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शिशॠका सांस लेना - कà¥à¤¯à¤¾ सामानà¥à¤¯ है और कà¥à¤¯à¤¾ नहीं
रात में कितनी बार शिशॠकी शà¥à¤µà¤¸à¤¨ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की जांच करनी चाहिà¤?
रात में शिशॠके सांस लेने की सामानà¥à¤¯ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ रहती है?
कà¥à¤¯à¤¾ शिशॠके सांस लेते समय आवाज आना चिंता का कारण है?
रात में कितनी बार शिशॠकी शà¥à¤µà¤¸à¤¨ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की जांच करनी चाहिà¤?
आप आशà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤ होने के लिठजितनी बार चाहें उतनी बार शिशॠकी जांच कर सकती है। यदि आप पहली बार माà¤-बाप बने हैं, तो शायद आप खà¥à¤¦ को रात में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार शिशॠकी शà¥à¤µà¤¸à¤¨ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की जांच करता हà¥à¤† पाà¤à¤‚।
खà¥à¤¦ चैन की नींद न सो पाना और शिशॠकी à¤à¥€ बार-बार जांच करने से आप सà¤à¥€ को परेशानी व थकान महसूस होगी, मगर यह à¤à¤• सामानà¥à¤¯ बात है।
आप आशà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤ रहें सडन इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट डेथ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (सिडà¥à¤¸) यानि कॉट डेथ बहà¥à¤¤ दà¥à¤°à¥à¤²à¤ है।
नवीनतम शोध दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥€ है कि शिशॠको अपने साथ सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ से सिडà¥à¤¸ का खतरा बढ़ता है। मगर, केवल यही à¤à¤• कारण नहीं है और à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अधिकांश परिवार बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को अपने साथ ही सà¥à¤²à¤¾à¤¤à¥‡ हैं, फिर à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में सिडà¥à¤¸ के मामले विशà¥à¤µ के अनà¥à¤¯ देशों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में काफी कम होते हैं।
सामानà¥à¤¯à¤¤: à¤à¤• महीने से कम उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं में कॉट डेट होना काफी असामानà¥à¤¯ है। à¤à¤¸à¤¾ सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूसरे महीने में होता है और 90 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ कॉट डेथ छह माह के कम उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं में होती है। शिशॠके बड़ा होने के साथ-साथ यह खतरा कम होता जाता है-à¤à¤• साल की उमà¥à¤° के बाद बहà¥à¤¤ कम कॉट डेथ होती हैं।
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि जिस कमरे में आप सोती हैं, वहीं शिशॠको कॉट में पीठके बल सà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ छह महीनों में शिशॠके सोने के लिठयह सबसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ जगह है।
बहरहाल, यदि अनà¥à¤¯ माà¤à¤“ं की तरह आपको à¤à¥€ लगता है कि शिशॠको साथ में सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ से रात को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना आसान रहता है, तो आपको कà¥à¤› बातों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना होगा। शिशॠको साथ में सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• कदमों के बारे में यहां पढ़ें।
à¤à¤• ही रात में आपके शिशॠकी नींद गहरी व शांत, कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² व शोर-गà¥à¤² वाली और यहां तक कि घà¥à¤°à¤˜à¥à¤°à¤¾à¤¹à¤Ÿ या नाक से आवाज आने वाली हो सकती है। अनà¥à¤à¤µ के साथ-साथ आपकी चिंता à¤à¥€ कम होने लगेगी और धीरे-धीरे शिशॠके बड़ा होने के साथ-साथ आपको रात में उसकी सांस जांचने की जरà¥à¤°à¤¤ à¤à¥€ कम लगेगी।
हालांकि, कà¥à¤› माता-पिता बà¥à¤°à¥€à¤¦à¤¿à¤‚ग मॉनिटर का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं, मगर इस बात के कोई पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ नहीं है कि ये सिडà¥à¤¸ का खतरा कम करते हैं। और ये मॉनीटर कई बार गलत चेतावनी à¤à¥€ देते हैं, जो आपको चिंतामà¥à¤•à¥à¤¤ होने की बजाय आपकी चिंता और बढ़ा देते हैं।
रात में शिशॠके सांस लेने की सामानà¥à¤¯ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ रहती है?
आपका नवजात शिशॠकà¥à¤°à¤®à¤µà¤¾à¤° तरीके से सांस लेता है, उसकी सांसे बढ़ते-बढ़ते तेज और गहरी होने लगती हैं और फिर धीमी और हलà¥à¤•ी होने लगती हैं। इसे सामयिक शà¥à¤µà¤¸à¤¨ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ (पीरियोडिक बà¥à¤°à¥€à¤¦à¤¿à¤‚ग) कहा जाता है। शिशॠअपनी सांस पांच सैकंड या इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥€ रोक सकता है और फिर दोबारा गहरी सांसे लेने लगता है।
यह सामानà¥à¤¯ है और जीवन के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ कà¥à¤› महीनों में उसकी शà¥à¤µà¤¸à¤¨ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और अधिक विकसित हो जाà¤à¤—ी और कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° वह गहरी सांस या आह à¤à¤° सकता है। यदि आप सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना चाहती हैं कि शिशॠसामानà¥à¤¯ तरीके से सांस ले रहा है, तो इसके तीन तरीके हैं:
सà¥à¤¨à¥‡à¤‚: अपना कान शिशॠके मà¥à¤‚ह और नाक के पास लगाà¤à¤‚ और उसके सांस की आवाज सà¥à¤¨à¥‡à¤‚।
देखें: à¤à¥à¤• कर अपनी आंखों को शिशॠकी छाती के सà¥à¤¤à¤° पर ले आà¤à¤‚ और सांसों की ऊपर-नीचे होने की हलचल को देखें।
महसूस करें: अपने गाल को शिशॠके मà¥à¤‚ह और नाक के साथ लगाठऔर उसकी छोटी सांसों को अपनी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर महसूस करें।
कà¥à¤¯à¤¾ शिशॠके सांस लेते समय आवाज आना चिंता का कारण है?
कà¤à¥€ कà¤à¤¾à¤° नाक से आवाज या खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लेना या घरघराहट की आवाज आना पूरी तरह सामानà¥à¤¯ है और आमतौर पर कोई चिंता की बात नहीं होती।
जब छह से आठसपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच शिशॠकी पहली डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ जांच होती है, तो शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° उसके दिल और छाती की आवाजों की जांच करेंगे। यदि आप इस समय तक à¤à¥€ शिशॠकी शà¥à¤µà¤¸à¤¨ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को लेकर चिंतित हों तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात कर सकते हैं। वे शिशॠकी शà¥à¤µà¤¸à¤¨ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को देखकर आपको आवशà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤ कर सकेंगे। यदि किसी चिकितà¥à¤¸à¤•ीय उपचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता हà¥à¤ˆ तो वे इस बारे में à¤à¥€ आपको बता देंगे।
बहरहाल, निमà¥à¤¨ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤:
à¤à¤• मिनट में 60 से à¤à¥€ अधिक सांसें।
हर सांस के अंत में लगातार घरघराहट की आवाज आना।
फूले हà¥à¤ नथà¥à¤¨à¥‡, जो इस बात का संकेत है कि उसे सांस लेने के लिठअधिक पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करने पड़ रहे हैं।
बहà¥à¤¤ तीकà¥à¤·à¥à¤£ करà¥à¤•श सी आवाज और खांसी जिसमें à¤à¥Œà¤‚कने जैसी आवाज आà¤à¥¤
रिटà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨, जब छाती की मांसपेशियां (पसलियों के नीचे) और गरà¥à¤¦à¤¨ सामानà¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गहराई में अंदर और बाहर जाती दिखाई दें।
10 सैकंड से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लंबे समय तक सांस रà¥à¤•ना।
शिशॠकी रंगत में बदलाव और उसके होंठऔर हाथों व पैरों की उंगलियां नीली दिखाई देना। माथे, नाक और होठों पर या आसपास नीले रंग का तिकोना आकार बनना, जिसे सायनोसिस कहा जाता है। इसका मतलब है कि शिशॠके रकà¥à¤¤ में फेफड़ों से परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आॅकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ नहीं पहà¥à¤‚च रही है।
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