छोटे बच्चे का सिर गर्म क्यों रहता है?HealthPlanet

Posted on Sat 17th Dec 2022 : 10:44

बुखार के बिना भी छोटे बच्चे का सिर गर्म क्यों रहता है?

बच्चे का सिर बिना बुखार के गर्म कई कारणों से हो सकता है। इन्हीं में से सामान्य 10 वजह हम आगे बता रहे हैं। इन्हें जानने के लिए लेख को आगे पढ़ते रहें।
1. गर्म वातावरण

गर्म या उमस भरा वातावरण भी बच्चे के गर्म सिर की वजह बन सकता है। दरअसल, हमारा शरीर जितना ज्यादा गर्म वातावरण में रहता है, उसे उतना गर्म महसूस होता है। इस दौरान शरीर की गर्माहट को दूर करना मुश्किल हो जाता है, जिसके चलते शरीर का तापमान सामान्य के मुकाबले थोड़ा बढ़ सकता है (1)। ऐसे में अगर गर्मी के दिनों या उमस भरे मौसम में बिना बुखार के लक्षण के ही बच्चे का सिर गर्म हो सकता है।
2. कमरे का गर्म तापमान

सर्दियों में बच्चे को ठंड से बचाने के लिए उसके कमरे में रूम हीटर का इस्तेमाल किया जाता है। इससे कमरे का तापमान बढ़ जाता है, जिसके कारण बच्चे का सिर गर्म हो सकता है। हम ऊपर बता ही चुके हैं कि गर्म वातावरण में रहने पर हमारा शरीर गर्मी दूर नहीं कर पाता, जिस वजह से शरीर का तापमान गर्म बना रहता है (1)। इस आधार पर कह सकते हैं कि गर्म तापमान वाले कमरे में रहने से भी बिना बुखार के सिर गर्म हो सकता है।
3. गर्म कपड़े

अगर बच्चे को ज्यादा गर्म कपड़े पहना दिए हैं, तो उसके शरीर का तापमान सामान्य के मुकाबले ज्यादा हो सकता है (2)। ऐसे में अगर बच्चे ने गर्म कपड़े ज्यादा पहन रखे हैं, तो उसके शरीर का तापमान बढ़ सकता है। इसी वजह से बच्चे को गर्मी लग सकती है और उसका सिर भी गर्म हो सकता है।
4. गर्म आहार

भोजन शरीर की गर्मी को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। यही वजह है कि गर्म आहार का सेवन करने से शरीरिक तापमान बढ़ जाता है। इसकी पुष्टि एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर जारी एक शोध से भी होती है (3)। ऐसे में कह सकते हैं कि गर्म आहार से भी बच्चे का सिर भी गर्म हो सकता है।
5. मां की त्वचा से संपर्क होना

जब मां अपने नवजात शिशु को स्तनपान कराती है या उसे सुलाने के लिए बच्चे की त्वचा के संपर्क में आती है, तो शिशु के शरीर का तापमान बढ़ सकता है (4)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि मां की त्वचा के संपर्क में आने से भी बच्चे का सिर बिना बुखार के गर्म हो सकता है।
6. शारीरिक गतिविधि

शारीरिक गतिविधि के कारण भी शरीर का तापमान बढ़ सकता है। दरअसल, इस दौरान शरीर में रेएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज (ROS) का स्तर बढ़ता है, जो शारीरिक तापमान को बढ़ा सकता है (5)। आरओएस शरीर के ऑक्सीजन युक्त रेडिकल्स होते हैं, जो शरीर के तापमान के स्तर से जुड़ा होता है। एनसीबीआई से जुड़ी एक रिसर्च पेपर में भी लिखा है कि व्यायाम से शरीर में गर्मी का उत्पादन बढ़ता है (2)। ऐसे में अगर बच्चा खेलता है, तो इस वजह से भी बिना बुखार के उसका सिर गर्म हो सकता है।
7. शिशु को अधिक कपड़े पहनाना

पेरेंट्स अक्सर बच्चे को अधिक कपड़े पहना कर रखते हैं, ताकि उसका शरीर गर्म बना रहे। ऐसा वो खासकर सर्दियों के मौसम में करते हैं। कई बार ज्यादा कपड़े पहनाने के बाद बच्चे को कंबल से भी ढका जाता है। ऐसा करने से बच्चे को अधिक गर्मी लग सकती है और तापमान बढ़ सकता है (6)। इसी वजह से अधिक कपड़े पहनाना भी बच्चे के सिर के गर्म होने की एक वजह मानी जाती है।
8. दांत आना

बच्चे के दांत निकलना भी शारीरिक तापमान को बढ़ाने का एक कारण हो सकता है (7)। ऐसे में अगर बच्चे के टीथिंग की उम्र आ गई है, तो भी उसके सिर का तापमान अन्य दिनों के मुकाबले थोड़ा गर्म हो सकता है। इसकी वजह से कई बार बच्चे को तेज बुखार भी हो जाता है, इसलिए डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।
9. दवाएं

दवाएं विभिन्न तंत्रों के जरिए शरीर के तापमान को प्रभावित कर सकती हैं। यही वजह है दवाई लेने से थर्मोरेग्यूलेशन प्रक्रिया यानी शारीरिक तापमान की क्रिया प्रभावित होती है और शरीर का तापमान बढ़ जाता है (8)। ऐसे में अगर बच्चा किसी तरह की दवा ले रहा है, तो बिना बुखार के ही बच्चे का सिर गर्म हो सकता है।

10. बच्चे का तनाव लेना

तनाव लेने से शरीर में बायोकैमिकल चेंजस होते हैं, जिससे शरीर के तापमान में वृद्धि हो सकती है (9)। छोटे बच्चों अक्सर माता-पिता या अन्य करीबियों से अलग होने के भय से सेपरेशन एंग्जायटी की समस्या देखी जाती है (10)। ऐसे में अगर बच्चा किसी भी वजह से मानसिक तनाव लेता है, तो उसका शारीरिक तापमान बढ़ सकता है और इस वजह से उसका सिर भी गर्म हो सकता है।

आगे पढ़ें बच्चे का सिर गर्म है लेकिन बुखार नहीं है, तो क्या करें।
शिशु का सिर बुखार के बिना ही गर्म हो तो क्या करें?

सबसे पहले तो इस बात की जांच करें कि बच्चे को बुखार है या नहीं। अगर बच्चे के शरीर का तापमान 100.4° फारेनहाइट यानी 38° सेल्सियस से अधिक है, तो उसे बुखार हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से इलाज कराएं (6)। अगर बिना बुखार के बच्चे के सिर या शरीर का तपमान गर्म होता है, तो यहां बताए गए कुछ उपायों को अपनाने से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है (11)।

मौसम के तापमान के अनुसार ही शिशु को कपड़े पहनाएं। ठंडे दिनों में ऊनी या गर्म कपड़े और गर्मियों के दिनों में हल्के, पतले व कॉटन के कपड़े शिशु को पहनाएं।

शिशु के लिए कसे हुए कपड़े न खरीदें। हमेशा ढीले व आरामदायक कपड़ों का ही चुनाव करें और पहनाएं।

पॉलिस्टर फाइबर या अधिक मोटे कपड़े शिशु को न पहनाएं। शिशु को ऐसे कपड़े पहनाएं, जिससे उसके शरीर को हवा लगती रहे।

शिशु को स्तनपान के दौरान उसे पूरी तरह से न ढकें। साथ ही शिशु को स्तनपान कराने का सही तरीका भी सीखें। इससे शिशु के शरीर के तापमान को कुछ हद तक कम करने में मदद मिल सकती है।

स्तनपान के दौरान शिशु की स्थिति भी बदलते रहें।

शिशु के शरीर का तापमान सामान्य बना रहे, इसके लिए शिशु के खेलने या सोने के लिए हवादार कमरे का चुनाव करें।

शिशु को सुलाने से पहले कमरे का तापमान चेक करें। उसी अनुसार पंखा, कूलर या एयर कंडीशनर का इस्तेमाल करें।

तेज धूप या गर्म तामपान में शिशु को लेकर बाहर न जाएं। न ही उसे ऐसे मौसम में बाहर खेलने के लिए जाने दें।

बच्चे के शरीर के हाइड्रेड बनाए रखें। इसके लिए बच्चे के स्तनपान और अन्य आहार के समय का ध्यान रखें।

अगर दांत निकलने के कारण बच्चे का तापमान गर्म होता है, तो उसे टीथर दें। इससे दांत आने के दौरान होने वाली अन्य स्थितियों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है (12)।

बच्चे का मानसिक स्तर सही बनाए रखें। अगर बच्चा किसी तरह का तनाव लेता है, तो उसके लक्षणों और कारणों को जल्द-से-जल्द समझें और उसका उपचार करें।

किन स्थितियों में स्वास्थ्य चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए, यह नीचे पढ़ें।
डॉक्टर से कब संपर्क करें

वैसे तो बिना बुखार के बच्चे के सिर का गर्म रहना चिंताजनक नहीं माना जाता है। हां, कुछ स्थितियों में इस बारे में डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं ।

बच्चे के शरीर का तापमान 38° सेल्सियस से अधिक होने पर
रोते समय बच्चे को आंसू न आना
पिछले 8 घंटों से शिशु ने पेशाब न किया हो
शिशु का तीन माह से छोटा होना
तापमान बढ़ने के साथ ही गले में खराश, कान दर्द, दस्त, मतली या उल्टी व खांसी होना
बुखार के साथ शिशु का चिड़चिड़ा होना या त्वचा के रंग में बदलाव नजर आना
बच्चे को सांस से जुड़ी समस्या होना पर। सांस संबंधी समस्या भी शरीर का तापमान बढ़ा सकती है
बच्चे में डिहाइड्रेशन के लक्षण के साथ ही बुखार और मुंह सूखना
हल्के कपड़े पहनने या अन्य बातों का ध्यान रखने के बाद भी बच्चे का सिर गर्म ही रहना
बच्चे को बहुत ज्यादा पसीना आना

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
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