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असà¥à¤¥à¤®à¤¾ अटैक आने से पहले शरीर में दिखते हैं ये 10 लकà¥à¤·à¤£, जानिठअटैक आने पर कà¥à¤¯à¤¾ करें
असà¥à¤¥à¤®à¤¾ के गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की वजह से असà¥à¤¥à¤®à¤¾ अटैक आने का खतरा बढ़ने लगता है। असà¥à¤¥à¤®à¤¾ के मरीजों के लिठअसà¥à¤¥à¤®à¤¾ का अटैक काफी (Asthma Attack) घातक हो सकता है, लेकिन आप इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को पहचान कर इसके अटैक को रोक सकते हैं। आइठजानते हैं असà¥à¤¥à¤®à¤¾ अटैक आने के लकà¥à¤·à¤£-
असà¥à¤¥à¤®à¤¾ के मरीज को शà¥à¤µà¤¸à¤¨ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ता है। असà¥à¤¥à¤®à¤¾ का कोई इलाज नहीं है, बलà¥à¤•ि इसके मरीज को कà¥à¤› विशेष सावधानियां बरत कर इसे कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में रखना होता है। असà¥à¤¥à¤®à¤¾ किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° के लोगों को हो सकता है। फेफड़ों से ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ को बाहर ले जाने वाली नलियों की सूजन और सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¨ के कारण असà¥à¤¥à¤®à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है। गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की वजह से असà¥à¤¥à¤®à¤¾ के अटैक आने लगते हैं। असà¥à¤¥à¤®à¤¾ के मरीजों के लिठअसà¥à¤¥à¤®à¤¾ का अटैक काफी (Asthma Attack) घातक हो सकता है, लेकिन आप इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को पहचान कर इसके अटैक को रोक सकते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ होता है असà¥â€à¤¥à¤®à¤¾ अटैक?
मरीज में जब असà¥â€à¤¥à¤®à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ बढ़ने लगते हैं या फिर अधिक खराब होने लगते हैं, तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को असà¥â€à¤¥à¤®à¤¾ का अटैक (Asthma Attack) आना कहा जाता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में फेफड़ों की नलियां और मांसपेशियां सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ लगती हैं। à¤à¤¸à¥‡ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सांस लेने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। असà¥â€à¤¥à¤®à¤¾ का अटैक कई बार कारणों से हो सकता है। वहीं, इसके पीछे पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण, सिगरेट का धà¥à¤‚आ और जà¥à¤•ाम इतà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ कारण हो सकते हैं।
असà¥â€à¤¥à¤®à¤¾ अटैक आने के लकà¥à¤·à¤£ (Symptoms of Asthma Attack)
असà¥à¤¥à¤®à¤¾ अटैक के लकà¥à¤·à¤£ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के उमà¥à¤° पर निरà¥à¤à¤° करते हैं। उमà¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, अलग-अलग लकà¥à¤·à¤£ होते हैं। आइठजानते हैं इसके पà¥à¤°à¤®à¥à¤• 10 लकà¥à¤·à¤£-
गले में घरघराहट की आवाज आना
सांस लेने में तकलीफ
खांसी आना
नाखूनों और होंठका नीला पड़ जाना
रोगी बोलने, खाने या सोने में दिकà¥â€à¤•त
गले और चेसà¥â€à¤Ÿ की मसलà¥â€à¤¸ का सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¤¾
इनहेलर का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने के बाद à¤à¥€ परेशानी होना।
सीने में दरà¥à¤¦ और अकड़न
छाती में दबाव महसूस होना
असà¥â€à¤¥à¤®à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के चलते रात में नींद न आना
असà¥â€à¤¥à¤®à¤¾ का अटैक आने पर कà¥â€à¤¯à¤¾ करें?
विशà¥â€à¤µ सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ संगठन (WHO) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, अगर किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को अचानक से असà¥à¤¥à¤®à¤¾ का दौरा पड़ता है, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सबसे पहले सीधे बैठाà¤à¤‚। अब धीमी, लगातार सांसे लेने के लिठकहें। इनहेलर से लगातार सांस लेते रहें। अगर संà¤à¤µ हो सके, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ से संपरà¥à¤• करें। नियमित टेसà¥à¤Ÿ और उचित उपचार से ही आप असà¥à¤¥à¤®à¤¾ अटैक को रोक सकते हैं।
असà¥â€à¤¥à¤®à¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ वैशà¥à¤µà¤¿à¤• आंकड़े
विशà¥â€à¤µ सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ संगठन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, असà¥à¤¥à¤®à¤¾ पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में सबसे अधिक बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को अपनी चपेट में ले चà¥à¤•ा है। करीब 339 मिलियन से अधिक लोग पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में असà¥à¤¥à¤®à¤¾ के साथ जी रहे हैं। कम और निमà¥à¤¨-मधà¥à¤¯à¤® आय वाले देशों में 80% से अधिक मौत असà¥à¤¥à¤®à¤¾ के कारण होती हैं। असà¥à¤¥à¤®à¤¾ का सही इलाज और उचित पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन जीवन को बचाया जा सकता है।
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