Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
ऑटिजà¥à¤® à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की विकास संबंधी बीमारी है, जिसे पूरी तरह से तो ठीक नहीं किया जा सकता लेकिन सही पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ और परामरà¥à¤¶ की मदद से रोगी को बहà¥à¤¤ कà¥à¤› सिखाया जा सकता है ताकी वह रोजमरà¥à¤°à¤¾ के काम खà¥à¤¦ कर सकें। ऑटिजà¥à¤® à¤à¤• आजीवन रहने वाली अवसà¥à¤¥à¤¾ है, जिसके पूरà¥à¤£ इलाज के लिठमनोचिकितà¥à¤¸à¤• से संपरà¥à¤• करें।
ऑटिज़à¥à¤® के पà¥à¤°à¤•ार
ऑटिज़à¥à¤® के तीन पà¥à¤°à¤•ार निमà¥â€à¤¨ हैं:
1.ऑटिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• डिसॉरà¥à¤¡à¤° (कà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤¿à¤• ऑटिज़à¥à¤®): यह ऑटिज़à¥à¤® का सबसे आम पà¥à¤°à¤•ार है। जो लोग ऑटिजà¥â€à¤® के इस डिसऑडर से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ सामाजिक वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में और अनà¥à¤¯ लोगों से बातचीत करने में मà¥à¤¶à¥à¤•िलें होती हैं। साथ ही असामानà¥à¤¯ चीज़ों में रूचि होना, असामानà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करना, बोतले समय अटकना, हकलाना या रूक-रूक कर बोलने जैसी आदतें à¤à¥€ ऑटिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• डिसॉरà¥à¤¡à¤° के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं। वहीं, कà¥à¤› मामलों में बौदà¥à¤§à¤¿à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में कमी à¤à¥€ देखी जाती है।
2.असà¥à¤ªà¥‡à¤°à¥à¤—ेर सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®: इस सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® को ऑटिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• डिसऑडर का सबसे हलà¥à¤•ा रूप माना जाता है। इस सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ कà¤à¥€ कà¤à¤¾à¤° अपने वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° से à¤à¤²à¥‡ ही अजीब लग सकते हैं लेकिन, कà¥à¤› खास विषयों में इनकी रूचि बहà¥à¤¤ अधिक हो सकती है। हालांकि इन लोगों में मानसिक या सामाजिक वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कोई समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती है।
3.परà¥à¤µà¥‡à¤¸à¤¿à¤µ डेवलपमेंट डिसॉरà¥à¤¡à¤°: आमतौर पर इसे ऑटिज़à¥à¤® का पà¥à¤°à¤•ार नहीं माना जाता है। कà¥à¤› विशेष सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में ही लोगों को इस डिसॉरà¥à¤¡à¤° से पीड़ित माना जाता है।
ऑटिज़à¥à¤® के लकà¥à¤·à¤£
इस बीमारी के लकà¥à¤·à¤£ आमतौर पर 12-18 महीनों की आयॠमें (या इससे पहले à¤à¥€) दिखते हैं जो सामानà¥â€à¤¯ से लेकर गमà¥à¤à¥€à¤° हो सकते हैं। ये समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पूरे जीवनकाल तक रह सकती हैं। नवजात शिशॠजब ऑटिजà¥â€à¤® का शिकार होते हैं उनमें विकास के निमà¥â€à¤¨ संकेत दिखाई नहीं देते हैं-
इकà¥à¤•ा-दà¥à¤•à¥à¤•ा शबà¥à¤¦ बार-बार बोलना या बड़बड़ाना
किसी चीज़ की तरफ इशारा करना
मां की आवाज़ सà¥à¤¨à¤•र मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ या उसे पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देना
हाथों के बल चलकर दूसरों के पास जाना
आंखों में आंखें मिलाकर ना देखना या आई-कॉनà¥à¤Ÿà¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ ना बनाना
ऑटिज़à¥à¤® से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ में लकà¥à¤·à¤£
दूसरे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ से घà¥à¤²à¤¨à¥‡-मिलने से बचना
अकेले रहना
खेल-कूद में हिसà¥à¤¸à¤¾ ना लेना या रूचि ना दिखाना
किसी à¤à¤• जगह पर घंटों अकेले या चà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤ª बैठना, किसी à¤à¤• ही वसà¥à¤¤à¥ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना या कोई à¤à¤• ही काम को बार-बार करना
दूसरों से समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• ना करना
अलग तरीके से बात करना जैसे पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ लगने पर ‘मà¥à¤à¥‡ पानी पीना है’ कहने की बजाय ‘कà¥à¤¯à¤¾ तà¥à¤® पानी पीओगे’ कहना
बातचीत के दौरान दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के हर शबà¥à¤¦ को दोहराना
सनकी वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करना
किसी à¤à¥€ à¤à¤• काम या सामान के साथ पूरी तरह वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ रहना
खà¥à¤¦ को चोट लगाना या नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाने के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करना
गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥ˆà¤², बदहवास, बेचैन, अशांत और तोड़-फोड़ मचाने जैसा वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करना
किसी काम को लगातार करते रहना जैसे, à¤à¥‚मना या ताली बजाना
à¤à¤• ही वाकà¥à¤¯ लगातार दोहराते रहना
दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को ना समठपाना
दूसरों की पसंद-नापसंद को ना समठपाना
किसी विशेष पà¥à¤°à¤•ार की आवाज़, सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और गंध के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अजीब पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देना
पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ सà¥à¤•िलà¥à¤¸ को à¤à¥‚ल जाना
ऑटिज़à¥à¤® के कारण और कारक
कारण
अà¤à¥€ तक ऑटिजà¥â€à¤® के सही कारणों का पता नहीं चल सका है। हालांकि, विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€à¤œà¤¼ में कहा गया गया है कि यह डिसऑरà¥à¤¡à¤° कà¥à¤› अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ कारणों से होता है। जो कि गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ के दिमाग के विकास को बाधित करते हैं। जैसे-
दिमाग के विकास को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने वाले जीन में कोई गड़बड़ी होना
सेलà¥à¤¸ और दिमाग के बीच समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• बनाने वाले जीन में गड़बड़ी होना
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में वायरल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ या हवा में फैले पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण कणों के समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• में आना
जोखिम कारक
इन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में ऑटिज़à¥à¤® का खतरा सबसे अधिक होता है:
à¤à¤¸à¥‡ माता-पिता के बचà¥à¤šà¥‡ जिनका पहले से कोई बचà¥à¤šà¤¾ ऑटिजà¥â€à¤® का शिकार हो
समय से पहले पैदा होने वाले यानि पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° बचà¥à¤šà¥‡
कम बरà¥à¤¥ वेट यानि जनà¥à¤® के समय कम वजन के साथ पैदा होने वाले बचà¥â€à¤šà¥‡
उमà¥à¤°à¤¦à¤°à¤¾à¤œà¤¼ माता-पिता के बचà¥à¤šà¥‡
जेनेटिक/ कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤®à¤² कंडीशन जैसे, टà¥à¤¯à¥‚बरस सà¥à¤•ेलेरोसिस या फà¥à¤°à¥‡à¤œà¤¼à¤¾à¤‡à¤² à¤à¤•à¥à¤¸ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान खायी गयीं कà¥à¤› दवाइयों का साइड-इफेकà¥à¤Ÿ
ऑटिज़à¥à¤® से बचाव
चूंकि अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ में अà¤à¥€ तक ऑटिज़à¥à¤® के कारणों का सही तरीके से पता नहीं चल सका है, इसीलिठवरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में इस डिसऑरà¥à¤¡à¤° से बचाव के कोई कारगर उपाय à¤à¥€ उपलबà¥à¤§ नहीं है।
ऑटिज़à¥à¤® का निदान
फिलहाल, ऑटिज़à¥à¤® के डायगà¥à¤¨à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ या निदान के लिठकोई विशिषà¥à¤Ÿ टेसà¥à¤Ÿ नहीं है। आमतौर पर, अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤•ों को बचà¥à¤šà¥‡ के वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° और उनके विकास पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने के लिठकहा जाता है। ताकि, डिसऑरà¥à¤¡à¤° का पता लगाने में मदद हो। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मरीज की देखने, सà¥à¤¨à¤¨à¥‡, बोलने और मोटर कॉरà¥à¤¡à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ का आंकलन किया जाता है। यदि बचà¥à¤šà¥‡ में निमà¥â€à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं तो उसे ऑटिज़म से पीड़ित माना जाता है :
à¤à¤• ही बात या à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ को बार-बार करना
अलग-अलग सामाजिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में लोगों के साथ बातचीत करने या समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करने में दिकà¥à¤•त आना
आमतौर पर 2 साल की उमà¥à¤° के आसपास बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में ऑटिज़à¥à¤® होने का पता चल जाता है। लेकिन, कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में ये लकà¥à¤·à¤£ जलà¥à¤¦à¥€ नहीं दिखते हैं। इसीलिठजब बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤•ूल जाने लगता है या जब वह टीनेजर हो जाता है तब उसके ऑटिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• होने का पता चलता है।
ऑटिज़à¥à¤® का उपचार
वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में ऑटिज़à¥à¤® के लिठकोई उपचार उपलबà¥à¤§ नहीं है। हालांकि, सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€à¤œà¤¼ में à¤à¤¸à¥‡ संकेत दिठगठहैं जिसमें बचपन में ही इंटरवेंशनल टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट सरà¥à¤µà¤¿à¤¸à¥‡à¤œà¤¼ की मदद से ऑटिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पढ़ने-लिखने जैसी ज़रूरी सà¥à¤•िलà¥à¤¸ सीखने में सहायता मिल सके। इसमें à¤à¤œà¥à¤•ेशनल पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® और बिहेवियरल थेरेपी के साथ-साथ à¤à¤¸à¥‡ सà¥à¤•िलà¥â€à¤¸ ओरिà¤à¤‚टेड टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग सेशनà¥à¤¸ à¤à¥€ कराठजाते हैं जो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बोलना, सामाजिक वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° और सकारातà¥à¤®à¤• वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° सीखने में मदद करते हैं। चूंकि, हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में ऑटिज़à¥à¤® के लकà¥à¤·à¤£ अलग अलग होते हैं, इसलिठहर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को विशेष उपचार देने से ही बेहतर परिणाम पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो सकते हैं। ऑटिज़à¥à¤® के मà¥à¤–à¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का इलाज करने में दवाइयां कारगार नहीं होती हैं। लेकिन वे बेचैनी, डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨, सनकी और जà¥à¤¨à¥‚नी वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने में मदद कर सकती हैं, जो आमतौर पर ऑटिजà¥â€à¤® के मरीजों में देखी जाती है। डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° ऑटिज़à¥à¤® के मरीजों को निमà¥â€à¤¨ दवाइयों के सेवन की सलाह à¤à¥€ दे सकते हैं:
à¤à¤‚टी-à¤à¤‚गà¥à¤œà¤¾à¤¯à¤Ÿà¥€ दवाइयां (बेचैनी वाले वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने के लिà¤)
चिड़चिड़ापन, गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ और बार-बार à¤à¤• जैसा वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° दोहराने आदि से राहत के लिठà¤à¤‚टीसायकोटिक दवाइयां दी जाती हैं।
अशांत और बेचेनीà¤à¤°à¥‡ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° से राहत के लिठसेंटà¥à¤°à¤² नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® सà¥à¤Ÿà¤¿à¤®à¥à¤²à¥ˆà¤‚टà¥à¤¸ दवा
डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ और बार-बार दोहरानेवाले वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° से राहत के लिठà¤à¤‚टीडिपà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ दवा
ऑटिज़à¥à¤® में लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤²
à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ जो ऑटिज़à¥à¤® से पीड़ित हैं उनके लिठये लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ बदलाव मददगार साबित हो सकते हैं:
बचà¥à¤šà¥‡ की रोज़मरà¥à¤°à¤¾ की ज़िंदगी में मदद à¤à¤¸à¥‡ करें :
1. बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के साथ कमà¥â€à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤•ेशन को आसान बनाà¤à¤‚
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के साथ धीरे-धीरे और साफ आवाज़ में बात करें
à¤à¤¸à¥‡ शबà¥â€à¤¦à¥‹à¤‚ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें जो समà¤à¤¨à¥‡ में आसान हो
बचà¥à¤šà¥‡ से बातचीत करते समय बार-बार बचà¥à¤šà¥‡ का नाम दोहराà¤à¤‚। ताकि बचà¥à¤šà¤¾ यह समठसके कि आप उसी से बात कर रहे हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ को आपकी बात समà¤à¤¨à¥‡ और फिर उसका जवाब देने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ समय लेने दें
बातचीत के दौरान हाथों से इशारे करें और तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‹à¤‚ की मदद à¤à¥€ ले सकते हैं
आप किसी सà¥à¤ªà¥€à¤š थेरेपिसà¥à¤Ÿ की सहायता à¤à¥€ ले सकते हैं
2. खाना सिखाà¤à¤‚
ऑटिज़à¥à¤® वाले बचà¥à¤šà¥‡à¤‚ अकà¥à¤¸à¤° खाने-पीने से आनाकानी करते हैं और किसी विशेष रंग या पà¥à¤°à¤•ार का ही à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाते हैं। वे बहà¥à¤¤ अधिक या बहà¥à¤¤ कम मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¥€ खा सकते हैं। वहीं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाना खाते समय à¤à¥‹à¤œà¤¨ अटकने या खांसी की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ हो सकती हैं। à¤à¤¸à¥‡ मामलों में अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤•ों को अपने बचà¥à¤šà¥‡ के खाने-पीने से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ आदतें à¤à¤• डायरी में लिख कर रखनी चाहिà¤à¥¤ ताकि, वे बचà¥à¤šà¥‡ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को समठसकें और उससे बचने के उपाय अपना सकें। इसी तरह बचà¥à¤šà¥‡ को अगर खाने में दिकà¥à¤•त हो तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
3. जब बचà¥à¤šà¥‡ को सोने में परेशानी हो तो:
पेरेंटà¥à¤¸ किसी डायरी में बचà¥à¤šà¥‡ के सोने-जागने से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ आदतों के नोटà¥à¤¸ बनाà¤à¤‚ और समसà¥à¤¯à¤¾ को समà¤à¥‡à¤‚
बचà¥à¤šà¥‡ का कमरा शांत और अंधेरे से à¤à¤°à¤¾ हो।
बचà¥à¤šà¥‡ के सोने और जागने का समय निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ करें।
ज़रूरत हो तो बचà¥à¤šà¥‡ को ईयरपà¥à¤²à¤—à¥à¤¸ पहनने दें।
4. à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं पर काबू रखना सिखाà¤à¤‚
कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है और वे अकà¥à¤¸à¤° रो पड़ते हैं। à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की मदद करने के लिठमाता-पिता ये करें:
हर बार डायरी में उन बातों या घटनाओं के बारे में लिखें जिसके बाद बचà¥à¤šà¥‡ ने रोना शà¥à¤°à¥‚ किया हो
बचà¥à¤šà¥‡ के कमरे से à¤à¤¡à¤¼à¤•ीली बतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और बलà¥à¤¬ हटा दें।
बचà¥à¤šà¥‡ को मधà¥à¤° और सूकूनà¤à¤°à¤¾ संगीत सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ दें।
बचà¥à¤šà¥‡ की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में किसी पà¥à¤°à¤•ार के बदलाव करने से पहले उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इसकी जानकारी दें।
5.साफ-सफाई का महतà¥à¤µ सिखाà¤à¤‚
माता-पिता अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को साफ-सà¥à¤¥à¤°à¤¾ रहने का महतà¥à¤µ ज़रूर समà¤à¤¾à¤à¤‚। बचà¥à¤šà¥‡ को उनकी साफ-सफाई रखना सिखाà¤à¤‚ और इसके लिठदिन में समय निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ करें ।
6. सहज रहने में करें मदद
कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ बहà¥à¤¤ à¤à¤¾à¤µà¥à¤• और सवेंदनशील होते हैं। à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¥€à¤¡à¤¼, शोर और तेज़ रोशनी से घबरा जाते हैं । à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेरेंटà¥à¤¸ को à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से बचने के लिठइन बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤:
अगर बचà¥à¤šà¥‡ को शोर से दिकà¥à¤•त है तो उसे शोर कम करने वाले हेडफोन या इयरपà¥à¤²à¤—à¥à¤¸ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने दें।
बचà¥à¤šà¥‡ से बातचीत करते समय उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आपकी बात समà¤à¤¨à¥‡ के लिठसमय दें। अगर, बचà¥à¤šà¥‡ फिर à¤à¥€ समठना पाà¤à¤‚ तो माता-पिता दोबारा तेज़ आवाज़ में बोलें।
अगर, बचà¥à¤šà¤¾ नयी जगह में सहज नहीं है तो अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤• उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उन जगहों पर तब ले जाà¤à¤‚, जब वहां बहà¥à¤¤ à¤à¥€à¤¡à¤¼ ना हो या शांति हो। फिर, धीरे-धीरे वहां, बचà¥à¤šà¥‡ के रहने का समय बढ़ाते जाà¤à¤‚। जिससे, वे सहज हो जाà¤à¤‚।
बचà¥à¤šà¥‡ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¥‡ के लिठउनके लिठशांत माहौल का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करें।
ऑटिज़à¥à¤® का परिणाम
ऑटिज़à¥à¤® जीवनà¤à¤° रहनेवाली à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ है। à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ को हमेशा विशेष सहयोग और सपोरà¥à¤Ÿ की ज़रूरत पड़ सकती है। हालांकि, उमà¥à¤° बढ़ने के साथ ऑटिज़à¥à¤® के लकà¥à¤·à¤£ कम होने लगते हैं। जिससे, वह आगे चलकर सामानà¥â€à¤¯ लोगों की तरह जीवन जी पाते हैं। इसलिठऑटिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• बचà¥à¤šà¥‡ के माता-पिता को बचà¥à¤šà¥‡ की बदलती ज़रूरतों के साथ तालमेल बिठाने के लिठतैयार रहना चाहिà¤à¥¤
ऑटिज़à¥à¤® के साथ जà¥à¤¡à¤¼à¥€ अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚
ऑटिजà¥à¤® से पीड़ित लोगों को आमतौर पर ये समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होती हैं :
डिसà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾: à¤à¤¸à¥‡ लोगों को अकà¥à¤·à¤° पहचानने, लिखने और पढ़ने में दिकà¥à¤•त होती है।
डिसà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ : इन समसà¥à¤¯à¤¾ से पीडित लोगों को सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ और दूसरों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दिठगठनिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° काम करने में परेशानी होती है।
अटेंशन डेफिसिट हाइपरà¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ डिसॉरà¥à¤¡à¤°: इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में लोगों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ आसानी से à¤à¤Ÿà¤• जाता है और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤•ागà¥à¤° रहने में दिकà¥à¤•त होती है। à¤à¤¸à¥‡ लोगों को सà¥à¤•ूल और काम की जगहों पर अतिरिकà¥à¤¤ सहयोग की ज़रूरत पड़ सकती है।
अनिदà¥à¤°à¤¾ या इंसोमेनिया: अनिदà¥à¤°à¤¾ से पीड़ित लोगों के लिठठीक तरीके से सो पाना संà¤à¤µ नहीं होता।
लरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग डिसेबिलिटी: इसमें लोगों को नयी चीज़ें सीखने, किसी कठिन विषय या जानकारी को समठपाना और खà¥à¤¦ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने में à¤à¥€ दिकà¥à¤•त होती है।
मेंटल हेलà¥à¤¥ पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤®à¥à¤¸: ऑटिज़à¥à¤® के मरीज़ों में बेचैनी (ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° समय चिंतागà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ रहना), ऑबà¥à¤¸à¥‡à¤¸à¤¿à¤µ कमà¥à¤ªà¤²à¥à¤¸à¤¿à¤µ डिसॉरà¥à¤¡à¤° यानि किसी काम को करने की सनक या जूनून छाया रहता है। à¤à¤¸à¥‡ लोगों में डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ (निराशा और दà¥à¤–) जैसी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ हमेशा रहती हैं।
मिरà¥à¤—ी: इस समसà¥à¤¯à¤¾ से पीड़ित लोगों को हाथों-पैरों में हमेशा सरसराहट सी महसूस होती रहती है। साथ ही इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और गंध महसूस होती है।
जोड़ों में दरà¥à¤¦: कà¥à¤› ऑटिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• लोगों को जोड़ों और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ महसूस होता है।
| --------------------------- | --------------------------- |