क्या 9 सेमी गर्भाशय सामान्य है?HealthPlanet

Posted on Tue 29th Nov 2022 : 12:01

गर्भावस्‍था के दौरान महिलाओं के शरीर के कई अंगों में बदलाव आता है और इन बदलावों से सबसे ज्‍यादा गर्भाशय प्रभावित होता है क्‍योंकि यही वो जगह है जहां नौ महीने तक शिशु रहता है। पेल्विस हिस्‍से में मूत्राशय और गुदा के बीच यूट्रेस होता है। ये लगभग 8 सेमी लंबा और पांच सेमी चौडा होता है जिसकी औसतन वॉल्‍यू 80 और 200 मिली होती है।


आइए जानते हैं कि गर्भावस्‍था के दौरान गर्भाशय यानी यूट्रेस में क्‍या बदलाव आते हैं।

यूट्रेस का साइज
जैसे जैसे प्रेगनेंसी बढती है वैसे वैसे गर्भाशय की शेप और साइज में भी बदलाव आता जाता है। अपने नॉर्मल साइज से यूट्रेस लगभग 500 और हजार गुना चौडा हो जाता है। आगे जानिए कि प्रेगनेंसी की हर तिमाही में यूट्रेस में किस तरह के बदलाव आते हैं।

गर्भावस्‍था की पहली तिमाही
प्रेगनेंसी के 12वें सप्‍ताह में यूट्रेस का साइज चकोतरा जितना ही छोटा रहता है। प्रेगनेंसी के आगे बढने के साथ गर्भाशय भी बढता है और मूत्राशय पर दबाव बनने लगता है। इसकी वजह से बार बार पेशाब आने की समस्‍या होती है। अगर जुडवा या तीन बच्‍चे हों तो एक बच्‍चे की तुलना में यूट्रेस ज्‍यादा तेजी से स्‍ट्रेच होता है।

प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही
गर्भावस्‍था की दूसरी तिमाही में यूट्रेस पपीते के आकार जितना हो जाता है। इस समय यूट्रेस ऊपर की ओर बढता है और पेल्विक हिस्‍से के बाहर विकसित होता है। इस दौरान लिगामेंट और यूट्रेस की आसपास की मांसपेशियों पर दबाव पडने लगता है जिससे शरीर में दर्द और ऐंठन होती है।


गर्भावस्‍था की तीसरी तिमाही
प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में गर्भाशय तरबूज जितना बडा हो जाता है। अब यह प्‍यूबिक एरिया से पसलियों तक फैल जाता है। अब आपका गर्भाशय पूरा फैल चुका होता है।

डिलीवरी के बाद
डिलीवरी के बाद यूट्रेस वापस से अपनी पोजीशन और साइज में आ जाता है। इस प्रक्रिया में छह से आठ हफतों का समय लगता है। गर्भ में शिशु को जगह देने के अलावा गर्भाशय के और भी कई अन्‍य महत्‍वपूर्ण कार्य होते हैं।

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भाशय के कार्य
फैलोपियन टयूब से आए फर्टिलाइज एग को लेता है। शिशु के विकास के लिए यूट्रेस प्‍लेसेंटा का निर्माण करता है। खासतौर पर शिशु को पोषण देने के लिए रक्‍त वाहिकाओं का विकास करता है।

डिलीवरी के समय शिशु को बार निकालने के लिए संकुचन पैदा करता है और प्रसव के बाद अपने नॉर्मल साइज में आकर अगले मासिक चक्र के लिए तैयार होता है।
यूट्रेस से ओवरी को रक्‍त प्रवाह में मदद होती है। यह योनि, मूत्राशय और गुदा जैसे अंगों को सपोर्ट करता है।

यूट्रेस का नॉर्मल साइज क्‍या है
हर महिला के गर्भाशय का साइज अलग होता है। आमतौर पर इसका वजन 70 से 125 ग्रम होता है। हालांकि, उम्र और हार्मोनल स्थिति जैसे कारकों के आधार पर यूट्रेस का साइज निर्भर करता है।
प्‍यूबर्टी से पहले यूट्रेस लगभग 3.5 सेमी लंबा होता है और इसकी थिकनेस 1.4 सेमी होती है। प्‍यूबर्टी के बाद यूट्रेस की लंबाई 5 और 8 सेमी होती है और चौडाई 3.5 सेमी होती है। इसकी थिकनेस 1.5 और 3 सेमी तक होती है। प्रेगनेंसी के नौवें महीने में यूट्रेस की लंबाई 38 सेमी और चौडाई 24 से 26 सेमी होता है

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