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कई महिलाओं के मन में यह सवाल रहता है कि डिलीवरी होने के कितने समय बाद वो दोबारा कंसीव कर सकती हैं। à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि डिलीवरी के बाद दोबारा जलà¥â€à¤¦à¥€ कंसीव नहीं किया जा सकता लेकिन ये सच नहीं है।
आपकी à¤à¥€ अà¤à¥€ डिलीवरी हà¥à¤ˆ है और अब आप दूसरे बचà¥â€à¤šà¥‡ के बारे में सोच रही हैं तो यहां हम आपको बता दें कि डिलीवरी के कितने समय बाद महिलाà¤à¤‚ दोबारा मां बन सकती हैं।
डिलीवरी के बाद कंसीव करने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾
आपकी नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी हà¥à¤ˆ हो या सी-सेकà¥â€à¤¶à¤¨ डिलीवरी, दोनों तरह की डिलीवरी के बाद जलà¥â€à¤¦ ही आपका शरीर दोबारा पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होने के लिठतैयार हो जाता है। अपने पहले पोसà¥â€à¤Ÿà¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® पीरियड से पहले आप ओवà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ कर सकती हैं और जितना जलà¥â€à¤¦à¥€ ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ होगा, उतना ही जलà¥â€à¤¦à¥€ आप कंसीव कर पाà¤à¤‚गी।
अगर आप डिलीवरी के बाद सेकà¥â€à¤¸ के दौरान गरà¥à¤ निरोधक का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² नहीं करती हैं तो आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट हो सकती हैं। वहीं, कà¥à¤› महिलाओं में बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग के दौरान ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ देरी से हो सकता है। ये गरà¥à¤ निरोधक के रूप में जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ नहीं होता है और इसका असर लैकà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² à¤à¤®à¥‡à¤¨à¥‹à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मेथड यानी à¤à¤²à¤à¤à¤® की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में ही होता है। यह गरà¥à¤ निरोधक का बहà¥à¤¤ विशेष तरीका है।
डिलीवरी के बाद इतने समय में वापस आती है योâ€à¤¨à¤¿ की टाइटनेस
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शिशॠके जनà¥â€à¤® के बाद आपको योनि में हलà¥â€à¤•ा-सा ढीलापन महसूस हो सकता है। ये पूरी तरह से सामानà¥â€à¤¯ बात है। डिलीवरी के कà¥à¤› दिनों बाद योनि अपनी सामानà¥â€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आना शà¥à¤°à¥‚ कर देती है। हालांकि, ये पूरी तरह से पहले ही तरह नहीं हो सकती है।
यदि जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ की डिलीवरी हà¥à¤ˆ है तो योनि की मांसपेशियों में जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खिंचाव आया होगा। अगर आपको इसकी वजह से असहज महसूस हो रहा है तो योनि की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिठआप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी से पहले, दौरान और डिलीवरी के बाद कà¥à¤› à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ कर सकती हैं।
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गाइनोकोलोजिसà¥à¤Ÿ सोनिया चावला के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, जब किसी महिला की नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी होती है यानी वह बचà¥à¤šà¥‡ को वजाइनल बरà¥à¤¥ देती है तो डिलीवरी के बाद महिला के शरीर को वापस इंटरकोरà¥à¤¸ के लिठतैयार होने में कम से कम 6 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ का समय लगता है। यह बात उन महिलाओं पर लागू होती है, जो सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हों और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पूरा पोषण मिल रहा हो।
अगर किसी महिला को पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान सही देखà¤à¤¾à¤² और पोषण पूरा नहीं मिल पाता तो उनकी बॉडी को रिकवर करने में अधिक समय लग सकता है। वैसे यह हर महिला के शरीर पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करता है। किसी का शरीर जलà¥à¤¦à¥€ रिकवर कर लेता है तो किसी को रिकवरी में वकà¥à¤¤ लगता है। लेकिन इस सब में सही डायट, योगासन और परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ आराम का बहà¥à¤¤ बड़ा रोल होता है।
जिन महिलाओं की पहली वजाइनल डिलीवरी हà¥à¤ˆ होती है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वापस नैचà¥à¤°à¤² टाइटनेस पाने में आइडियल टाइम 6 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ का ही लगता है। लेकिन फिर à¤à¥€ वजाइनल टिशà¥à¤¯à¥‚ज पहले की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में हलà¥à¤•े लूज तो हो जाते हैं। लेकिन अगर किसी ने 2 या 3 बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को वजाइनल बरà¥à¤¥ दिया है तो उनके लिठवापस पहले जैसी टाइटनेस पाना आमतौर पर संà¤à¤µ नहीं होता है।
अगर महिलाà¤à¤‚ अपनी डायट, रेसà¥à¤Ÿ और रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें तो काफी हद तक रिकवरी की जा सकती है। ये सà¤à¥€ बातें उन महिलाओं के लिठहैं, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बचà¥à¤šà¥‡ को नैचà¥à¤°à¤² बरà¥à¤¥ दिया है। ऑपरेशन से होने वाले डिलीवरी केस इसमें शामिल नहीं हैं। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सिजेरियन डिलीवरी की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में वजाइनल टिशà¥à¤¯à¥‚ज में कोई परिवरà¥à¤¤à¤¨ नहीं होता है।
- जी नहीं, à¤à¤¸à¤¾ बिलà¥â€à¤•à¥à¤² नहीं है कि डिलीवरी के बाद योनि में आया ढीलापन हमेशा रहता है। उमà¥à¤° बढ़ने और डिलीवरी के कारण योनि में हलà¥â€à¤•ा ढीलापन आ सकता है लेकिन वजाइना (योनि) की मांसपेशियां सà¥â€à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ रूप से सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š नहीं होती हैं। समय के साथ योनि अपनी सामानà¥â€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आने लगती है।
योनि में पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से लचीलापन होता है। इसका मतलब है कि ये सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ढीली और टाइट हो जाती है और योनि को अपनी सामानà¥â€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आने में जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय नहीं लगता है।
दूसरी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कितना गैप होना चाहिà¤
डिलीवरी के बाद महिलाओं को कम से कम 12 महीने तक इंतजार करना चाहिà¤à¥¤ यूà¤à¤¸ डिपारà¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट ऑफ हैलà¥â€à¤¥ à¤à¤‚ड हà¥à¤¯à¥‚मन सरà¥à¤µà¤¿à¤¸à¥‡à¤¸ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° दूसरी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में इतने समय का गैप तो होना ही चाहिà¤à¥¤
दो बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ में 18 से 23 महीनों का गैप रखने की बजाय 6 महीने से कम समय का गैप रखने से पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥â€à¤¯à¥‹à¤° बरà¥à¤¥ या शिशॠका जनà¥â€à¤® के समय वजन कम होने का खतरा बढ़ जाता है।
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ में 18 महीने से कम और जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लंबा गैप (लगà¤à¤— 60 महीने) रखने से मां और शिशॠदोनों को खतरा रहता है।
डिलीवरी के बाद इतने समय में वापस आती है योâ€à¤¨à¤¿ की टाइटनेस
शिशॠके जनà¥â€à¤® के बाद आपको योनि में हलà¥â€à¤•ा-सा ढीलापन महसूस हो सकता है। ये पूरी तरह से सामानà¥â€à¤¯ बात है। डिलीवरी के कà¥à¤› दिनों बाद योनि अपनी सामानà¥â€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आना शà¥à¤°à¥‚ कर देती है। हालांकि, ये पूरी तरह से पहले ही तरह नहीं हो सकती है।
यदि जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ की डिलीवरी हà¥à¤ˆ है तो योनि की मांसपेशियों में जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खिंचाव आया होगा। अगर आपको इसकी वजह से असहज महसूस हो रहा है तो योनि की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिठआप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी से पहले, दौरान और डिलीवरी के बाद कà¥à¤› à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ कर सकती हैं।
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