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एक्टोपिक प्रेगनेंसी में फैलोपियन ट्यूब में ही बढ़ने लगता है बच्चा, ऐसे दिखते हैं एक्टोपिक प्रेगनेंसी के शुरुआती लक्षण
अगर समय रहते एक्टोपिक प्रेगनेंसी का पता न लगाया जाए तो फैलोपियन ट्यूब फट सकती है और महिला की जान जा सकती है।
एक महिला प्रेगनेंट तब होती है जब एग और स्पर्म फैलोपियन ट्यूब में मिलते हैं और यूट्रस में जाकर एम्ब्र्यो बनते हैं। लेकिन जब महिला का एग और पुरुष का स्पर्म फैलोपियन ट्यूब में फर्टिलाइज होकर यहीं चिपक जाता है तो इस स्थिति में भी महिला प्रेगनेंट हो जाती है लेकिन इसे एक्टोपिक प्रेगनेंसी (Ectopic Pregnancy) कहते हैं। क्या होती है एक्टोपिक प्रेगनेंसी? (What Is Ectopic Pregnancy) इसमें फर्टिलाइज एग इतना कमजोर होता है कि वो बच्चेदानी तक पहुंच ही नहीं पाता है और उसके आसपास के अंगों जैसे कि फैलोपियन ट्यूब, एबडोमिनल कैविटी या सर्विक्स के साथ चिपकर बढ़ा होने लगता है। इस स्थिति का अंजाम ज्यादातर मिसकैरेज के साथ होता है। जब डॉक्टर को ब्लड टेस्ट रिपोर्ट नॉर्मल नहीं दिखती हैं या अल्ट्रासाउंड में भी भूण्र नहीं दिखता है तो ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड (Vaginal Ultrasonography) कर एक्टोपिक प्रेगनेंसी का पता लगाया जाता है। इस जांच में छड़ी जैसे एक उपकरण को महिला की फैलोपियन ट्यूब में डालकर यूट्रस की जांच की जाती है। अगर समय रहते एक्टोपिक प्रेगनेंसी का पता न लगाया जाए तो फैलोपियन ट्यूब फट सकती है और महिला की जान जा सकती है।
किसे होता है एक्टोपिक प्रेगनेंसी का ज्यादा खतरा? (Who Is At Higher Risk Of Ectopic Pregnancy)
एक्टोपिक प्रेगनेंसी का अंत 90 प्रतिशत तक मिसकैरेज के रूप में होता है। क्योंकि जहां (फैलोपियन ट्यूब, एबडोमिनल कैविटी या सर्विक्स) ये एग फर्टिलाइज होता है वहां इतनी जगह नहीं होती है कि वो एम्ब्र्यो को पाल सके। नतीजन मिसकैरेज कराना पड़ता है या फिर महिला अपने कुछ अंगों को खो देती है। किसे है एक्टोपिक प्रेगनेंसी का ज्यादा खतरा? जिन महिलाओं को पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (महिला के रिप्रोडक्शन सिस्टम में इंफेक्शन, सेक्सुअल संबंध बनाते वक्त वजाइना के द्वारा गर्भ, फैलोपियन ट्यूब या ओवेरीज में बैक्टीरिया जाना) रही हो, जिनका कोई पेट का ऑपरेशन हुआ हो या फिर पहले एक्टोपिक प्रेगनेंसी रही हो उन्हें फिर से एक्टोपिक प्रेगनेंसी का खतरा हो सकता है।
एक्टोपिक प्रेगनेंसी के लक्षण (Symptoms Of Ectopic Pregnancy)
वजाइना से हल्की ब्लीडिंग होना
पेल्विक पेन होना
चक्कर आना या सिर घूमना
पेट के एक हिस्से में तेज दर्द होना
कंधों या गर्दन में दर्द होना
उल्टी होना, जी मचलना या पेट में अजीब दर्द होना
क्या एक्टोपिक प्रेगनेंसी होने के बाद दोबारा मां बन सकते हैं?
कई महिलाएं इस बात से डरी रहती है कि क्या एक बार एक्टोपिक प्रेगनेंसी के बाद फिर से मां बना जा सकता है? आपको बता दें कि ऐसा बिल्कुल संभव है। हर महिला के शरीर में दो फैलोपियन ट्यूब होती है। अगर किसी कारण से ऑपरेशन के बाद आपकी 1 फैलोपियन ट्यूब खराब भी हो गई है तो महिला भविष्य में दूसरी फैलोपियन ट्यूब की मदद से फिर से मां बन सकती है।
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