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मां बनना कोई आसान काम नहीं है। बच्‍चे को जन्‍म देने के लिए महिलाओं को न जाने कितना कुछ सहना पड़ता है। डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं।

बच्‍चे को जन्‍म देना हर मां के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। प्रेगनेंसी और डिलीवरी की वजह से उनके शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। डिलीवरी के बाद शरीर के अलावा योनि में भी काफी बदलाव आते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि डिलीवरी के दौरान शिशु के बाहर आने के लिए योनि लगभग 10 सेमी तक खिंच जाती है और फिर धीरे-धीरे अपने नॉर्मल साइज में आती है।
आइए जानते हैं कि डिलीवरी के बाद महिलाओं की योनि में क्‍या क्‍या बदलाव आते हैं?
सूजन

डिलीवरी के बाद योनि के आसपास वाले हिस्‍से में लगभग छह सप्‍ताह तक दर्द और सूजन रह सकती है। योनि के ऊतकों के लिए डिलीवरी बहुत दर्दनाक होती है और इन्‍हें रिकवर करने में समय लगता है। चार से छह सप्‍ताह के अंदर दर्द और सूजन अपने आप धीरे धीरे कम होने लगती है।
डिलीवरी के बाद पेटी की चर्बी कम करने के घरेलू उपाय

- डिलीवरी के बाद बढ़ा हुआ पेट यानी बेली फैट महिलाओं को बहुत परेशान करता है। अगर आप भी प्रसव के बाद पेट की चर्बी कम करने के घरेलू उपाय जानना चाहती हैं तो इस लेख को पूरा जरूर पढें।


जिम में पसीना बहाए बिना फैट कम करने का सबसे असरकारी और आसान तरीका है मालिश। मालिश से पेट की चर्बी कम होने में मदद मिलती है। ये फैट को रिलीज और वितरित करती है और मेटाबोलिज्‍म में सुधार लाती है जिससे बेबी फैट से छुटकारा मिलता है। हर सप्‍ताह मालिश करवाने से आपको लाभ होगा।

24 घंटे शिशु की देखभाल करने के लिए मां के शरीर को भी एनर्जी की जरूरत होती है। पूरे दिन में हेल्‍दी स्‍नैक्‍स खाकर आप अनहेल्‍दी क्रेविंग से बच सकती हैं।

अपनी डायट में उच्‍च फाइबर युक्‍त चीजों को शामिल करें जिससे कि पेट ठीक तरह से साफ हो सके। ओट्स खाएं और हरी पत्तेदार एवं रंग बिरंगी सब्जियों, प्रोटीन, मसालों, ग्रीन टी को अपनी डायट में शामिल करें एवं खूब पानी पिएं।

ये एक ऐसा योगासन है जिसमें डायफ्राम से हवा लेकर उसे एब्‍स में रोक कर रखा जाता है। इस ब्रीदिंग एक्‍सरसाइज से पेट का ऊपरी और निचला हिस्‍सा टोन होता है। सही पोस्‍चर में बैटने से पेट की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं और पाचन ठीक रहता है।


ग्रीन टी में ऐसे कई सक्रिय तत्‍व होते हैं जो फैट को बर्न करने की प्रक्रिया को तेज कर देते हैं। ग्रीन टी में एपिगैलोसेटंचिन गैलेट नामक एंटीऑक्‍सीडेंट होता है जो मेटाबोलिज्‍म को दुरुस्‍त करता है। ग्रीन टी से वजन कम करने में बहुत मदद मिलती है।

डिलीवरी के बाद बेली फैट घटाने का सबसे असरदार नुस्‍खा है टमाटर। टमाटर ब्‍लड शुगर को संतुलित रखता है जिससे क्रेविंग कंट्रोल में रहती है। ये भूख को भी कम करता है। टमाटर में लाइकोपिन और बीटा कैरोटीन भी होता है जो मेटाबोलिज्‍म को तेज कर फैट को कम करता है।

रोज सुबह खाली पेट दो से चार लहसुन की कलियां चबाने से बेली फैट में कमी आती है। लहसुन खाने के तुरंत बाद नींबू पानी पीने से दोगुना फायदा होता है।

आधा चम्‍मच दालचीनी का पाउडर लें और उसे एक गिलास गुनगुने पानी में घोल लें। इसके बाद इस पानी को छानकर पी लें। इसका स्‍वाद बढ़ाने के लिए आप एक चम्‍मच शहद भी मिला सकती हैं। इस पानी को सुबह नाश्‍ते से पहले और रात को सोने से पहले पिएं।

इसके अलावा करेले का जूस भी फैट घटाने का काम करता है। पेट को अंदर करने के लिए रोज सुबह करेले का ताजा जूस पिएं।
टांकों के बाद दर्द
डिलीवरी के बाद सभी महिलाओं की योनि में टांके लगते हैं और अगर आप पहली बार मां बन हैं तो ये आपके लिए और भी ज्‍यादा मुश्किल होता है। नॉर्मल डिलीवरी के दौरान योनि और गुदा यानि पेरिनियम का हिस्‍सा बहुत दर्द छिल जाता है जिसमें टांके लगाने पड़ते हैं।
टांकों को भरने में एक सप्‍ताह से दस सप्‍ताह तक का समय लगता है। इस दौरान पेशाब करते समय या बैठते समय दर्द हो सकता है।

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