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इन 5 गंà¤à¥€à¤° बीमारियों के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ संकेत हैं पैरों में सूजन, लकà¥à¤·à¤£ दिखने पर तà¥à¤°à¤‚त कराà¤à¤‚ जांच, जानिठबचाव
कई बार कà¥à¤› लोग अपने पैरों में सूजन महसूस करते हैं। जो या तो किसी चोट लगने की वजह से हो जाती है या उसकी कोई गंà¤à¥€à¤° वजह à¤à¥€ हो सकती है। लेकिन वे इस सूजन को बहà¥à¤¤ हलà¥à¤•े में लेते हैं और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं करते।
हालांकि घरेलू उपचार और जीवनशैली में बदलाव से सूजन को कम किया जा सकता है। फिर à¤à¥€ यदि सूजन दूर नहीं होती है या बार-बार होती है, तो इसका कारण जानने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° सलाह लेना जरूरी है।
अगर सांस की तकलीफ के साथ-साथ पैरों में सूजन हो या छाती में दरà¥à¤¦ हो या छाती में दबाव हो, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। ये कà¥à¤› गमà¥à¤à¥€à¤° बीमारियों के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं। इन में से कà¥à¤› निमà¥à¤¨ इस पà¥à¤°à¤•ार हैं।
लिवर से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बीमारी
कई बार आप का लिवर à¤à¤²à¥à¤¬à¥à¤®à¤¿à¤¨ नाम का पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ बनाना बंद कर देता है। यह वह पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होता है जो आप की रकà¥à¤¤ वाहिकाओं (बà¥à¤²à¤¡ वेसलà¥à¤¸) से बà¥à¤²à¤¡ को लीक होने से बचाता है। यदि आप के शरीर में इस पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ कि कमी होती है, तो इसका मतलब है कि अब आप की बà¥à¤²à¤¡ वेसलà¥à¤¸ से बà¥à¤²à¤¡ लीक हो सकता है। इसके कारण आप के पैरों में (तरल पदारà¥à¤¥) फà¥à¤²à¥‚इड इकठà¥à¤ ा हो जाता है और पैरों में सूजन आ जाती है। इसके कारण आप को पीलिया, चोट लगना, à¤à¥‚ख न लगना, यूरिन के रंग में बदलाव व शरीर में ऊरà¥à¤œà¤¾ की कमी आदि होने जैसे लकà¥à¤·à¤£ महसूस होते हैं।
बचाव : इस पà¥à¤°à¤•ार की बीमारी को ठीक कराने के लिठआप को सबसे पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाना चाहिà¤à¥¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° आप को वजन कम करने व शराब का सेवन कम करने जैसे लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² मे कà¥à¤› बदलाव करने को à¤à¥€ बोल सकते हैं।
किडनी की समसà¥à¤¯à¤¾
जिन लोगों की किडनी ढंग से काम नहीं करती हैं उनकी उपरी बॉडी में फà¥à¤²à¥‚इड (तरल पदारà¥à¤¥)इकठà¥à¤ ा हो जाता है। किडनी की बीमारियां जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ नहीं दिखती हैं। खास कर जब तक जब आप की किडनी बहà¥à¤¤ गंà¤à¥€à¤° हालत में नहीं आ जाती है और इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ में किडनी डैमेज à¤à¥€ हो सकती है। इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ मे सांस फूलना, बहà¥à¤¤ कम बार यूरिन के लिठजाना, थक जाना व कोमा में जाना आदि शामिल हैं।
बचाव : किडनी बीमारियों को ठीक करने के लिठआप दवाइयां, लो पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ डाइट, विटामिन डी व कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ ले सकते हैं। किडनी फेल होने पर डायलिसिस या किडनी टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपà¥à¤²à¤¾à¤‚ट à¤à¤• उपाय है।
हृदय रोग के कारण
कई बार आप के पैर इसलिठà¤à¥€ सूज जाते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आप के हृदय में किसी पà¥à¤°à¤•ार की कोई कà¥à¤·à¤¤à¤¿ हो जाती है, तो वह अचà¥à¤›à¥‡ से बà¥à¤²à¤¡ को पंप नहीं कर पाता है। यदि आप का हृदय बà¥à¤²à¤¡ पंप नहीं करता है तो वह पानी व नमक रिटेंशन करने लगता है। जिस कारण आप के पैरों में सूजन हो जाती है। इस के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में धड़कन तेज होना, सांसे फूलना, कमजोरी होना, थकान, छिकना, à¤à¥‚ख न लगना आदि शामिल हैं।
बचाव : यदि आप को इस पà¥à¤°à¤•ार के लकà¥à¤·à¤£ महसूस होते हैं तो आप को तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° की मदद लेनी चाहिà¤à¥¤ यदि आप का हृदय काम करना बंद कर देता है तो आप को हृदय टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपà¥à¤²à¤¾à¤‚ट सरà¥à¤œà¤°à¥€ की à¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ सकती है।
लिमà¥à¤«à¥‡à¤¡à¥‡à¤®à¤¾ à¤à¥€ है वजह
हमारे शरीर का लिमà¥à¤«à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• सिसà¥à¤Ÿà¤® , टॉकà¥à¤¸à¤¿à¤‚स व बैकà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आदि को हमारे शरीर से बाहर निकालता है। यदि यह अपना काम करना बंद करदे, तो आप के शरीर में इन चीजों का जमाव हो जाता है। इस वजह से वहां इंफेकà¥à¤¶à¤¨ या सूजन होने लगती है। इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ मे दरà¥à¤¦ होना, इंफेकà¥à¤¶à¤¨, सà¥à¤•िन टाइट होना आदि हैं।
बचाव : इस के उपचार के लिठआप लिमà¥à¤«à¥‡à¤¡à¥‡à¤®à¤¾ के लिठबनी कà¥à¤› सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤² à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ कर सकते हैं।जिस किसी का à¤à¥€ कैंसर का इलाज हà¥à¤† हो और सूजन का अनà¥à¤à¤µ हो, उसे तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
वीनस इंसफिसिंसी के कारण
यह समसà¥à¤¯à¤¾ तब आती है जब आप के शरीर में खून का बहाव साधारण रूप से नहीं होता है। à¤à¤¸à¤¾ वॉलà¥à¤µà¥à¤¸à¤¼ (रकà¥à¤¤ शिराओं की दीवारें) के डैमेज होने के कारण होता है और बà¥à¤²à¤¡ वेसलà¥à¤¸ से लीक होने लगता है। इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ मे पैरो में दरà¥à¤¦ होना, सà¥à¤•िन अलà¥à¤¸à¤°, इंफेकà¥à¤¶à¤¨ आदि हैं।
बचाव : यदि आप को यह लकà¥à¤·à¤£ महसूस होते हैं तो तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से चैक कराà¤à¤‚ और अपनी लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² मे à¤à¥€ कà¥à¤› बदलाव करें जैसे à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करना आदि।
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