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मूंग और मसूर की मिकà¥à¤¸ दाल से सेहत और पेट रहेगा हमेशा हेलà¥à¤¦à¥€, जानिठअनà¥à¤¯ फायदे
Health Tips: बदलते मौसम में कमजोर होते पाचनतंतà¥à¤° के लिठवरदान है मूंग-मसूर की मिकà¥à¤¸ दाल. डायबिटीज और हारà¥à¤Ÿ की समसà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¥€ फायदेमंद है ये मिकà¥à¤¸ दाल. सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठमूंग-मसूर की मिकà¥à¤¸ दाल के जबरदसà¥à¤¤ फायदे हैं.
Health Tips: हमारे शरीर के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ बहà¥à¤¤ जरूरी है और ये पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ हमें दाल खाने से मिलता है. à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ थाली में जब तक दाल न हो खाना अधूरा सा लगता है. जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° घरों में खाने में रोज दाल और सबà¥à¤œà¥€ बनती है. सरà¥à¤¦à¥€, गरà¥à¤®à¥€ या बारिश हो लोग हर सीजन में दाल खाते हैं. वैसे तो सà¤à¥€ दालें सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठफायदेमंद होती हैं. लेकिन कà¥à¤› दालों को अगर सीजन के हिसाब से खाया जाठतो इसका फायदा दोगà¥à¤¨à¤¾ हो जाता है. जैसे बारिश के मौसम में उड़द की दाल खाने से बचना चाहिà¤. उड़द दाल काफी हैवी होती है और बादी करती है इसलिठइसे मानसून के सीजन में कम खाना चाहिà¤. इसके अलावा गरà¥à¤®à¥€ के सीजन में चना और मटर की दाल अपेकà¥à¤·à¤¾à¤•ृत कम खानी चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये दालें काफी गरिषà¥à¤ होती हैं. जिन लोगों को गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ रात को अरहर दाल नहीं खानी चाहिà¤. लेकिन मूंग और मसूर की दाल को सदाबहार दाल कहा जाता है. इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आप किसी à¤à¥€ मौसम में खा सकते हैं. आप मूंग और मसूर की दाल को अगर मिकà¥à¤¸ करके खाते हैं तो ये और à¤à¥€ फायदेमंद साबित होती है. मूंग मसूर की मिकà¥à¤¸ दाल हमारे पेट और पाचनतंतà¥à¤° के लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद है. तà¤à¥€ तो बीमारी में à¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° मूंग -मसूर की दाल खाने की सलाह देते हैं. आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• में à¤à¥€ इन दालों को फायदेमंद माना जाता है. तो आपको बताते हैं मूंग-मसूर की मिकà¥à¤¸ दाल खाने के कौन कौन से फायदे हैं.
हर मौसम में फायदेमंद मूंग-मसूर मिकà¥à¤¸ दाल मूंग-मसूर की मिकà¥à¤¸ दाल को आप किसी à¤à¥€ मौसम में खा सकते हैं. खासतौर से बारिश के मौसम में ये मिकà¥à¤¸ दाल पेट के लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद होती है. बारिश के मौसम में हमारा पाचनतंतà¥à¤° काफी कमजोर हो जाता है. जलà¥à¤¦à¥€ से कोई चीज डाइजेसà¥à¤Ÿ नहीं होती. à¤à¤¸à¥‡ में मूंग मसूर-दाल खाने में बहà¥à¤¤ सà¥à¤ªà¤¾à¤šà¥à¤¯ होती है. वैसे गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में ठंडी तासीर वाली चीजें खाने की सलाह दी जाती है और सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में गरà¥à¤® तासीर वाली. आप चाहें तो इन दालों को मौसम के हिसाब से अलग अलग à¤à¥€ बना सकते हैं. मूंग की दाल की तासीर ठंडी होती है, जबकि मसूर की दाल की तासीर गरà¥à¤® होती है. इसलिठमानसून सीजन में इन दोनों दालों को मिलाकर खाने की सलाह दी जाती है.
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र हैं मूंग-मसूर दाल
वैसे तो सà¤à¥€ दालों को पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का अचà¥à¤›à¤¾ सोरà¥à¤¸ माना जाता है सेहतमंद और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ बहà¥à¤¤ जरूरी है. इसके अलावा पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ हमारे बाल, नाखून और शरीर में नई कोशिकाà¤à¤‚ बनाने का काम करता है. इसलिठकहा जाता है कि खाने में रोज à¤à¤• कटोरी दाल खानी चाहिà¤. मसूर की मिकà¥à¤¸ दाल à¤à¥€ आपके शरीर में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की जरूरत को पूरी करती हैं. इसलिठरोज न सही तो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में 4-5 दिन मूंग और मसूर की दाल को मिकà¥à¤¸ करके जरूर खाà¤à¤‚. घर में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों के लिठà¤à¥€ मूंग मसूर की मिकà¥à¤¸ दाल बहà¥à¤¤ फायदेमंद रहती है.
शà¥à¤—र, कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² और दिल की बीमारियां दूर रहती हैं
जो लोग हफà¥à¤¤à¥‡ में 4-5 बार मूंग- मसूर की मिकà¥à¤¸ दाल खाते हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कई तरह की परेशानियों से à¤à¥€ मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ मिल जाती है. ये मिकà¥à¤¸ दाल खाने से शरीर में कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² कम होता है, डायबिटीज का खतरा à¤à¥€ कम होता है. मूंग मसूर की मिकà¥à¤¸ दाल लो फैट का अचà¥à¤›à¤¾ सोरà¥à¤¸ है जिसे खाने से हारà¥à¤Ÿ की बीमारियां दूर रहती हैं. इन दालों में काफी मातà¥à¤°à¤¾ में फाइबर होता है जिससे शरीर में बैड कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² कम होता है और दिल की बीमारियां कम होती हैं. इसके अलावा मूंग मसूर की मिकà¥à¤¸ दाल में अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ में आयरन और जिंक à¤à¥€ होता है जो आपके शरीर में खून बढ़ाने का काम à¤à¥€ करता है. और मांसपेशियों को à¤à¥€ हेलà¥à¤¦à¥€ रखता है
पचाने में आसान और बचà¥à¤šà¥‡-बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों के लिठवरदान है
हाई पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ सोरà¥à¤¸ होने की वजह से दालों को पचाना आसान नहीं होता. यही वजह है कि दिन के खाने में दाल खाने की सलाह दी जाती है. पेट की किसी तरह की परेशानी होने पर à¤à¥€ मूंग मसूर का दाल खाने की सलाह दी जाती है. पाचन खराब होने पर उलà¥à¤Ÿà¥€, दसà¥à¤¤, पेट दरà¥à¤¦, कबà¥à¤œ, बहदहमी, गैस, पेट फूलने जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होती हैं. à¤à¤¸à¥‡ में डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ मूंग मसूर की हलà¥à¤•ी दाल खाने की सलाह देते हैं. इस दाल को पतला बनाया जाठतो और à¤à¥€ सà¥à¤ªà¤¾à¤šà¥à¤¯ हो जाती है और तà¥à¤°à¤‚त पेट को आराम पहà¥à¤‚चाती है. इसके अलावा बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¥€ खाने में मूंग-मसूर की मिकà¥à¤¸ दाल दे सकते हैं. बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों का पाचनतंतà¥à¤° à¤à¥€ कमजोर हो जाता है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ ये मिकà¥à¤¸ दाल जरूर खानी चाहिà¤.
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