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सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की कई बीमारियों का इलाज है लौंग का तेल, जानें उपयोग की सही विधि
Benefits of Clove Oil: सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में à¤à¤• छोटी-सी शीशी कà¥à¤²à¥‹à¤µ ऑइल यानी लौंग के तेल की अपने घर में जरूर रखें. कई मौसमी बीमारियों से यह आपको राहत दिलाà¤à¤—ा. इसका उपयोग कैसे करना है,
How to use Clove Oil: à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ रसोई में लौंग का उपयोग पà¥à¤°à¤®à¥à¤–ता से किया जाता है. पà¥à¤²à¤¾à¤µ, à¤à¤°à¤µà¤¾ सबà¥à¤œà¥€, काढ़ा इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ के साथ ही पूजा और हवन के दौरान लौंग का उपयोग जरूर किया जाता है. कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि लौंग à¤à¤• औषधि à¤à¥€ है, मसाला à¤à¥€ और हवन सामगà¥à¤°à¥€ à¤à¥€. इससे आप समठसकते हैं कि आखिर इतनी जगह उपयोग का अरà¥à¤¥ साफ है कि लौंग में बहà¥à¤¤ सारे गà¥à¤£ होते हैं. लौंग के उपयोग के बारे में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग जानते हैं. लेकिन लौंग के तेल के उपयोग के बारे में बहà¥à¤¤ कम लोगों को पता है. इसलिठयहां आपको लौंग के तेल के उपयोग के बारे में बताया जा रहा है. खासतौर पर सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आप इसका उपयोग करके कैसे निरोग रह सकते हैं, यहां जानें...
लौंग के तेल में कौन-से गà¥à¤£ होते हैं?
à¤à¤‚टिफंगल गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है
à¤à¤‚टिवायरल गà¥à¤£ होते हैं
à¤à¤‚टिसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• होता है
आयरन
फॉसà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸
सोडियम
पोटैशियम
विटामिन-ठऔर सी से यà¥à¤•à¥à¤¤ होता है.
किन बीमारियों में काम आता है लौंग का तेल?
दांत दरà¥à¤¦ में सबसे अधिक उपयोग होता है.
खांसी से राहत दिलाता है
सिरदरà¥à¤¦ में तà¥à¤°à¤‚त आराम देता है
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤¸ दूर करने में सहायक है
असà¥à¤¥à¤®à¤¾ के रोगियों के लिठफायदेमंद है
अपच की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करता है
सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ में राहत देता है
पिंपलà¥à¤¸ जलà¥à¤¦ ठीक करता है
सांस संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾ में लाठदेता है
जोड़ों के दरà¥à¤¦ में आराम देता है
लौंग का तेल उपयोग करने की विधि
दांत दरà¥à¤¦ और à¤à¥‹à¤œà¤¨ में उपयोग के अतिरिकà¥à¤¤ जब à¤à¥€ आप लौंग के तेल का यूज करें तो इसे अकेले उपयोग ना करें. कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह बहà¥à¤¤ अधिक कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² होता है और तà¥à¤°à¤‚त रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ करता है. इसलिठउपयोग करते समय सावधानी बरतने की जरूरत होती है और सही जानकारी जà¥à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥‡ की à¤à¥€.
दांत दरà¥à¤¦ में लौंग का तेल उपयोग करने के लिठरà¥à¤ˆ के फोहे पर लौंग तेल लगाà¤à¤‚ और इसे दांत में लगा लें.
खाने में इस तेल का उपयोग करते हà¥à¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ पकने के बाद ऊपर से कà¥à¤› डà¥à¤°à¥‰à¤ª डालें और फिर 5 से 7 मिनट के लिठढंक दें.
गले में दरà¥à¤¦ होने पर à¤à¤• बूंद लौंग का तेल दो बूंद बादाम तेल या ऑलिव ऑइल के साथ मिलाकर गले पर मसाज करें.
सीने में जकड़न होने पर à¤à¥€ लौंग तेल को बादाम, ऑलिव ऑइल या नारियल तेल के साथ मिलाकर मसाज करें. धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि जितनी डà¥à¤°à¥‰à¤ª लौंग का तेल लें, उससे दोगà¥à¤¨à¥€ डà¥à¤°à¥‰à¤ª दूसरे तेल की लें.
लौंग तेल को सरसों तेल के साथ मिलाकर तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर उपयोग ना करें. कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये दोनों ही तेल बहà¥à¤¤ अधिक गरà¥à¤® होते हैं इसलिठइनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मिलाकर सà¥à¤•िन पर लगाने से रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ का खतरा रहता है.
सांस लेने में दिकà¥à¤•त हो या फिर जà¥à¤•ाम के कारण आपको समसà¥à¤¯à¤¾ हो रही हो तो आप इस तेल की à¤à¤¾à¤ª à¤à¥€ ले सकते हैं. हालांकि यह गले और सीने पर लगाने से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लाठदेता है.
यदि आपके कहीं खà¥à¤œà¤²à¥€ या रैशेज की समसà¥à¤¯à¤¾ हो गई है तो आप बादाम तेल के साथ इसे मिकà¥à¤¸ करके उस जगह पर लगा सकते हैं.
पिंपल निकलने पर à¤à¥€ आप इस तेल का उपयोग करके पिंपल को बढ़ने से रोक सकते हैं. इसके लिठइयर बड की मदद से बहà¥à¤¤ थोड़ा-सा लौंग का तेल सीधे पिंपल पर लगा लें. दिन में सिरà¥à¤« दो बार ही उपयोग करें. पिंपल 2 से 3 दिन में पूरी तरह ठीक हो जाà¤à¤—ा.
किनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नहीं करना चाहिठलौंग तेल का उपयोग?
अगर आपको à¤à¤¨à¤¾à¤«à¤¿à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¸ से समसà¥à¤¯à¤¾ है तो इसका उपयोग ना करें.
यदि आपकी सà¥à¤•िन बहà¥à¤¤ अधिक सेसेंटिव है तो लौंग तेल का उपयोग ना करें.
यदि आपको बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग संबंधी डिसऑरà¥à¤¡à¤° है तो लौंग तेल का उपयोग करने से बचें.
यदि आपको लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° या लो बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र की समसà¥à¤¯à¤¾ है तो आपको à¤à¥‹à¤œà¤¨ में लौंग के तेल का उपयोग बिलà¥à¤•à¥à¤² नहीं करना चाहिà¤.
बिना डायलà¥à¤¯à¥‚ट किठयानी बिना पानी में मिलाठया à¤à¥‹à¤œà¤¨ में अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में लौंग के तेल का उपयोग करने से घबराहट, मितली आना, उलà¥à¤Ÿà¥€ होना, गले में जलन या सांस संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है.
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