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महिलाओं में होने वाली बीमारियों में इन दिनों यूरिन इंफेकà¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ तेजी से बढ़ रही है। इसका पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ न बरतना है। आमतौर पर यह यूरिनरी कॉरà¥à¤¡ में होने वाला à¤à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤£ है, जिसे यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ (UTI) à¤à¥€ कहा जाता है। à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• करीब 40 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाà¤à¤‚ जीवन में कà¤à¥€ न कà¤à¥€ UTI से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ होती हैं। यह जीवाणॠजनà¥à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ है, जिसमें यूरिनरी कॉरà¥à¤¡ का कोई à¤à¥€ à¤à¤¾à¤— पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकता है। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• यूरिन में जीवाणॠनहीं होते हैं और यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ यूरिन में जीवाणॠकी मौजूदगी के कारण होता है। कà¥à¤› सावधानियां बरतकर इस संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचा जा सकता है...
UTI के लकà¥à¤·à¤£
- पेशाब के दौरान दरà¥à¤¦ या जलन होना।
- यूरिन पास होने में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय लगना।
- बार-बार पेशाब आना।
- पेशाब से बदबू आना।
- पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होना।
- हलà¥à¤•ा बà¥à¤–ार होना।
- कà¤à¥€-कà¤à¥€ पेशाब के साथ खून आना।
हलà¥à¤•े में न लें यूरीन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ को
समय से इलाज करवाà¤à¤‚
डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ की मानें, तो यूरिन इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होने पर घबराने की जरूरत नहीं है। अगर शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में इसका सटीक इलाज करवा लिया जाठतो दिकà¥à¤•त को जड़ से खतà¥à¤® किया जा सकता है। इसमें दवाओं की हलà¥à¤•ी डोज दी जाती है। साथ ही सफाई रखने के तरीके बताठजाते हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में यूरिन इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होने पर गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠके विकास पर असर पड़ सकता है और वह संकà¥à¤°à¤®à¤£ की चपेट में आ सकता है।
सफाई पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सफाई का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें। यूटीआई होने पर मरीज को पेशाब में रà¥à¤•ावट, गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾à¤‚ग में लाल चकतà¥à¤¤à¥‡ पड़ना, जलन और पेशाब में बà¥à¤²à¤¡ पास होने की दिकà¥à¤•त हो सकती है। इसका ठीक से इलाज न होने पर संकà¥à¤°à¤®à¤£ किडनी तक पहà¥à¤‚च सकता है। इससे शरीर में खून की कमी हो सकती है। किडनी में à¤à¤°à¤¿à¤¥à¥à¤°à¥‹à¤ªà¥€à¤Ÿà¤¿à¤¨ नामक हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ होता है जिससे बोनमैरो के जरिठरेड बà¥à¤²à¤¡ सेल बनती है। किडनी में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होने से हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ का असर कम होने लगता है, जिससे शरीर में हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ घट जाता है।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी पिà¤à¤‚
इस संकà¥à¤°à¤®à¤£ से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ महिलाओं को पानी और तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ करना चाहिà¤à¥¤ हर 1 घंटे में पेशाब लगना जरूरी है इसलिठदिनà¤à¤° में लगà¤à¤— 10-12 गिलास पानी पीना चाहिà¤à¥¤
पेशाब रोके नहीं
तेज आई पेशाब को रोके नहीं, जब à¤à¥€ पेशाब लगे, तà¥à¤°à¤‚त जाà¤à¤‚ वरना UTI होने का खतरा बढ़ जाà¤à¤—ा। पेशाब रोकने के कारण à¤à¥€ यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैलता है।
सूती कपड़े पहनें
हमेशा कॉटन फैबà¥à¤°à¤¿à¤• के ही अंडरगारमेंट पहनें, जिससे तà¥à¤µà¤šà¤¾ हमेशा सूखी बनी रहे और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² फॉरà¥à¤®à¥‡à¤¶à¤¨ न हो। रोज नहाना और परà¥à¤¸à¤¨à¤² हाइजीन रखने से इस बीमारी से दूर रहा जा सकता है।
खानपान में सावधानी बरतें
खानपान की सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना à¤à¥€ जरूरी है। गंदी जगह पर बनाया गया खाना खाने से à¤à¥€ यह परेशानी हो सकती है। खाने का संकà¥à¤°à¤®à¤£ खून में मिल जाता है जिससे यूरिनरी कॉरà¥à¤¡ संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो सकता है। UTI की समसà¥à¤¯à¤¾ सफाई न रखने के कारण जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। इसलिठसंकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचने के लिठशरीर की साफ-सफाई का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤à¥¤ अपना टॉइलट हमेशा साफ-सà¥à¤¥à¤°à¤¾ रखें।
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