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घुटनों के पीछे का दर्द क्या होता है ?
घुटनों के पीछे दर्द जिसे हैमस्ट्रिंग भी कहते हैं, आज एक बड़ी समस्या बनी हुई है । घुटने के पीछे का दर्द कईं कारणों से होता है । जब घुटनों की मांसपेशियों में दवाब या खिंचाव आ जाता है, तब यह दर्द शुरु होता है । कभी-कभी टखनों में पानी भर जाता है, जिससे सूजन आ जाती है, तब यह दर्द पैदा हो जाता है ।
क्या है इलाज ?
घुटने के पीछे के दर्द का इलाज दवाईयों में कम और परहेज और शारीरिक अभ्यास में अधिक देखा गया है । दवाईयों के विषय में तो डॉक्टर आपको बेहतर परामर्श दे ही देगा लेकिन कुछ प्राथमिक शारिरीक अभ्यास और योगासन ऐसे हैं जिन्हें करके मांसपेशियों में खिंचाव आता है और रोगी को आराम मिलता है।
इन आसनों को आप कभी भी कर सकते हैं, क्योंकि यह बहुत आसान और सहज हैं । इतना अवश्य ध्यान रहे कि आरंभ में थोड़ा बहुत खिंचाव देना ठीक रहेगा क्योंकि आरंभ में हर अभ्यास करने की वजह से पीड़ा होती है ।
पादोत्तानासन
यह आसन पैर के भीतर के हिस्से और पीछे की तरफ, रीढ़ और जांघों में खिंचाव लाता है घुटनों पर असर करता है।
कैसे करना है आसन ?
सबसे पहले एकदम सीधे खड़े हों, फिर अपने दोनों पैरों को जितना हो सके फैला लें ।
इस बात का विशेष ख्याल रखें कि आपके पैर बराबर हों ।
अपनी जांघों की मांसपेशियों में खींचाव लाते हुए सांसों को भरें, छाती को तानें और आगे की तरफ झुकाव रखें ।
कमर के ऊपरी भाग को फर्श के बराबर में लाएं। अपने दोनों हाथों को अपने हिप्स पर रख दें और सांस लेते रहें ।
इसके बाद कमर सीधी रखते हुए सामने की ओर झुकें। अपने हाथों को आगे की ओर करें और फर्श पर इन्हें टिका दें ।
फिर अपने सिर को जमीन में स्पर्श कर दें, इस मुद्रा में 30 सेकेंड तक बने रहें । लगातार सांस लेते रहें और सांस छोड़ते हुए सीधे खड़े हो जाएं ।
पादांगुष्ठासन
यह आसन करने से घुटनों को बहुत आराम मिलता है । इसस आसन से लिवर और किडनी को भी लाभ है। इससे पाचन प्रणाली में सुधार होता है और घुटने मज़बूत बनते हैं ।
कैसे करना है आसन?
सबसे पहले एकदम सीधी मुद्रा में खड़े हो जाएं । दोनों पैरों को पूरी तरह खोलकर फैला लें। अपने दोनों पैरों को एकदम सीधा करके रखें ।
सामान्य तरीके से सांस लेते रहें, अब अपने शरीर को ऊपर की तरफ उठाएं, इसके बाद सांस छोड़ते हुए सामने की ओर झुकें।
अपने पेट अथवा उदर वाले हिस्से को खींचें । आपकी कोशिश होनी चाहिए कि घुटने का पीछे वाला हिस्सा यानि हैमस्ट्रिंग में बहुत अधिक खिंचाव न आए ।
बस, इसी मुद्रा में 50 सेकेंड तक रहें। अब अपने पकड़ें हुए अंगूठों को छोड़ें और हाथों को अपने दोनों कूल्हों पर रख दें।
इसके बाद सांस लेते हुए एकदम सीधा खड़ा हो जाएं और सामान्य मुद्रा में आ जाएं ।
पार्श्वोत्तानासन
योग के इस आसन से रीढ़ की हड्डी, दोनों कंधों और हैमस्ट्रिंग यानि घुटने के पीछे की नस पर प्रभाव पड़ता है और खिंचाव आता है। इससे घुटनों को मजबूती भी मिलती है और पाचन प्रणाली बेहतर भी होती है।
कैसे करना है आसन ?
यहां भी सबसे पहले आप सीधे खड़े हो जाएं और अपने दोनों पैरों को जिनता हो सके खोलकर फैला लें ।
फिर अपने बाएं पैर को दो फीट पीछे धकेलें, फिर अपने बाएं घुटने को 60 डिग्री भीतर मोड़ लें। अब दाहिने पैर को सीधा करें और सामने की ओर ले आएं ।
इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि अपने घुटनों को ऊपर की ओर खींचकर रखें । अब कमर के ऊपरी बाग को आगे की ओर खींचें।
अब धीरे-धीरे सांस छोड़ें और दाहिने पैर को आगे की ओर झुकाएं ।
अब आपके कूल्हों पर खिंचाव आएगा, लेकिन आपको यह कोशिश अवश्य करनी है कि दोनों ही तरफ कूल्हे बराबर अवस्था में हों ।
अब अपनी जांघों को भीतर की ओर खींचें । जितना आगे की ओर झुक सकते हैं, उतना ही झुकें, क्योंकि खिंचाव अधिक होने से दिक्कत हो सकता है ।
अब इसी योग मुद्रा में 30सेकेंड तक बने रहे और धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए सीधा हो जाएं ।
घुटनों में दर्द का होना बहुत पीड़ादायक होता है, इसलिए समय पर डॉक्टरी परामर्श और दवाईयों के सेवन से इससे मुक्ति मिल सकती है । घुटनों में दर्द होने के लक्षण तो कुछ खास नही होते, बस अगर दर्द लंबे समय से हैं और सामान्य सेक व मालिश से ठीक नहीं हो रहा तो फौरन डॉक्टर को दिखाएं ।
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