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अतिरिकà¥à¤¤ नमक सेवन करने से कà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ नà¥à¤•सान हो सकते हैं?
नमक के चमतà¥à¤•ारी उपाय होते हैं, लेकिन अधिक सेवन करने से कई तरह के दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ नजर आते हैं, जिनका जिकà¥à¤° हम ऊपर कर ही चà¥à¤•े हैं। अब इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ नà¥à¤•सान के बारे में नीचे विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ जानकारी दी गई है।
1. ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ – ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की कमजोरी की वजह से होती है। नमक का सेवन अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में करने से शरीर में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® कम होने लगता है। इसकी कमी से हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ कमजोर होती जाती हैं, जिसके कारण ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ का सामना करना पड़ता है
साथ ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक के सेवन से हाइपरटेंशन की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है और इस कारण से à¤à¥€ ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ का सामना करना पड़ सकता है । इसी वजह से à¤à¥‹à¤œà¤¨ में सोडियम की मातà¥à¤°à¤¾ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रहनी चाहिठ।
2. किडनी की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ – माना जाता है कि नमक का अधिक सेवन करने से उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª होता है और इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के अणॠहडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मिनरलà¥à¤¸ से निकलकर धीरे-धीरे किडनी में जमा हो जाते हैं। फिर समय के साथ ये अणॠकिडनी और मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में पथरी का कारण बन जाते हैं ।
यही वजह है कि उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª से जूठरहे लोग अकà¥à¤¸à¤° कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• किडनी रोग (सीकेडी) से पीड़ित रहते हैं। यह समसà¥à¤¯à¤¾ शरीर में अतिरिकà¥à¤¤ सोडियम को कम न कर पाने के कारण होती है। सीकेडी और अनà¥à¤¯ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारियों को दूर करने के लिठदिन में 4 हजार मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® से कम सोडियम का सेवन करने के लिठकहा जाता है ।
3. हृदय की समसà¥à¤¯à¤¾ – नमक की अधिक मातà¥à¤°à¤¾ लेने से उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª का खतरा बढ़ सकता है, जो हृदय रोग और धमनियों के लिठजोखिम उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर सकता है है । अनà¥à¤¯ शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने पाया कि सोडियम का कम सेवन करने से उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जा सकता है ।
जापान में हà¥à¤ à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में à¤à¥€ पाया गया है कि नमक का कम सेवन उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª और सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• से होने वाली मृतà¥à¤¯à¥ दर को कम कर सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में यह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ है कि अधिक नमक हृदय सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठबिलà¥à¤•à¥à¤² अचà¥à¤›à¤¾ नहीं है।
4. पेट का कैंसर – जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक से पेट की तà¥à¤µà¤šà¤¾ को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चता है और ये घावों का कारण बनता है, जिससे पेट का कैंसर हो सकता है। पेट में सोडियम की अधिक मातà¥à¤°à¤¾ गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• मà¥à¤¯à¥‚कोसल कोशिकाओं में सूजन को बढ़ा सकती है। इससे गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• कैंसर होने की आशंका à¤à¥€ बढ़ सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में नमक के गà¥à¤£ हानिकारक हो सकते हैं ।
इसके अलावा, नमक हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी (Helicobacter pylori) नामक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के साथ संकà¥à¤°à¤®à¤£ को à¤à¥€ बà¥à¤¾ सकता है, जाे पेट की तà¥à¤µà¤šà¤¾ को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाता है। इससे गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• कैंसर का खतरा à¤à¥€ बढ़ता है ।
5. बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° – नमक के गà¥à¤£ के कारण à¤à¤²à¥‡ ही निमà¥à¤¨ बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° में मदद मिलती हो, लेकिन इससे हाई बीपी का खतरा रहता है। दरअसल, नमक में मौजूद सोडियम की अधिकता से बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में ये कहा जा सकता है कि हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° से पीड़ित लोगों के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक का सेवन नà¥à¤•सानदायक होता है ।
6. वजन – नमक के टोटके à¤à¤²à¥‡ ही कितने कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हों, लेकिन इसका à¤à¤• दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ वजन का बढ़ना à¤à¥€ है। à¤à¤• शोध में इस बात का जिकà¥à¤° मिलता है कि नमक में मौजूद सोडियम वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शरीर की ऊरà¥à¤œà¤¾ को जलà¥à¤¦à¥€ खतà¥à¤® करता है, जिसके कारण वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाना खाता है। नतीजन इंसान का वजन बढ़ने लगता है और वो मोटापे का शिकार हो जाता है ।
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