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लिंग और अंडकोष को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठकरें ये उपाय -
लिंग को साफ रखें
नहाते समय लिंग की सफाई करना सबसे आसान तरीका है। लिंग के फोर सà¥à¤•िन या ऊपर की चमड़ी को पीछे खींचकर इसके नीचे के हिसà¥à¤¸à¥‡ को अचà¥à¤›à¥€ तरह से धोना बहà¥à¤¤ जरूरी है। मेडिकल à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, यदि लिंग के इस हिसà¥à¤¸à¥‡ को ठीक से नहीं साफ किया गया तो लिंग से पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से निकलने वाला सà¥à¤®à¥‡à¤—à¥à¤®à¤¾ नामक लà¥à¤¯à¥‚बà¥à¤°à¤¿à¤•ेंट, उस हिसà¥à¤¸à¥‡ पर जमा होने लगता है और फिर वहां बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पनपने लगते हैं।
अंडकोष की जांच खà¥à¤¦ करें
हर आदमी को रोजाना अपने अंडकोष की जांच खà¥à¤¦ करनी चाहिà¤à¥¤ इसे बहà¥à¤¤ आसानी से जांचा जा सकता है। दोनों हाथों की उंगलियों और अंगूठे का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर अंडकोष को हलà¥à¤•े हलà¥à¤•े दबाà¤à¤‚ और चेक करें कि कहीं कोई गांठतो नहीं है। पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को नियमित रूप से यह जांच करनी चाहिठताकि कोई बदलाव होने पर जलà¥à¤¦à¥€ पता चल सके। यह टेसà¥à¤Ÿà¥€à¤•à¥à¤²à¤° कैंसर (वृषण कैंसर) समेत कई पà¥à¤°à¤•ार की बीमारियों का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है। हर पà¥à¤°à¥à¤· को खà¥à¤¦ से यह जांच चार हफà¥à¤¤à¥‡ में कम से कम à¤à¤• बार जरूर करनी चाहिà¤à¥¤
सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ सेकà¥à¤¸ करें
यौन संचारित रोग आमतौर पर नजर नहीं आते हैं और अकà¥à¤¸à¤° सालों तक इनके कोई लकà¥à¤·à¤£ दिखाई नहीं देते हैं। कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ सबसे आम यौन संचारित रोग है जिसके कारण पेशाब करते समय दरà¥à¤¦ होता है और अंडकोष सूज जाते हैं। à¤à¤¸à¥€ ही à¤à¤• और बीमारी है जननांगों में होने वाली हरà¥à¤ªà¥€à¤¸, जिसमें जननांगों के आसपास घाव हो जाता है। इनकी रोकथाम के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ यौन संबंध बनाना चाहिà¤à¥¤
जघन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की साफ़ सफाई धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से करें
कई पà¥à¤°à¥à¤· अपनी पेट और जांघ के बीच वाले हिसà¥à¤¸à¥‡ (groin) को शेव करते हैं। शरीर के इस हिसà¥à¤¸à¥‡ को ठीक से और पूरी सावधानी से संवारना चाहिठऔर खासकर अंडकोष का ख़ास खयाल रखना चाहिà¤à¥¤ इसमें à¤à¤• छोटा सा कट लगने पर à¤à¥€ काफी दरà¥à¤¦ हो सकता है, इसके अलावा बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ या अनà¥à¤¯ रोगाणॠà¤à¥€ पैदा हो सकते हैं, जिससे अंडकोष में बीमारी हो सकती है.
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवनशैली अपनाà¤à¤‚
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवनशैली अपनाने से लिंग à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहता है। उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ या इरेकà¥à¤¶à¤¨ को कई चीजें पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती हैं, जैसे, मोटापा, धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨, अधिक शराब का सेवन और तनाव। नियमित à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने और रात को अचà¥à¤›à¥€ नींद लेने से लिंग सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहता है।
à¤à¤• आसन हर रोज : शरीर के निचले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ को मजबूत बनाता है गरà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¸à¤¨ :-
गरà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¸à¤¨ -
गरà¥à¥œà¤¾à¤¸à¤¨ योग खड़े होकर करने वाले योग में à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ योगाà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ है। यह अंडकोष à¤à¤µà¤‚ गà¥à¤¦à¤¾ के लिठबहà¥à¤¤ लाà¤à¤•ारी योगाà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ है। इस आसन में हाथ à¤à¤•-दूसरे में गूंथ लिठजाते हैं और छाती के सामने इस पà¥à¤°à¤•ार रखे जाते हैं, जैसे गरà¥à¤¡à¤¼ की चोंच होती है, इसलिठइस आसन को गरà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¸à¤¨ कहा जाता है।
गरà¥à¥œà¤¾à¤¸à¤¨ योग विधि-
सबसे पहले आप सीधे खड़े हों।
दाà¤à¤‚ पांव को बाà¤à¤‚ पांव के ऊपर से दूसरी ओर ले जाà¤à¤‚। अगर आपकी जांघ मोटी है तो शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में इसे करने में परेशानी हो सकती है। दूसरी तरफ पतली कमर और पतले जांघ वाले इसको आसानी से कर सकते हैं।
बाहों को रसà¥à¤¸à¥€ के समान à¤à¤• दूसरे में गूंथ दें।
आपस में गà¥à¤‚थे हà¥à¤ हाथों को गरà¥à¤¡à¤¼ की चोंच के समान छाती के आगे रखें। घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ को मोड़कर संतà¥à¤²à¤¨ बनाà¤à¤‚।
बाà¤à¤‚ पांव को दाà¤à¤‚ पांव के ऊपर से ले जाकर इसे दूसरी ओर à¤à¥€ करें।
यह आधा चकà¥à¤° हà¥à¤†à¥¤
फिर दूसरे तरफ से करें।
अब à¤à¤• चकà¥à¤° हà¥à¤†à¥¤
इस तरह से आप तीन से पांच चकà¥à¤° करें।
गरà¥à¥œà¤¾à¤¸à¤¨ योग के लाà¤-
इस आसन के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से मन और शरीर के बीच सामंजसà¥â€à¤¯ सà¥â€à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ होता है जिससे मन को अपार शांति मिलती है।
इसके नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से अंडकोष (Testicle) को बà¥à¤¨à¥‡ से रोक जा सकता है।
यह पैरों और जांघों को मजबूत बनाता है।
इसका नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से गà¥à¤¦à¤¾, मलाशय तथा मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ के रोगियों को आराम पहà¥à¤‚चता है।
यह जोड़ों की सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ बढ़ाता है, घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚, पैरों à¤à¤µà¤‚ जोड़ों का दरà¥à¤¦ दूर करता है।
यह आपके हाथों को मजबूत बनाता है और कोहनी के दरà¥à¤¦ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा दिलाता है।
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