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नींद की गोलियों का सेवन हो सकता है खतरनाक, जानें इसके 7 बड़े नà¥à¤•सान
अगर आपको अनिदà¥à¤°à¤¾ की शिकायत है या तनाव की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आप सà¥à¤•ून à¤à¤°à¥€ नींद पाने के लिठनींद की गोलियों (Sleeping Pills) का सहारा लेते हैं, तो आप सावधान हो जाइà¤à¥¤ नींद की गोलियों का लà¥à¤°à¤¬à¥‡ समय तक सेवन या हाई डोज लेना आपके सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ के लिठजानलेवा साबित हो सकता है।
नींद की गोलियों का सेवन
बहà¥à¤¤ से लोगों को अनिदà¥à¤°à¤¾ की शिकायत होती है। जिसके लिठवह नींद की गोलियों का सâ€à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ लेते हैं, जो कि सरासर गलत है। नींद की गोलियों का सेवन आपके दिमाग पर असर डालती हैं, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि यह गालियां काफी नशीली होती हैं। बहà¥à¤¤ से लोग नींद की गोलियों के आâ€à¤¦à¥€ हो जाते हैं और वह सोने के लिठनींद की गोली का सहारा लेते हैं। इन दवाइयों के लगातार सेवन से इनका पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ कम होने लगता है जिसके कारण आप इनके हाई डोज लेना शà¥à¤°à¥‚ करते हैं। लेकिन नींद की गोलियां आपके लिठखतरनाक साबित हो सकती हैं। आइठहम आपको बताते हैं यदि आप नींद की गोलियों का सेवन करते हैं, तो इसका आपके सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ पर कà¥â€à¤¯à¤¾ असर पड़ता है।
सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• नींद नहीं
पहली बात तो यह है कि ये दवाà¤à¤‚ सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• नींद नहीं लाती। इन दवाओं के लगातार सेवन से शरीर à¤à¤µà¤‚ मन पर बà¥à¤°à¤¾ असर पड़ता है जिससे कई à¤à¤¯à¤‚कर रोग उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने लगते हैं। बार-बार उपयोग करने से इनका असर कम होने लगता है। इनकी मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ बà¥à¤¨à¥‡ लगती है।
दिल का खतरा
नींद की दवाओं के 35 मिल‌ीगà¥à¤°à¤¾à¤® के सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤‚डरà¥à¤¡ डोज़ लेने से दिल के दौरे का खतरा 20 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बढ़ जाता है जबकि साल में करीब 60 नींद की दवाà¤à¤‚ लेने से यह रिसà¥à¤• 50 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ हो सकता है।नींद की दवाओं में मौजूद ततà¥à¤µ - जोपिडेम को दिल की बीमारियों की वजह बताया है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को नà¥à¤•सान
किसी विशेष परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ या अवसà¥à¤¥à¤¾ में जैसे गरà¥à¤µà¤µà¤¤à¥€ महिलायें यदि डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के बिना ही इन दवाओं का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करती हैं तो उनकी à¤à¤¾à¤µà¥€ संतान पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है तथा अंग-à¤à¤‚ग की à¤à¥€ आशंका बनी रहती है।
रूक सकती है सांस
à¤à¤µà¤‚ जिगर के मरीजों के लिये नींद की गोलियां खतरनाक साबित हो सकती हैं, साथ ही उनके लिठà¤à¥€ जो नींद में खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ à¤à¤°à¤¤à¥‡ हैं। उनको à¤à¥€ नहीं केवन करना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‹à¤‚ के बीच कà¤à¥€-कà¤à¥€ सांस रà¥à¤• जाती है जो जानलेवा à¤à¥€ सिदà¥à¤§ हो सकता है।
याददाशà¥à¤¤ होती है कमजोर
लंबे समय तक नींद की गोलियां लेने के कारण रकà¥à¤¤ नलिकाओं में थकà¥à¤•े बन जाते हैं, याददाशà¥à¤¤ कमजोर हो जाती है और बेचैनी की शिकायत आम हो जाती है। नींद की गोलियों का सेवन करने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह जरूर लें।
सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¥ तंतà¥à¤° हो जाती है शिथिल
नींद की गोलियां सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¥ तंतà¥à¤° को शिथिल कर देती हैं, इसीलिठअगर लंबे समय तक इनका सेवन किया जाà¤, तो सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¥ तंतà¥à¤° संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा इनमें जो ततà¥à¤µ होते हैं, उनके खराब साइड इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ होते हैं।
कैंसर
जो लोग रोजाना इसी गोली पर निरà¥à¤à¤° रहते हैं, उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ कैंसर का à¤à¥€ खतरा होता है। इन गोलियों में à¤à¤¸à¥‡ ततà¥â€à¤µ पाठजाते हैं जिनका रोजाना सेवन नहीं करना चाहिये, नहीं तो ओवरडोज़ हो जाता है।
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