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क्या हर्निया के मरीज कपालभाति कर सकते हैं? जानें सावधानियां

Can Hernia Patient Do Kapalbhati: हर्निया के मरीजों के लिए कुछ योगासन बहुत फायदेमंद होते हैं, जानें क्या हर्निया के मरीज कपालभाति कर सकते हैं?
Can Hernia Patient Do Kapalbhati Pranayam: शरीर को फिट और हेल्दी रखने के लिए नियमित रूप से योग और ध्यान का अभ्यास करना बहुत फायदेमंद माना जाता है। नियमित रूप से योगासनों का अभ्यास करने से शरीर की बीमारियों से रक्षा होती है और शरीर फिट रहता है। लेकिन कुछ बीमारियां और समस्याएं ऐसी हैं, जिनमें योगाभ्यास और ध्यान आदि का अभ्यास करना नुकसानदायक हो सकता है। कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। शरीर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक रखने और पेट से जुड़ी परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए कपालभाति का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है। लेकिन कई लोगों का यह सवाल है कि क्या हर्निया की समस्या में कपालभाति का अभ्यास कर सकते हैं? आइए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में।
क्या हर्निया में कपालभाति कर सकते हैं?- Can You Do Kapalbhati in Hernia?

कपालभाति प्राणायाम श्वसन तंत्र को ठीक रखने, मेटाबॉलिज्म में सुधार करने, शरीर का ब्लड सर्कुलेशन ठीक रखने और गैस या एसिडिटी की समस्या से छुटकारा पाने के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसका अभ्यास फेफड़ों को हेल्दी रखने के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। लेकिन हर्निया की समस्या में कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास नुकसानदायक हो सकता है। सही ढंग से इसका अभ्यास न करने से हर्निया के मरीजों को परेशानियां भी हो सकती हैं। चूंकि कपालभाति प्राणायाम में शरीर के आंतरिक अंगों का मूवमेंट तेजी से होता है, इसलिए हर्निया के मरीजों को परेशानी होने पर कपालभाति का अभ्यास न करने की सलाह दी जाती है। अगर आपकी हर्निया की सर्जरी हुई है तब भी कुछ महीनों तक कपालभाति का अभ्यास न करने की सलाह दी जाती है।


हर्निया में कौन से योग कर सकते हैं?- Yoga for Hernia Patients in Hindi

हर्निया की समस्या में कुछ योगासनों का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है। हर्निया की समस्या ज्यादातर बच्चों में 10 साल की उम्र से पहले और वयस्कों में 40 साल की उम्र के बाद देखने को मिलती है। ज्यादातर लोगों में यह समस्या गंभीर रूप में पहुंच जाती है और लास्ट में सर्जरी के माध्यम से इलाज किया जाता है। लेकिन शुरूआती स्टेज में ही इस बीमारी के लक्षणों को पहचानकर खानपान, जीवनशैली में सुधार और नियमित योगाभ्यास करने से आप इस बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं। हर्निया के मरीज इन योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं-

मंडूकासन
शशकासन
वक्रासन
गौमुखासन
ताड़ासन
तिर्यक ताड़ासन
पश्चिमोत्तासन
भूनमन आसन
मर्कटासन

हर्निया की समस्या कई कारणों से हो सकती है। इस बीमारी में मरीजों को खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए और बहुत भारी चीजों को उठाने से बचना चाहिए। हर्निया की बीमारी जब गंभीर रूप धारण कर लेती है, तो डॉक्टर सर्जरी के माध्यम से इसका इलाज करते हैं। हर्निया के लक्षण दिखने पर डॉक्टर की सलाह लेकर इलाज जरूर लेना चाहिए।

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