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गर्भपात के बाद पीरियड कितने दिन तक रहता है?
आमतौर पर गर्भपात होने के बाद लगभग दो हफ्ते तक ब्लीडिंग होना सामान्य बात है। सर्जिकल अबॉर्शन में ब्लीडिंग कम होती है, लेकिन दवाओं से किए एबॉर्शन में लगभग 9 दिनों तक ब्लीडिंग होती है।

गर्भपात के कितने दिन बाद पीरियड आता है

गर्भपात महिला के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से दुखदाई होता है। कभी महिला को स्वत: गर्भपात हो जाता है, तो कभी कुछ मेडिकल कंडीशन के चलते गर्भपात करवाना पड़ता है। इस दौर में महिला को कैसे खुद का ख्याल रखना चाहिए और किन बातों पर ध्यान देना जरूरी है, यह सब हम इस लेख में बता रहे हैं। साथ ही गर्भपात के कितने दिन बाद पीरियड आता है और गर्भपात के बाद घरेलू उपचार से जुड़ी जानकारी भी यहां साझा की गई है।

चलिए, तो लेख में आगे बढ़ते हुए सबसे पहले गर्भपात के लक्षण पर एक नजर डालते हैं। उसके बाद अन्य बातों पर चर्चा करेंगे।
गर्भपात के बाद इन लक्षणों का अनुभव होना सामान्य है | Normal Miscarriage Symptoms in Hindi

मिसकैरेज के बाद महिला में ढेरों शारीरिक और मानसिक लक्षण नजर आते हैं। इनमें से कौन-से लक्षण गर्भपात के बाद सामान्य हैं, यह समझना जरूरी है। चलिए, आगे जानते हैं गर्भपात के बाद सामान्य लक्षण, जिनका अनुभव महिला को हो सकता है।

पेट में पीरियड्स जैसे ऐंठन या उससे भी तेज ऐंठन और दर्द होना।
3 से 6 हफ्ते तक रक्तस्राव या स्पॉटिंग होना। कभी-कभी खून के छोटे थक्के दिखना।
पहले महीने में गर्भपात के लक्षण में हल्की स्पॉटिंग होती है।
गर्भपात के लक्षण में कभी उदासी और कभी दुख और कभी रिलैक्स फील हो सकता है।
6 सप्ताह में गर्भपात के लक्षणों में दिमाग में हर समय कुछ-न-कुछ चलना और स्ट्रेस शामिल है। अगर यह भावनाएं कुछ समय बाद खत्म नहीं होती, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें। इससे डिप्रेशन में जाने से बचा जा सकता है।
पहले महीने में गर्भपात के लक्षण में पीठ दर्द भी शामिल है। यह दर्द तीव्र भी हो सकता है।
6 सप्ताह में गर्भपात के लक्षण में पेट में तीव्र संकुचन होना शामिल है। पहले महीने में गर्भपात के लक्षण में भी यह शामिल है।
सफेद और गुलाब वजाइनल डिस्चार्ज हो सकता है।
गर्भपात के बाद कमजोरी हो सकती है।
पहले महीने में गर्भपात के लक्षण में स्तनों में दर्द व सूजन शामिल है।
कुछ महिलाओं को बुखार आ सकता है, यह इंफेक्शन का संकेत होता है, इसलिए तुरंत हॉस्पिटल जाएं।

गर्भपात के बाद पूरी तरह से ठीक होने में कितना समय लगेगा? | Recovery time after a Miscarriage in Hindi

गर्भपात से पूरी तरह ठीक होने में कितना समय लगता है, इसका जवाब बहुत सी बातों पर निर्भर करता है। जैसे कि महिला का गर्भपात किस महीने में हुआ, गर्भपात कैसे हुआ (मेडिकल, सर्जिकल या प्राकृतिक), गर्भधारण करने में कितनी दिक्कतें आईं थीं, गर्भपात के कारण, आदि। माना जाता है कि महिला की गर्भवस्था जितनी लंबी होती है, गर्भपात के दर्द से पूरी तरह बाहर निकलने में उतना ही ज्यादा वक्त लगता है।

सामान्य तौर पर बात करें, तो शरीर को गर्भपात से उबरने में दो हफ्ते का समय लग सकता है। अगर गर्भावस्था काफी लंबी थी, तो यह वक्त एक महीने तक खींच सकता है। मानसिक व भावनात्मक रूप से गर्भपात से उबरने में एक से दो महीने का समय लग सकता है।

गर्भपात के बाद भावनात्मक रूप से कैसा महसूस होगा? | Emotions after a Miscarriage in Hindi

गर्भपात के बाद महिला को भावनात्मक रूप से अजीब-सा महसूस होता है। कभी उन्हें दुख व शोक का एहसास होता है। कभी चिंता और तनाव होने लगता है, तो कभी वो गर्भपात के लिए खुद को जिम्मेदार समझने लगती है। इस अपराधबोध के भाव के चलते दिमाग में बहुत-सी बातों का घूमना, रोना और उदासी का महिला सामना कर सकती है।

इन भावनाओं के चलते गर्भपात के बाद डिप्रेशन, आत्मसम्मान की कमी, बुरे सपने आना, रात को चौंकना व डर कर उठ जाना, खाना अधिक खाने लगना व कम खाने लगना, आदि दिक्कतें भी होती हैं।

गर्भपात के बाद ब्लीडिंग कब तक होती है? | Abortion Ke Baad Bleeding Kab Tak Hoti Hai | Bleeding After a miscarriage in Hindi

गर्भपात के बाद ब्लीडिंग एक-दो दिन से लेकर दो हफ्ते तक हो सकती है। अगर गर्भपात पहले या दूसरे महीने में हुआ हो, तो योनि से रक्तस्राव कम होता है। इसके बाद अगर गर्भपात हो तो 9 से 14 दिनों तक रक्तस्राव हो सकता है। अगर सर्जरी के माध्यम से एबॉर्शन कराया गया है, तो बाद में हल्का रक्तस्राव ही होता है।

दवाओं का सेवन करके एबॉर्शन कराया गया है, तो 5-10 दिन तक रक्तस्राव होता है। कुछ मामलों में गर्भपात के बाद महिलाओं को 45 दिनों तक योनि से रक्तस्राव हो सकता है। रिसर्च पेपर बताते हैं कि ऐसा कुछ दुर्लभ मामलों में ही होता है।

गर्भपात के बाद गर्भाशय की सफाई – Uterine cleaning after abortion in Hindi

गर्भपात के बाद गर्भाशय की सफाई करवाना बहुत जरूरी है। इससे अंदर बच्चे की कोशिकाओं और रक्त को पूरी तरह से साफ हो जाता है। अगर यह सफाई न कराई जाए, तो इंफेक्शन और अन्य बीमारियां होने का खतरा रहता है। गर्भपात के बाद गर्भाशय की सफाई करवाने की प्रक्रिया को डाइलेशन एंड क्यूरेटेज (D & C – Dilation and Curettage) कहा जाता है।

गर्भाशय की सफाई करने के लिए गर्भाशय ग्रीवा (cervix) में एक चम्मच की तरह दिखने वाला औजार डाला जाता है। इस औजार की मदद से डॉक्टर गर्भपात के बाद गर्भाशय ग्रीव में मौजूद बच्चे से संबंधित कोशिकाओं को बाहर निकालते हैं। साथ ही गर्भाशय ग्रीवा में इंफेक्शन की जांच भी करते हैं। आग जानते हैं कि गर्भपात के कितने दिन बाद पीरियड आता है।

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