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​कà¥â€à¤¯à¤¾ होता है गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर
शिशॠमें कोलिक के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से राâ€à¤¹à¤¤ दिलाने के लिठडॉकà¥â€à¤Ÿà¤° के परà¥à¤šà¥‡ के बिना कई पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥â€à¤Ÿ मिलते हैं। आपको इनमें से वही विकलà¥â€à¤ª चà¥à¤¨à¤¨à¤¾ चाहिठजो सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हो। गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ रूप में आता है और यह à¤à¤• हरà¥à¤¬à¤² उपाय है। इसमें सौंफ, अदरक, कैमोमाइल, मà¥à¤²à¥‡à¤ ी, दालचीनी और लेमन बाम होता है।
गैस होने पर पेट दरà¥à¤¦ की वजह से बचà¥â€à¤šà¥‡ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रोते हैं। कà¥à¤› बचà¥â€à¤šà¥‡ दिन में लगातार कई घंटों तक रोते हैं तो कà¥à¤› में यह समसà¥â€à¤¯à¤¾ कई सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ तक देखी जा सकती है। चूंकि, जड़ी-बूटियां पाचन में मदद करती हैं इसलिठगà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कोलिक से राहत पाने के लिठकिया जा सकता है। दांत आने पर दरà¥à¤¦ होने और हिचकी के लिठà¤à¥€ गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है।
​शिशॠको कब दें गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर
गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर के उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦à¤• यह दावा करते हैं दो सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ तक के शिशॠको गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर दिया जा सकता है। हालांकि, à¤à¤• महीने के होने तक शिशॠको गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर नहीं देना चाहिà¤à¥¤ कई लोगों का यह à¤à¥€ मानना है कि छह महीने तक के शिशॠको बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• या फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥â€à¤• ही देना चाहिà¤à¥¤
इसलिठबेहतर होगा कि शिशॠको गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर देने से पहले पीडियाटà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ से बात कर लें। दूध पिलाने के लगà¤à¤— दस मिनट बाद शिशॠको गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर देना सही रहता है। आप चमà¥â€à¤®à¤š या डà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤° से गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर दे सकती हैं।
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