकती हैं। अपने मूड में हो रहे बदलावों को लेकर घबराएं न, ये बहुत सामान्य है।

नोट- यह लेख चाइल्डकेयर हॉस्पिटल की डॉक्टर साधना राज से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर साधना राज पिछले 16 सालों से प्रैक्टिस कर रही हैं। उन्होंने अपनी डिग्री एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर से ली है।
अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है।

solved 5
wordpress ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author ->

Short info