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जनà¥à¤® के बाद बचà¥à¤šà¥‡ का रोना कà¥à¤¯à¥‹ है जरूरी?
मांसपेशियों की होती है कसरत
अकà¥à¤¸à¤° रोते हà¥à¤ बचà¥à¤šà¥‡ को देखकर मां काफी परेशान हो जाती हैं। लेकिन बचà¥à¤šà¥‡ के रोने से उनके मांसपेशियों की कसरत होती है, जो शरीर के विकास के लिठबहà¥à¤¤ जरूरी होता है। आप अगर रोते हà¥à¤ बचà¥à¤šà¥‡ को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से देखेंगे तो बचà¥à¤šà¥‡ की मांसपेशियों को तना हà¥à¤† साफ देख पाà¤à¤‚गे। इससे उनकी मांसपेशियां मजबूत होती है। इसलिठबचà¥à¤šà¥‡ का रोना बहà¥à¤¤ जरूरी होता है।
अपनी बात को कहने का माधà¥à¤¯à¤®
जब बचà¥à¤šà¤¾ छोटा होता है तो वो बोल नहीं पाता, à¤à¤¸à¥‡ में उनकी जरूरत को समà¤à¤¨à¤¾ मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है। बचà¥à¤šà¥‡ का रोना उनके बात करने का माधà¥à¤¯à¤® होता है। बचà¥à¤šà¥‡ के रोने से पता चलता है कि उसको à¤à¥‚ख लगी है या फिर उसने पेशाब किया है, ताकि उसे दूध पिलाया जा सके या उसके कपड़ों को बदला जा सके। à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ में ये साफ हà¥à¤† है कि बचà¥à¤šà¥‡ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ अपनी ओर खींचने के लिठà¤à¥€ रोते हैं और आपका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ पाकर वो चà¥à¤ª हो जाते हैं।
मानसिक विकास के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का रोना जरूरी
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मानसिक विकास के लिठà¤à¥€ उनका रोना जरूरी माना जाता है। अगर बचà¥à¤šà¤¾ जनà¥à¤® लेते ही रोता है तो इससे साफ हो जाता है कि वो शारीरिक और मानसिक रूप से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है। हालांकि, कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ जनà¥à¤® के à¤à¤• दो मिनट तक नहीं रोते। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ रà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤› पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• उपचार करते हैं और अगर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दूसरी कोई परेशानी होती है तो आईसीई मे रखकर बचà¥à¤šà¥‡ को ठीक किया जाता है। आमतौर पर बचà¥à¤šà¤¾ 1 से 5 मिनट के बीच में रोना या हाथ-पैर हिलाना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है, जिससे पता चला है कि बचà¥à¤šà¤¾ पूरी तरह सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है।
बचà¥à¤šà¥‡ का कितना रोना होता नॉरà¥à¤®à¤²
बचà¥à¤šà¥‡ के अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिहाज से बचà¥à¤šà¥‡ का रोना अचà¥à¤›à¤¾ माना जाता है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ की मानें तो 24 घंटे में 2 से 3 घंटे तक रोना नॉरà¥à¤®à¤² होता है। इससे बचà¥à¤šà¤¾ शारीरिक और मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के रूप से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ माना जाता है। वहीं, बचà¥à¤šà¤¾ अगर 4 से 5 घंटे रोता है तो ये चिंता की बात हो सकती है। à¤à¤¸à¤¾ होने पर बचà¥à¤šà¥‡ को डॉकà¥à¤Ÿà¤° को जरूर दिखाà¤à¤‚, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसकी वजह बचà¥à¤šà¥‡ को कोई सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी परेशानी à¤à¥€ हो सकती है।
बचà¥à¤šà¤¾ आखिर रोता कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है ?
बचà¥à¤šà¤¾ जब गरà¥à¤ में होता है तो वो à¤à¤• थैली में होता है। इस थैली को à¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• सैक कहते हैं। इस थैली में à¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ à¤à¤°à¤¾ रहता है, इस कारण शिशॠके फेफड़ों में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ नहीं होती है। गरà¥à¤ में होने के दौरान शिशॠको सारा पोषण मां से गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² के माधà¥à¤¯à¤® से ही मिलता है। जब बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® हता है तब à¤à¥€ बचà¥à¤šà¤¾ इस गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ रहता है, जिसे गरà¥à¤ से बाहर आने के बाद काट दिया जाता है। इसके बाद बचà¥à¤šà¥‡ को उलà¥à¤Ÿà¤¾ लटकाकर उसकी पीठपर थपकी देकर उसके फेफड़ों से à¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ निकाला जाता है, ताकि बचà¥à¤šà¥‡ के फेफड़ों में हवा जा सके। जब बचà¥à¤šà¥‡ के फेफड़े से à¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ निकल जाता है, तब उसके फेफड़े सांस लेने के लिठतैयार हो जाते हैं और बचà¥à¤šà¤¾ रोने लगता है, जिससे पता चलता है कि बचà¥à¤šà¥‡ के फेफड़े सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है और बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¥€ ठीक है।
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