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गर्दन की मांसपेशियां मजबूत करने हेतु आसन और व्यायाम
भूमि पाद मस्तकासन जमीन पर पैर और सिर की स्थिति
वृक्षासन-भिन्न प्रकार वृक्ष -भिन्न प्रकार
पाद-प्रसार पुरनुत्थानासन हाथ-पैरों को फैलाकर
भुजंगासन-भिन्न प्रकार कोबरा (नाग)-भिन्न प्रकार
मार्जरी आसन
मार्जरी आसन या चाइल्ड पोज योग का अभ्यास गर्दन की समस्याओं से राहत दिलाने में आपकी मदद कर सकती है। सामान्यतौर पर इस योगाभ्यास को पीठ और पेट के लिए फायदेमंद माना जाता है, पर इस अभ्यास के दौरान गर्दन की भी स्ट्रेचिंग हो जाती है। मार्जरी आसन के नियमित अभ्यास से गर्दन के तनाव, अकड़न और दर्द को दूर करने में मदद मिल सकती। यह अभ्यास दर्द को कम करने के साथ लचीलेपन को बढ़ावा देता है।
शवासन योग
गर्दन के दर्द की रोकथाम के लिए कोबरा पोज़ बहुत अच्छा अभ्यास है, यह गर्दन की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है। मजबूत मांसपेशियां लंबे समय तक गर्दन के दर्द को रोकने में मदद करती हैं। पेट के बल लेटकर छाती को ऊपर उठाने की स्थिति में गर्दन और रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ता है, जिससे इन मांसपेशियों का सक्रियता बढ़ती है और तनाव कम होता है। शवासन योग का अभ्यास गर्दन के दर्द और अकड़न से राहत दिलाने में काफी फायदेमंद है।
नटराजसन योग
नटराजसन (रेक्लाइनिंग ट्विस्ट) पोज शारीरिक मुद्रा में सुधार करने के साथ रीढ़ को फैलाने, मांसपेशियों के तनाव को कम करने, गर्दन के दर्द से राहत दिलाने और मन को शांत करने के लिए काफी फायदेमंद है। गर्दन के साथ यह योग आपके कंधे, पीठ, हाथ और पैरों को भी मजबूत बनाता है। इस आसन को मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर वजन घटाने में भी मददगार माना जाता है। शरीर के लिए इस योग का अभ्यास कई तरह से लाभप्रद हो सकता है।
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