क्या ब्लड टेस्ट से ब्रेन ट्यूमर का पता चलेगा?HealthPlanet

Posted on Wed 30th Nov 2022 : 11:51

ब्रेन ट्यूमर की ब्लड टेस्ट से पहचान

दिमाग के ट्यूमर ग्लियोब्लास्टोमस (जीबीएम) की पहचान के लिए भारतीय विज्ञान संस्थान के विज्ञानियों ने नई तकनीक खोजी है। इससे इस ट्यूमर की पहचान जल्दी और सस्ते में हो सकेगी। असल में इस तरह के ट्यूमर से पीड़ित लोगों के खून के सीरम में एक विशेष प्रकार के प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे उसमें ट्यूमर है या नहीं, इसकी पहचान करना आसान होता है। ब्लड का लिक्विड हिस्सा सीरम कहलाता है और यह खून का थक्का जमाने में मदद करता है।

अभी ग्लियोब्लास्टोमस ट्यूमर की पहचान के लिए एमआरआई, सीटी स्कैन जैसी तकनीकों का प्रयोग किया जाता है जो काफी महंगी हैं और इसमें काफी वक्त भी जाया होता है, लेकिन नई पद्धति में खून के सामान्य विश्लेषण से ही इस ट्यूमर की पहचान की जा सकेगी। यहां बता दें कि ग्लियोब्लास्टोमस ट्यूमर मस्तिष्क के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में न्यूरॉन की मदद करने वाली ग्लियल कोशिकाओं से जुड़ी है।

यह खोज भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु में माइक्रोबायॉलजी एवं कोशिका जीव विज्ञान विभाग के डॉक्टर कुमारवेल सोमसुंदरम की टीम ने की है। इस अध्ययन में सीरम में तीन तरह के प्रोटीन की पहचान की गई है जिनकी मात्रा इस ट्यूमर से पीड़ित मरीज के शरीर में अलग-अलग पाई जाती है। जीबीएम से पीड़ित मरीज के सीरम में सीआरपी प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है जबकि एलवाईएएम1 और बीएचई40 प्रोटीन का स्तर अपेक्षाकृत नीचे रहता है। सीरम में इन तीन प्रोटीनों के स्तर का विश्लेषण कर हम 90 प्रतिशत सटीकता से इस निर्णय पर पहुंच सकते हैं कि मरीज जीबीएम से पीड़ित है या नहीं। यह स्टडी यूरोप के जर्नल ऑफ प्रोटेओमिक्स में छपी है।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info