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शिशॠके à¤à¤• साल का हो जाने के बाद से डॉकà¥à¤Ÿà¤° हर छह महीने में उसे डीवरà¥à¤®à¤¿à¤‚ग उपचार देने की सलाह देते हैं। जब आपका ननà¥à¤¹à¤¾ शिशॠचलने लग जाता है, तो उसे कीड़ों का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ होने का खतरा शà¥à¤°à¥ हो जाता है। अपने बचà¥à¤šà¥‡ को नियमित तौर पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जांच के लिठले जाà¤à¤‚ और नियत समय पर कीड़ों को खतà¥à¤® करने का उपचार करवाà¤à¤‚।
शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कीड़ों का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ होना कितना आम है?
कीड़ों का संकà¥à¤°à¤®à¤£ काफी आम हैं और आसानी से फैलता है। हालांकि, यह बता पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है कि ये इनफेकà¥à¤¶à¤¨â€‹ कितने आम हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनके अकà¥à¤¸à¤° कोई लकà¥à¤·à¤£ नहीं होते और इनके बारे में सूचना à¤à¥€ नहीं मिल पाती।
अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤ में रहने वाले हर पांच में से à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कम से कम à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का कीड़ों का संकà¥à¤°à¤®à¤£ अवशà¥à¤¯ होता है। वहीं, छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में तो यह इससे à¤à¥€ अधिक आम माना जाता है।
कीड़ों के अलग-अलग तरह के इनफेकà¥à¤¶à¤¨ होते हैं। पिनवरà¥à¤® जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ थà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤µà¤°à¥à¤® à¤à¥€ कहा जाता है छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले सबसे आम पà¥à¤°à¤•ार के कीड़ें हैं। ये मोटे धागे के टà¥à¤•ड़े जैसे दिखते हैं, इनकी लंबाई करीब सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ªà¤² पिन जितनी, तीन मि.मी. से 10 मि.मी. तक लंबी हो सकती है।
हà¥à¤•वरà¥à¤®, राउंडवरà¥à¤® और वà¥à¤¹à¤¿à¤ªà¤µà¤°à¥à¤® इनफेकà¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में आम हैं। शिशॠमें कीड़ों के इनफेकà¥à¤¶à¤¨ का पता चलना काफी परेशान कर देने वाला हो सकता है। सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¤µà¤¶, इन कीड़ों से पीछा छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¤¾ काफी आसान है और इसमें अपेकà¥à¤·à¤¾à¤•ृत कम समय लगता है।
कीड़ों का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ होने के कà¥à¤¯à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ हैं?
अधिकांशत: कीड़ों का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ होने के कोई लकà¥à¤·à¤£ दिखाई नहीं देते। या फिर हो सकता है कि ये लकà¥à¤·à¤£ इतने हलà¥à¤•े हों, कि उन पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ ही न जाà¤à¥¤
शिशॠको कीड़ों का कौन सा संकà¥à¤°à¤®à¤£ हà¥à¤† है और यह कितना गंà¤à¥€à¤° है, इसे देखते हà¥à¤ बचà¥à¤šà¥‡ में कà¥à¤› आम संकेत या लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं। अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ को इनमें से कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ हो, तो उसे तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚:
पेट में दरà¥à¤¦à¥¤
वजन घटना।
चिड़चिड़ापन।
मिचली।
मल में खून आना।
उलà¥à¤Ÿà¥€ या खांसी, संà¤à¤µ है कि खांसी या उलà¥à¤Ÿà¥€ के जरिये कीड़ा बाहर निकल आà¤à¥¤
गà¥à¤¦à¤¾ के आसपास खà¥à¤œà¤²à¥€ या दरà¥à¤¦, जहां से कीड़े अंदर दाखिल हà¥à¤à¥¤ यह खासकर पिन वरà¥à¤® के मामलों में होता है।
खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ की वजह से ठीक से नींद न आना।
मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— संकà¥à¤°à¤®à¤£ (यू.टी.आई.) की वजह से बार-बार पेशाब जाना। यह लड़कियों में अधिक आम है।
आंतरिक रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ जिससे की आयरन की कमी और à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾, पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ का सही अवशोषण न होना, दसà¥à¤¤ (डायरिया) और à¤à¥‚ख न लगना जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
अगर, बहà¥à¤¤ सारे कीड़े हों, तो आंतों में अवरोध à¤à¥€ हो सकता है, मगर à¤à¤¸à¤¾ बहà¥à¤¤ ही दà¥à¤°à¥à¤²à¤ है। कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में उलà¥à¤Ÿà¥€ के साथ कीड़े निकल सकते हैं (आमतौर पर राउंड वरà¥à¤® जो कि अरà¥à¤¥à¤µà¤°à¥à¤® जैसे दिखते हैं)।
गंà¤à¥€à¤° टेपवरà¥à¤® इनफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से दौरे à¤à¥€ पड़ सकते हैं।
पाइका (न खाने योगà¥à¤¯, अपौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• चीजें जैसे कि मिटà¥à¤Ÿà¥€, चॉक, कागज आदि खाना) à¤à¥€ कीड़ों का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ होने का à¤à¤• अनà¥à¤¯ संकेत है।
कà¥à¤› डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ का कहना है कि दांत पीसना à¤à¥€ कीड़ों का संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने का संकेत हो सकता है। मगर इस विषय पर शोध​करà¥à¤¤à¤¾à¤“ं की राय अलग-अलग है।
अगर, आपके शिशॠको थà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤µà¤°à¥à¤® का हलà¥à¤•ा संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो, तो हो सकता है उसे कोई लकà¥à¤·à¤£ न हों। वह नितंबों में खà¥à¤œà¤²à¥€ होने की शिकायत कर सकता है, खासकर कि रात में।
शिशॠके सो जाने के बाद रात को उसके नितंब देखें। उसके दोनों नितंबों को थोड़ा अलग करते हà¥à¤, टॉरà¥à¤š की रोशनी से उसकी गà¥à¤¦à¤¾ के आसपास की जगह देखें।
अगर, उसे थà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤µà¤°à¥à¤® हà¥à¤ तो, आपको à¤à¤• या इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कीड़े बाहर निकलते हà¥à¤, या शिशॠके पायजामे और चादर पर दिख सकते हैं। शिशॠके मल में à¤à¥€ आपको ये थà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤µà¤°à¥à¤® दिख सकते हैं।
यदि आपके शिशॠको हà¥à¤•वरà¥à¤® से इनफेकà¥à¤¶à¤¨ हà¥à¤† है, तो उसे निमà¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं:
जिस जगह से कीड़ों ने तà¥à¤µà¤šà¤¾ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ किया है, उस सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर चकतà¥à¤¤à¥‡ और खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ हो सकती है, विशेषकर पितà¥à¤¤à¥€ ​(हाइवà¥à¤¸-आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ेरिया)
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾
अगर आपके शिशॠको à¤à¤¸à¥‡ कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ हों, तो अधिक जानकारी व उपचार के लिठअपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
शिशॠमें कीड़ों के इनफेकà¥à¤¶à¤¨ का उपचार कैसे करà¥à¤‚?
सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¤µà¤¶, कीड़ों के लगà¤à¤— सà¤à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ का उपचार मà¥à¤‚ह से लेने वाली (ओरल) दवाओं से किया जा सकता है। आपके बचà¥à¤šà¥‡ को किस तरह का संकà¥à¤°à¤®à¤£ है, उसके आधार पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° दवाà¤à¤‚ या कीड़ों को खतà¥à¤® करने का उपचार (डीवरà¥à¤®à¤¿à¤‚ग) शà¥à¤°à¥ करेंगे। बचà¥à¤šà¥‡ को यदि à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ हो तो उसे आयरन अनà¥à¤ªà¥‚रक लेने की à¤à¥€ जरà¥à¤°à¤¤ होगी।
कीड़ों के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° की परà¥à¤šà¥€ के बिना मिलने वाली कोई à¤à¥€ दवा या औषधि न लें। कà¥à¤› à¤à¤‚टी-वरà¥à¤® दवाà¤à¤‚ दो साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठउचित नहीं होती हैं।
हो सकता है आप वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• उपचारों जैसे कि जड़ी-बूटी या आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपचार अपनाना चाहें। इनकी पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¥€à¤²à¤¤à¤¾ के बारे मे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ उपलबà¥à¤§ नहीं है। बेहतर यही है कि कà¥à¤› à¤à¥€ उपचार आजमाने से पहले अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से अवशà¥à¤¯ बात करें।
कीड़ों का संकà¥à¤°à¤®à¤£ आसानी से फैलता है और इसका दोबारा हो जाना à¤à¥€ काफी आम है। à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤ के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° शायद आपके पूरे परिवार को कीड़ों को खतà¥à¤® करने का उपचार करवाने की सलाह दे सकते हैं, चाहे फिर अनà¥à¤¯ किसी को कीड़े हों या न हों।
मैं शिशॠको कीड़े होने से बचाने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ कर सकती हूं?
विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन (डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚.à¤à¤š.ओ.) की सलाह है कि पà¥à¤°à¥€à¤¸à¥à¤•ूल के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को नियमित रूप से कीड़ों को खतà¥à¤® करने का उपचार दिया जाà¤à¥¤ शिशॠके à¤à¤• साल का हो जाने के बाद से डॉकà¥à¤Ÿà¤° हर छह महीने में उसे डीवरà¥à¤®à¤¿à¤‚ग उपचार देने की सलाह देते हैं।
जब आपका ननà¥à¤¹à¤¾ शिशॠचलने लग जाता है, तो उसे कीड़ों का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ होने का खतरा शà¥à¤°à¥ हो जाता है। अपने बचà¥à¤šà¥‡ को नियमित तौर पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जांच के लिठले जाà¤à¤‚ और नियत समय पर कीड़ों को खतà¥à¤® करने का उपचार करवाà¤à¤‚।
निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित सà¥à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ को अपनाकर आप उसे कीड़ों के संकà¥à¤°à¤®à¤£ से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रख सकती हैं:
शिशॠकी लंगोट (नैपी) नियमित रूप से बदलती रहें और इसके बाद अपने हाथों को अचà¥à¤›à¥‡ से धो लें।
अपने घर को अकà¥à¤¸à¤° अचà¥à¤›à¥‡ कीटनाशक से साफ करती रहें
जब आपका शिशॠचलना शà¥à¤°à¥ कर देता है, तो उसे पैरों को ढक लेने वाले जूते पहनाà¤à¤‚। सà¥â€‹à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि बाहर खेलते समय बचà¥à¤šà¤¾ ये जूते अवशà¥à¤¯ पहने। घर आने के बाद उसके हाथों और पैरों को अवशà¥à¤¯ धो दें।
अपने बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€à¤²à¥‹à¤‚, बांधों और कीचड़ से दूर रहकर ही खेलने दें।
शिशॠको कीचड़ वाली जगहों, नमी वाले रेत की टीलों और मिटà¥à¤Ÿà¥€ से दूर रखें। मानसून के दिनों में विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें, जब अकà¥à¤¸à¤° पानी जमा हो जाता है। दूषित पानी कहीं से à¤à¥€ आ सकता है।
हमेशा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि शिशॠसाफ और सूखी जगह पर ही खेले।
अपने बचà¥à¤šà¥‡ को पानी की जगहों पर जैसे कि कीचड़, गढà¥à¤¢à¤¼à¥‹à¤‚, à¤à¥€à¤²à¥‹à¤‚ या बांधों के आसपास न खेलने दें।
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि शिशॠपेशाब या शौच के लिठसà¥à¤µà¤šà¥à¤› शौचालय का ही इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करे।
अपने शौचालय को साफ रखें। हर बार पेशाब करने या मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— के बाद शिशॠके नितंबों को धो दें। इसके बाद अपने हाथों को à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥€ तरफ धोà¤à¤‚। यदि आपका शिशॠबड़ा है तो आप उसे हर बार शौचालय के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² के बाद हाथ धोने के बारे में सिखाà¤à¤‚।
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आपके परिवार के सदसà¥à¤¯ खाने से पहले और शौचालय के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² के बाद अपने हाथ साबà¥à¤¨ से अवशà¥à¤¯ धोà¤à¤‚।
बचà¥à¤šà¥‡ के नाखून छोटे और साफ रखें। कीड़ों के अंडे लंबे नाखूनों में फंस सकते हैं और पूरे घर में फैल सकते हैं।
हमेशा साफ पानी पीà¤à¤‚। आप पानी को उबाल सकते हैं या फिर फिलà¥à¤Ÿà¤° कर सकती है।
फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को साफ पानी में अचà¥à¤›à¥‡ से धोà¤à¤‚। हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को धोते समय विशेष सावधानी बरतें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनमें मिटà¥à¤Ÿà¥€ और धूल लगी रह सकती है।
खाना बनाने से पहले देख लें कि मांस और मछली ताजा हो। मांस और मांस और मछली को अचà¥à¤›à¥€ तरह पकाà¤à¤‚, ताकि वह कचà¥à¤šà¤¾ न रहे।
अगर आपके घर में कामवाली या आया शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² करती है, तो सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि वह साफ-सà¥à¤¥à¤°à¥€ रहती हो। परिवार के अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ​के साथ-साथ घर में काम करने वाली कामवाली को à¤à¥€ कीड़े खतà¥à¤® करने की दवाई दिलवाना सही रहता है।
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