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कà¥à¤¯à¤¾ डिलीवरी के बाद सिर को ढककर न रखने से नई माठको ठंड लग सकती है?
दà¥à¤ªà¤Ÿà¥à¤Ÿà¥‡ से सिर ढककर खिड़की के पास खड़ी नई मां, पास में रखा है चाय का कप
नहीं, à¤à¤¸à¤¾ नहीं है कि शिशॠके जनà¥à¤® के बाद यदि नई माठसिर ढक कर न रहे तो उसे ठंड लग सकती है।
डिलीवरी के बाद शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ 40 दिनों तक सिर ढककर रखना बहà¥à¤¤ से समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° à¤à¤•ांतवास की à¤à¤• लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ पà¥à¤°à¤¥à¤¾ है। इसके पीछे तरà¥à¤• यह दिया जाता है कि शरीर की गरà¥à¤®à¥€ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤: सिर के जरिये बाहर निकलती है और नई माठको पà¥à¤°à¤¸à¤µ से उबरने के लिठशरीर की गरà¥à¤®à¥€ को बनाठरखना होता है।
माना जाता है कि सिर ढककर रहने से शरीर की गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ को बाहर निकलने से रोका जा सकता है। कà¥à¤› मांओं को तो कान ढकने की या कान में रà¥à¤ˆ लगाने की सलाह à¤à¥€ दी जाती है, ताकि कानों के जरिये हवा शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ न कर सके। हालांकि, यह कह पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है कि ये उपाय कितने कारगर हैं।
यदि आपकी डिलीवरी सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में हà¥à¤ˆ है और आपको ठंड लग रही है तो सिर ढकने से आपको आराम महसूस हो सकता है। मगर, सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ पाने के लिठसिरà¥à¤« सिर ढकने से काम नहीं चलेगा, आपको गरà¥à¤® कपड़े à¤à¥€ पहनने होंगे।
जिन मांओं की डिलीवरी गरà¥à¤® और आरà¥à¤¦à¥à¤° मौसम में हà¥à¤ˆ है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सिर ढकने से गरà¥à¤®à¥€ लग सकती है और पसीना आ सकता है। खासतौर पर यदि आपके परिवारजन à¤à¤•ांतवास की अवधि के दौरान आपको à¤à¤¸à¥€ और कूलर में रहने से मना करें तो।
बहà¥à¤¤ सी मांठमानती हैं कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद की à¤à¤•ांतवास की पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤à¤‚ जैसे कि घर के अंदर रहना, परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आराम करना और मालिश करवाना आदि पà¥à¤°à¤¸à¤µ के उबरने में काफी मदद करता है। मगर यदि आपको इनमें से कà¥à¤› पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤“ं का पालन करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल लगे तो अपने परिवारजनों से बात करें। हो सकता है इसका कोई समाधान निकल सके।
बहà¥à¤¤ सी नई मांठà¤à¤•ांतवास की à¤à¤¸à¥€ पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤“ं का पालन नहीं करती जो उनकी रोजमरà¥à¤°à¤¾ की जिंदगी को मà¥à¤¶à¥à¤•िल बनाती हैं। वहीं कà¥à¤› अनà¥à¤¯ माà¤à¤‚ मौसम को देखते हà¥à¤ इन पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤“ं में कà¥à¤› बदलाव कर लेती हैं, ताकि वे कà¥à¤› हद तक परंपरा का पालन à¤à¥€ करें और आरामदेह à¤à¥€ रहें।
उदाहरण के तौर पर, यदि डिलीवरी गरà¥à¤®à¥€ के महीनों में हà¥à¤ˆ है तो à¤à¥€ थोड़ी ठंडक के समय हलà¥à¤•ा सà¥à¤•ारà¥à¤« या पतला सूती या मलमल का दà¥à¤ªà¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¾ सिर पर ढक सकती हैं। आप शाम ढलने के बाद या फिर सà¥à¤¬à¤¹-सà¥à¤¬à¤¹ अपना सिर ढक सकती हैं या फिर कमरे में à¤à¤¸à¥€ या कूलर चल रहा हो तो।
यदि आपके शिशॠका जनà¥à¤® सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में हà¥à¤† है तो आप लंबे समय के लिठगरà¥à¤® सà¥à¤•ारà¥à¤«, मफलर, शॉल या ऊनी टोपी पहन सकती हैं। मगर यह पूरी तरह आपको ऊपर निरà¥à¤à¤° है कि आपको कà¥à¤¯à¤¾ उचित लगता है।
बहरहाल, यदि आप हवा में मौजदू रोगाणà¥à¤“ं व कीटाणà¥à¤“ं के संपरà¥à¤• में आती हैं, तो आपको सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम हो सकता है। बीमार लोगों के आसपास ये रोगाणॠपाठजाते हैं। सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम हाथ से हाथ के सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ से à¤à¥€ फैल सकता है। कà¥à¤› साधारण à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤ बरतकर आप सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रह सकती हैं और आपकी रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ à¤à¥€ बढ़ती है।
शिशॠको जनà¥à¤® देना à¤à¤• मेहनत और थका देने वाला काम है और आपके शरीर को इससे पूरी तरह उबरने के लिठसमय चाहिठहोता है। किसी à¤à¥€ समय आपकी तबियत ठीक न लगे या पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद के कोई खतरनाक लकà¥à¤·à¤£ महसूस हों, तो अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से अवशà¥à¤¯ संपरà¥à¤• करें। कà¥à¤› सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में तà¥à¤°à¤‚त चिकितà¥à¤¸à¤•ीय उपचार की जरà¥à¤°à¤¤ होती है और इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अनदेखा नहीं किया जाना चाहिà¤à¥¤
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