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स्वस्थ और संतुलित खानपान अपनाएं।

अपने भोजन में कैल्शियम, प्रोटीन,विटमिन और मिनरल्स को प्रमुखता से शामिल करें। आमतौर पर मिल्क प्रोडक्ट्स, फल, हरी सब्जि़यों, ड्राई फ्रूट्स, अंडा, चिकेन और मछली से शरीर को इन आवश्यक तत्वों का पोषण मिल जाता है।

कुकिंग के दौरान घी, तेल, मैदा और चीनी का इस्तेमाल सीमित मात्रा में करें।

स्पॉन्डिलाइटिस डाइट चार्ट में ओमेगा 3 एस है काफी कारगर -

कुछ तथ्यों से पता चला है कि ओमेगा 3 सप्लीमेंट का सेवन कर स्पॉन्डिलाइटिस बीमारी के लक्षणों को कम किया जा सकता है। वहीं इन खाद्य पदार्थों में काफी मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं।

वैसे खाद्य पदार्थ जिनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है

फ्लैक्स सीड्स (अलसी का बीज)
वॉलनट्स (अखरोट)
सोयाबीन, कैनोला, फ्लैक्स सीड्स ऑयल
सालमन मछली और टूना के जैसे कोल्ड वाटर फिश
चिया सीड्स

वहीं कुछ खाद्य पदार्थ में ओमेगा-3 फैटी एसिड काफी कम मात्रा में पाया जाता है। इनमें पत्ता गोभी, केल, पालक और हरी सलाद जैसे तत्व आते हैं। इसका सेवन करना भी फायदेमंद होता है।

फलों और सब्जियों का करें सेवन

ज्यादा से ज्यादा फलों और सब्जियों का सेवन कर हम ज्यादा मात्रा में विटामिन और मिनरल्स का सेवन कर सकते हैं और स्वस्थ रह सकते हैं। बिना कैलोरी और न्यूट्रीशन के पैक किए हुए स्नैक्स की तुलना में फलों और सब्जियों का सेवन बेहतर विकल्प होता है।

स्पॉन्डिलाइटिस डाइट चार्ट के तहत बीमारी के लक्षणों को कम करने के लिए आपको रोजाना हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए। वहीं सर्दियों के दिनों में वेजिटेबल सूप का सेवन कर गर्म रहा जा सकता है।

स्पॉन्डिलाइटिस डाइट चार्ट में बताई गई खाद्य सामग्री और न्यूट्रिएंट्स

स्पॉन्डिलाइटिस की बीमारी से ग्रसित लोगों को डाइट में बताई गई खाद्य सामग्री और न्यूट्रिएंट्स को शामिल करना चाहिए। इससे बीमारी के लक्षणों में कमी आती है।इसको लेकर बेहद कम ही साक्ष्य मौजूद हैं। ऐसे में बेहतर यही है कि स्पॉन्डलाइटिस की बीमारी से ग्रसित लोग इस प्रकार की डाइट का सेवन करने के साथ पारंपरिक उपचार भी करवाएं ताकि लक्षणों को कम किया जा सके। वहीं डाइट संबंधी बदलाव एलर्जी सहित सेफ्टी मेजर्स को देखकर भी करना चाहिए।

साबुत अनाज का करें सेवन

स्पॉन्डिलाइटिस डाइट चार्ट में कोशिश यही रहनी चाहिए कि लोग ब्राउन राइस, कॉर्न, बकवीट और ओटमील को शामिल करें। इसमें हाई फाइबर होने के साथ न्यूट्रिएंट्स मौजूद होते हैं। यह हमारे शरीर में सूजन व दर्द कम करने में मदद पहुंचाते हैं। वहीं कई लोग वैसे अनाज का सेवन करते हैं जिसमें ग्लूटेन होता है, जैसे आटा, राइ, जौ को शामिल करते हैं। इससे भी स्पॉन्डलाइटिस के लक्षण कम होते हैं।

कैल्शियम रिच फूड का करें सेवन

स्पॉन्डिलाइटिस डाइट चार्ट को अपनाने के लिए लोगों को कैल्शियम रिच फूड का सेवन करना चाहिए। इससे हड्डियों में मजबूती हासिल होती है। हमारी हड्डियों की स्ट्रेंथ को मजबूत करने के लिए कैल्शियम बहुत ही जरूरी है। बता दें कि कैल्शियम हमें कई खाद्य पदार्थों से मिलता है, जैसे


हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे केल और वाटर क्रिस
हरी गोभी
चायनीज कैबेज
लो फैट डेयरी प्रोडक्ट
फोर्टिफाइड प्लांट मिल्क
आलमंड
केन सार्डिनेस (हड्डियों के साथ)
फोर्टिफाइड टोफू
फोर्टिफाइड सीरियल्स

शरीर में न होने दे विटामिन डी की कमी

विटामिन डी हमारे शरीर के लिए बेहद ही जरूरी होता है। यह शरीर में कैल्शियम और जरूरी न्यूट्रिएंट्स को एब्जॉर्ब करने में मदद करता है। स्पॉन्डिलाइटिस डाइट चार्ट में इसे शामिल कर हम न्यूट्रिएंट्स हासिल करने के साथ मजबूत हड्डियां पा सकते हैं। 2015 में हुए शोध के अनुसार वैसे व्यक्ति जिनके शरीर में विटामिन डी की अत्यधिक मात्रा होती है उन्हें स्पॉन्डिलाइटिस की बीमारी होने का खतरा भी कम होता है। ऐसे लोगों में इस प्रकार की परेशानी भी कम देखने को मिलती है।

हम सूर्य की किरणों से विटामिन डी लेने के साथ कुछ खाद्य पदार्थों से भी इसे ले सकते हैं, ऐसे में आप चाहें तो स्पॉन्डिलाइटिस डाइट चार्ट में इन खाद्य पदार्थों को शामिल कर सकते हैं। जैसे

फिश और सी फूड
एग यॉल्क
कॉडलिवर ऑयल
फोर्टिफाइड प्रोडक्ट जैसे जूस, सीरियल्स, डेयरी, प्लांट बेस्ड मिल्क और टोफू

हर्ब और मसाले का भी है अहम योगदान

स्पॉन्डिलाइटिस डाइट चार्ट में आप हर्ब और स्पाइसेज को भी शामिल कर सकते हैं। क्योंकि कुछ औषधियों व मसालों में एंटी इम्फ्लामेटरी गुण होते हैं। जैसे-

लहसुन : लहसुन में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।
अदरक : वर्षों से लोग दर्द निवारण के लिए अदरक का इस्तेमाल करते आ रहे हैं।
हल्दी : हल्दी में सबसे अहम तत्व करक्यूमिन (curcumin) पाया जाता है। यह शरीर में सूजन को कम करने में काफी मददगार साबित होता है।

स्पॉन्डिलाइटिस डाइट चार्ट में इन खाद्य पदार्थों का करें सेवन


फ्रूट्स
हरी सब्जियां
नट्स और सीड्स
अंडे
मछली
लीन मीट
लो फैट डेयरी



गेहूं और ग्लूटेन : गेहूं, राई और जौ में ग्लूटेन नामक तत्व पाया जाता है। कुछ लोगों में इसका सेवन करने के कारण उनके लक्षण बढ़ सकते हैं। वहीं वैसे लोग जो रूमेटाइड अर्थराइटिस की बीमारी से ग्रसित होते हैं उनको ग्लूटेन फ्री डाइट का सुझाव दिया जाता है। वहीं स्पॉन्डिलाइसिस की बीमारी में भी लोगों को ग्लूटेन फ्री डाइट का सेवन करने की सलाह दी जाती है।


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