क्या बड चियरी सिंड्रोम ठीक हो सकता है?HealthPlanet

Posted on Tue 6th Dec 2022 : 11:03

बड चैरी सिंड्रोम में पेट की एंजियोप्लॉस्टी कारगर

- पीजीआई डॉक्टरों ने बीमारी के इलाज का सही तरीका निकाला- बच्चों की एचवी और आईवीसी वेन में आ जाती है रुकावट एनबीटी, लखनऊ : बच्चों के पेट में दर्द ...

- पीजीआई डॉक्टरों ने बीमारी के इलाज का सही तरीका निकाला

- बच्चों की एचवी और आईवीसी वेन में आ जाती है रुकावट

एनबीटी, लखनऊ : बच्चों के पेट में दर्द है। पेट में पानी भरने (एसाइटिस) की दिक्कत है। पीलिया है या लिवर बढ़ा हुआ है तो सतर्क हो जाएं। ऐसी दिक्कतें होने पर बच्चे को तुरंत पीडियॉट्रिक गेस्ट्रो इंट्रोलॉजिस्ट से जांच कराएं। ऐसे लक्षण होने पर बच्चे को बड चैरी सिंड्रोम हो सकता है। पेट की इस बीमारी (बड चैरी सिंड्रोम) के सही इलाज का तरीका पीजीआई के पीडियॉट्रिक गेस्ट्रो इंट्रोलॉजिस्ट ने खोज निकाला है। पीजीआई के विशेषज्ञों का कहना है कि इस बीमारी के इलाज के लिए लिवर की एंजियोप्लास्टी ही सही तरीका है। पूरे देश में पीडियॉट्रिक गेस्ट्रो इंट्रोलॉजिस्ट का सही इलाज केवल पीजीआई में ही होता है।

कम उम्र के बच्चों पर हुआ शोध

इस शोध में मुख्य रूप से पीजीआई के पीडियॉट्रिक गेस्ट्रोलॉजी विभाग के डॉ. एसके याचा, डॉ. अंशू श्रीवास्तव, डॉ. मोनिक सेन शर्मा शामिल रहे। पीजीआई के विशेषज्ञों ने पेट की इस बीमारी से परेशान 2 से 16 वर्ष उम्र तक के बच्चों पर शोध किया है। यह शोध यूरोपियन जर्नल ऑफ गेस्ट्रो इंट्रोलाजी एंड हिपेटोलॉजी ने प्रकाशित किया है। डॉ. मोनिक ने बताया कि इस बीमारी से पीड़ित 29 बच्चों में लिवर की एंजियोप्लॉस्टी (इंटरवेंशन रेडियॉलजी) की गई। कुछ बच्चों की हिपेटिक वेन की एंजियोप्लॉस्टी की गई। कुछ बच्चों में हिपेटिक वेन में रुकावट थी, जिसे दूर करने के लिए स्टंट डाला गया। इस दौरान देखा गया कि दोनों तकनीक सफल और सुरक्षित हैं। डॉकटरों ने बताया कि जितने बच्चों में यह बीमारी थी, उनमें से 33 बच्चों (95 फीसदी) के हिपेटिक वेन में रुकावट थी। 11 बच्चों के हिपेटिक और इंफीरियर वेना कावा दोनों वेन में रुकावट थी।

क्या है बड चैरी सिड्रोम

यह पेट की बीमारी है। इसमें लिवर से निकलने वाली रक्त वाहिका हिपेटिक वेन (एचवी) लिवर से खून ले जाकर इंफीरियर वेना कोवा (आईवीसी) में पहुंचाती है। इस वेन में रुकावट के कारण रक्त प्रवाह बंद हो जाता है। इस वेन के अलावा इंफीरियर वेना कोवा वेन में भी रुकावट के कारण दिल तक खून नहीं पहुंच पाता है। इससे लिवर में जहरीले तत्व एकत्र हो जाते हैं। जिससे लिवर और किडनी की बीमारियां होने लगती हैं।

क्या है लक्षण

बड चैरी सिंड्रोम से ग्रस्त बच्चों के पेट में दर्द, पेट में पानी भरने (एसाइटिस), पीलिया, लिवर बढ़ना (हिपेटोमीगेली), स्पलीन बढ़ने (स्पीलीनोमिगेली) की परेशानी होती है। इस बीमारी का पता डॉप्लर अल्ट्रासोनोग्राफी जांच से लगता है। इस परीक्षण की सुविधा पीजीआई के रेडियॉलजी विभाग में है। इसके अलावा एंटी फास्फोलिपिड एंडीबाडी का स्तर बढ़ने का कारण भी वेन में रुकावट होती है।

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