क्या हेपेटाइटिस से खून के थक्के बन सकते हैं?HealthPlanet

Posted on Tue 6th Dec 2022 : 09:22

खून से फैलता है हेपेटाइटिस सी, सावधानी ही बचाव : डॉ. अजय
: हेपेटाइटिस सी बीमारी खून के द्वारा फैलती है। मुख्य कारण झोलाछाप डाक्टरों द्वारा एक सीरीज कई मरीजों को लगाने, नशा करने वाले द्वारा प्रयोग की सीरींज का दूसरे व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल करने, नाई की दुकान पर पर एक ही फिटकरी कई लोगों को लगाने से, काला पीलिया के मरीजों का

नेल कटर, टूथ ब्रुश, शे¨वग ब्रुश का आम लोगों द्वारा इस्तेमाल करने, टेटू बनवाने वाली जगह पर एक ही पिन का इस्तेमाल करने से फैलता है। यह बीमारी पानी से, हाथ मिलाने व साथ खाने-पीने से नहीं फैलती है। यह जानकारी दैनिक जागरण कार्यालय में आयोजित हेलो जागरण कार्यक्रम में सिविल अस्पताल के हेपेटाइटिस स्पेशलिस्ट एवं फीजिशियन डॉ.अजय चुघ पाठकों को दे रहे थे। दैनिक जागरण कार्यालय में विश्व हेपेटाइटिस डे के उपलक्ष में हेलो जागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में जिला फतेहाबाद समेत अंबाला, कैथल व सिरसा के मरीजों ने भी बीमारी से संबंधित जानकारी ली। इस दौरान फार्मासिस्ट संदीप कुमार भी मौजूद रहे। डॉ.चुघ ने पाठकों को जानकारी देते हुए कहा कि सेक्स के माध्यम से हेपेटाइटिस सी का ट्रांसमिशन कम पाया गया है। हेपेटाइटिस बी के अंदर सेक्स के माध्यम से ट्रांसमिशन ज्यादा है।

50 फीसदी केस में शुरू में लक्षण नहीं आते और अन्य केसों में टांगों में दर्द, शरीर में थकावट और लीवर एनजाइम बढ़े हुए मिलते हैं। 20 फीसदी केस में लीवर सरोसिस बीमारी हो जाती है। जिस लीवर खराब होना भी कह सकते हैं। जिसके अंर्तगत एक शराबी का लीवर खराब होता है वैसे ही उसके पेट में बीमारी, उल्टी में खून व शौच के साथ भी खून आ सकता है। ये लक्षण 7 से 10 साल में विकसित होने की संभावना होती है। लक्षण दिखने पर तुरंत उपचार करवाए। आमतौर पर मरीजों को घी खाने से मना किया जाता है। नई रिसर्च के मुताबिक मरीज नार्मल मात्रा में घी खा सकता है। कार्ड टेस्ट उपचार करवाने के बाद 15 साल तक पोस्टिव रहता है। सिर्फ वायरस लोड टेस्ट ही असली टेस्ट है।

डॉक्टर : हेपटाइटिस बीमारी खून से फैलती है। 5 से 7 साल में लीवर खराब हो जाता है। टांगों में दर्द रहता है, शरीर में थकावट रहती है। बीमारी झोलाछाप डाक्टरों द्वारा एक ही सीरीज का इस्तेमाल करने से फैलती है इसके अलावा नाई की दुकान पर फिटकरी का इस्तेमाल करनी से होती है। ऐसे में इन सब से परहेज करें।

डाक्टर : नहीं हेपेटाइटिस पानी के कारण नहीं फैलता है। इसका वायरस खून में होता है। जो कि खून से ही फैलता है। बचाव यही है कि नाई की दुकान पर शे¨वग का सामान खुद लेकर जाएं और नशा न करें। हेपेटाइटिस बी के बचाव के लिए टीका है जबकि सी के लिए टीका नहीं है।

डाक्टर : सिविल अस्पताल में हेपेटाइटिस सी का निश्शुल्क उपचार है। यहां पर उपचार शुरू हो जाएगा। सिविल अस्पताल के कमरा नंबर 209 में रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। वैसे उपचार पूरा होने के बाद दोबारा लेने की जरूरत नहीं है, अगर वायरस आ रहा है तो सिविल अस्पताल में रजिस्ट्रेशन करवाएं और अपना मोबाइल नंबर दर्ज करवाएं।

डाक्टर : अगर हेपेटाइटिस सी है और लीवर पर कोई असर नहीं है तो नशे से परहेज करें व देसी दवाई का इस्तेमाल न करें। लीवर खराब हो चुका है तो नमक चुटकी भर और पानी डेढ़ से दो लीटर तक ही लें।

डाक्टर : सिविल अस्पताल में हेपेटाइटिस सी का उपचार शुरू है। मरीजों का रजिस्ट्रेशन चल रहा है। करीब 290 मरीजों का उपचार पूरा हो चुका है, 375 मरीजों का उपचार चल रहा है। 500 मरीज वे¨टग में है। 150 मरीजों की दवाइयां आ चुकी हैं। जल्द ही उनका उपचार शुरू हो जाएगा। मरीज उपचार के लिए नीम-हकीमों के पास जा रहे हैं, इस बारे में भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

डाक्टर : सरकार की तरफ से सभी जिलों में उपचार चल रहा है। फतेहाबाद व कैथल में मरीज ज्यादा है, इसलिए यहां पर फोकस ज्यादा है। जैसे ही दवाइयां पहुंच रही हैं मरीजों का उपचार शुरू किया जा रहा है। तीन महीने का कोर्स है। फिलहाल अभी दूसरे जिले के मरीज का यहां पर उपचार करने का कोई गाइडलाइन नहीं है। उम्मीद है अंबाला में भी जल्द दवाइयां पहुंच जाएंगी।

डाक्टर : अगर रजिस्ट्रेशन करवाया गया है तो जल्द ही नंबर आ जाएगा। 500 मरीज वे¨टग में चल रहे हैं, 150 मरीजों की दवाइयां आ चुकी हैं। उन्हें फोन करके बुलाया जा रहा है। उम्मीद है अगस्त के पहले सप्ताह में दवाइयों का काफी मात्रा में स्टॉक आ जाएगा। अगस्त माह के अंत तक सभी मरीजों का उपचार शुरू हो जाएगा। रजिस्ट्रेशन के बारे में कमरा नंबर 209 में जानकारी ले सकते हैं।

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