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तापघात (हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•) या लू लगना कà¥à¤¯à¤¾ है? | Bacho Ko Lu Lagna
हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• को सन सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• के नाम से à¤à¥€ जाना जाता है। यह गरà¥à¤®à¥€ की वजह से होने वाली बीमारी है, जिसमें शरीर का तापमान सामानà¥à¤¯ से बढ़ जाता है। बताया जाता है कि इस दौरान शरीर का तापमान 40 डिगà¥à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¸ से ऊपर पहà¥à¤‚च सकता है (1)।
यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ तब उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है, जब शरीर अपने तापमान को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ नहीं कर पाता। à¤à¤¸à¥‡ में सदमा लगने, मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• कà¥à¤·à¤¤à¤¿, अंग विफलता और यहां तक कि मृतà¥à¤¯à¥ à¤à¥€ हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में सूरज के संपरà¥à¤• में आने से बचने और शरीर को ठंडा रखकर इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से बचा जा सकता है (2)।
लेख के अगले हिसà¥à¤¸à¥‡ में हम लू के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में बता रहा हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को तापघात (हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•) या लू के लकà¥à¤·à¤£
तापघात व हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में जानकर इसका सही इलाज करने और अनचाही दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ को टालने में मदद मिल सकती है। इसके लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं (2):
बà¥à¤–ार आने से शरीर का तापमान 104 डिगà¥à¤°à¥€ फरेनहाइट (40 डिगà¥à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¸) से अधिक होना
तà¥à¤µà¤šà¤¾ का शà¥à¤·à¥à¤•, लाल या गरà¥à¤® होना
बहोशी या à¤à¥à¤°à¤® की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿
वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में चिड़चिड़ापन
बचà¥à¤šà¥‡ की धड़कन, पलà¥à¤¸ व सांसों का तेज होना
सिरदरà¥à¤¦, चकà¥à¤•र आना और उलà¥à¤Ÿà¥€ होना
कमजोरी का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸
चलिà¤, आगे तापघात होने के कारण पर à¤à¤• नजर डाल लेते हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को तापघात (हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•) या लू के कारण
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को तापघात से बचाने के लिठउसके कारण से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जानकारी होना जरूरी है। इसी वजह से आगे हम तापघात के कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ कारण के बारे में बता रहे है (2) (3):
पानी की कमी : सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शरीर का तापमान 37°C के आसपास रहता है, लेकिन जब यह तापमान बढ़ने लगता है, तो शरीर पसीने की मदद से बॉडी को ठंडा करता है। à¤à¤¸à¥‡ में अगर किसी के शरीर में पानी की कमी होती है, तो शरीर खà¥à¤¦ को ठंडा नहीं कर पाता और तापमान लगातार बढ़ता रहता है।
à¤à¤¯à¤° फà¥à¤²à¥‹ की कमी : अगर बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¤¸à¥€ किसी जगह पर है जहां हवा ठीक से पास नहीं होती, तो à¤à¥€ उसे हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• हो सकता है। शरीर के तापमान को सामानà¥à¤¯ रखने के लिठहवादार जगह में रहना चाहिà¤à¥¤
धूप : जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक धूप में रहने से à¤à¥€ हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• होता है। खासकर गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मौसम में दोपहर की धूप तापघात का कारण बनती है।
गरà¥à¤® जगह : बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¤¸à¥€ किसी जगह में है जहां काफी गरà¥à¤®à¥€ है, तो उससे à¤à¥€ तापघात का खतरा बढ़ जाता है। à¤à¤¸à¤¾ समानà¥à¤¯à¤¤: तब होता है जब बचà¥à¤šà¥‡ को गरà¥à¤®à¥€ सहने की आदत न हो।
आग के सामने होना : आसपास लगी आग के कारण पैदा होने वाली गरà¥à¤®à¥€ शरीर को डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ करती है, जिससे हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• हो सकता है।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤® कपड़े पहनना : अगर बचà¥à¤šà¥‡ ने जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤® कपड़े पहने हैं, तो उससे शरीर का तापमान बà¥à¤¤à¤¾ है और तापघात का खतरा हो सकता है।
आगे जानिठहीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• का निदान कैसे किया जाता है।
कैसे पता चलेगा कि शिशॠको लू या हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• हो गया है?
हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• व लू लगने का पता लगाने यानी निदान करने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤› इस तरह की सलाह दे सकते हैं या फिर जांच कर सकते हैं (4)।
शरीर का तापमान : बचà¥à¤šà¥‡ के तापमान की जांच करके पता लगाया जाता है कि हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• हà¥à¤† है या नहीं। इस दौरान शरीर का तापमान 40 डिगà¥à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¸ (104 फरेनहाइट) या उससे अधिक हो जाता है।
बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ : कंपà¥à¤²à¥€à¤Ÿ बà¥à¤²à¤¡ काउंट टेसà¥à¤Ÿ (CBC) और कॉमà¥à¤ªà¥à¤°à¤¿à¤¹à¥‡à¤‚सिव मेटाबोलिक पैनल (CMP) टेसà¥à¤Ÿ से à¤à¥€ लू और इसके कारण शरीर में होने वाले बदलाव का पता लगाया जा सकता है।
पीटी व पीटीटी टेसà¥à¤Ÿ : पà¥à¤°à¥‹à¤¥à¥‰à¤®à¥à¤¬à¤¿à¤¨ टाइम और पारà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤² थà¥à¤°à¥‹à¤®à¥à¤¬à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ टाइम (PT/PTT) टेसà¥à¤Ÿ, जिससे रकà¥à¤¤ के जमाव का समय देखा जाता है और कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨ फॉसà¥à¤«à¥‹à¤•ाइनेज (CPK- à¤à¤• तरह का पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ) से à¤à¥€ तापाघात और उससे हà¥à¤ अंदरूनी नà¥à¤•सान का पता लगाया जाता है।
गैस कंटेंट टेसà¥à¤Ÿ : रकà¥à¤¤ में गैस की जांच, जिससे लू के कारण केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° को हà¥à¤ नà¥à¤•सान का पता लगाया जा सकता है।
यूरिन टेसà¥à¤Ÿ : इस टेसà¥à¤Ÿ का नाम यूरिन मायोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ है। इससे हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• से होने वाले किडनी और मसल डैमेज को चेक किया जाता है।
लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में हम तापघात को ठीक करने के उपाय बता रहे हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को लू लगने पर कà¥à¤¯à¤¾ करें?
लू लगने पर कà¥à¤› पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• उपचार की मदद से सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जा सकता है। ये तरीके कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं (2):
सबसे पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° को कॉल करें और उनसे परामरà¥à¤¶ लें।
बचà¥à¤šà¥‡ के सारे कपड़े उतार दें या उसे कम कपड़ों में रहने दें।
बचà¥à¤šà¥‡ को किसी छाया और ठंडी जगह में ले जाà¤à¤‚।
हवादार जगह पर बचà¥à¤šà¥‡ को रखें।
बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर का तापमान नीचे लाने के लिठठंडे पानी की पटà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ उसके सिर, हाथ व पैर पर रखें।
बचà¥à¤šà¥‡ को डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ से बचाने के लिठसमय-समय पर पानी पिलाà¤à¤‚। अगर बचà¥à¤šà¤¾ बेहोश हो गया है, तो उसे कà¥à¤› à¤à¥€ न पिलाà¤à¤‚।
आगे जानिठकà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ घरेलू उपचार जिनकी मदद से लू के असर को कम किया जा सकता है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को लू लगने पर घरेलू उपाय
यहां हम लू व तापाघात की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठकà¥à¤› घरेलू उपचार बता रहें है। इनकी मदद से बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर के तापमान को कà¥à¤› कम किया जा सकता है।
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का रस : पà¥à¤¯à¤¾à¤œ के रस को हाथ-पैर, छाती और कान के पीछे लगाकर शरीर के तापमान को थोड़ा कम किया जा सकता है (5)। बताया जाता है कि इसकी तासीर ठंडी होती है, जिस वजह से यह हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• से बचाव कर सकता है।आम पनà¥à¤¨à¤¾ : कचà¥à¤šà¥‡ आम से बना पनà¥à¤¨à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ को पिलाकर à¤à¥€ उसकी बॉडी की हीट को कà¥à¤› कम कर सकते हैं। दिनà¤à¤° में दो से तीन बार बचà¥à¤šà¥‡ को आम पनà¥à¤¨à¤¾ पिलाà¤à¤‚। कचà¥à¤šà¤¾ आम यानी कैरी शरीर को ठंडा रखने में मदद कर सकती है (5)।
तà¥à¤²à¤¸à¥€ का रस : तà¥à¤²à¤¸à¥€ की सहायता से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर के टेमà¥à¤ªà¤°à¥‡à¤šà¤° को कम किया जा सकता है। इसमें शरीर को ठंडा रखने का गà¥à¤£ होता है। साथ ही यह पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक सन सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ की तरह à¤à¥€ काम करता है और बॉडी को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤® होने से रोक सकता है (5)।
छाछ : शरीर के बढ़ते तापमान को कम करने का गà¥à¤£ छाछ में à¤à¥€ होता है। इसी वजह से हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• होने पर दिनà¤à¤° में दो से तीन बार छाछ पीने की सलाह दी जाती है (5)।
खीरा: खीरा की तासीर à¤à¥€ ठंडी होती है। साथ ही इसमें à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पानी होता है, जिस वजह से यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है। इसे हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• के लिठअचà¥à¤›à¤¾ माना जाता है। इसके लिठखीरे को सलाद के रूप में खाया या फिर इसका जूस बनाकर बचà¥à¤šà¥‡ को पीला सकते हैं (5)।
इमली का पानी : बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को इमली खाना खूब पसंद होती है। आप हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• के असर को कम करने के लिठइमली पानी बचà¥à¤šà¥‡ को दे सकते हैं। इमली विटामिन, खनिज और इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥à¤¸ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती है, जो कमजोरी को à¤à¥€ दूर कर सकती है। इमली को गरà¥à¤® पानी में à¤à¥€à¤—ोकर रखने के बाद उस पानी में à¤à¤• चà¥à¤Ÿà¤•ी चीनी डालकर बचà¥à¤šà¥‡ को दे सकते हैं (5)।
नारियल पानी : बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को नारियल पानी पिलाकर à¤à¥€ उनके शरीर को ठंडा किया जा सकता है। इसमें शरीर के पितà¥à¤¤ को घटाने और बà¥à¤–ार को कम करने का गà¥à¤£ होता है। साथ ही इससे शरीर को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ करने में à¤à¥€ मदद मिलती है (5)।
चंदन का पेसà¥à¤Ÿ : चंदन को सबसे अचà¥à¤›à¥€ कूलिंग औषधि माना गया है। इसी वजह से हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• होने पर इसके पेसà¥à¤Ÿ को शरीर पर लगाकर तापमान को कम किया जाता है। अगर लू लगने से उलà¥à¤Ÿà¥€ आ रही है, तो 20 ml आंवला के जूस में 5 g चंदन पाउडर डालकर बचà¥à¤šà¥‡ को पीला सकते हैं (5)।
अब आगे हम हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• से बचने के तरीकों के बारे में बता रहे हैं।
शिशॠको तापघात से कैसे बचाà¤à¤‚?
आइठअब हम कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ उपायों के बारे में जानते हैं, जिनसे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को लू लगने से पहले ही बचाया जा सकता है। ये उपाय कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं (2) (6) :
शिशॠको समय-समय पर पानी पिलाà¤à¤‚ और उनके शरीर में पानी की कमी न होने दे।
ढीले और हलà¥à¤•े रंग के कपड़े पहनाà¤à¤‚।
गरà¥à¤®à¥€ के दिनों में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर धूप में न रखें। खासकर दोपहर के समय।
कà¤à¥€ à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ व शिशॠको पारà¥à¤• की हà¥à¤ˆ कार में अकेला न छोड़ें। कार में तापमान बहà¥à¤¤ तेजी से बà¥à¤¤à¤¾ है। इससे हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• होने के साथ ही जान जाने का à¤à¥€ डर रहता है।
अगर बचà¥à¤šà¤¾ बड़ा हो गया है, तो उसे बताठकि खेलते समय वो थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीता रहे और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ थकान या गरà¥à¤®à¥€ लगने पर छाया में आराम करें।
आगे जानिठकि लू लगने के बाद किन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बचà¥à¤šà¥‡ को डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाना चाहिà¤à¥¤
डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कब परामरà¥à¤¶ करें?
तापघात या लू लगने पर थोड़ी à¤à¥€ लापरवाही न बरतें। हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• के लकà¥à¤·à¤£ नजर आते ही बचà¥à¤šà¥‡ को डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚ या फिर उनसे सलाह लें (2)।
बचà¥à¤šà¥‡ को बà¥à¤–ार आने पर
धूप में बचà¥à¤šà¥‡ के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक रहने के बाद
कमजोरी और बेहोशी होने पर
पसीना न आना व तà¥à¤µà¤šà¤¾ का रूखा होना पर
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दौरा पड़ने पर
बेमतलब की बातें करना और चिड़चिड़ा रहना।
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