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पहली पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी से कई मायनों में अलग होते हैं दूसरी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लकà¥à¤·à¤£, जानिठकैसे!
अगर आप दूसरी बार मां बनने जा रही हैं, तो आपको पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लकà¥à¤·à¤£ पहली पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अलग दिख सकते हैं. लेकिन इससे परेशान होने की जरूरत नहीं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये सामानà¥à¤¯ है.
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी
तमाम महिलाà¤à¤‚ अकà¥à¤¸à¤° कहती हैं कि पहली पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी से दूसरी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी आसान होती है. पहली पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में जो तकलीफ à¤à¥‡à¤²à¤¨à¥€ पड़ती है, दूसरी में महिला उस हद तक परेशान नहीं होती. लेकिन à¤à¤¸à¤¾ सà¤à¥€ के साथ होना जरूरी नहीं है.
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लकà¥à¤·à¤£ सà¤à¥€ महिलाओं में अलग-अलग तरह से सामने आते हैं, इसलिठसटीक तौर पर कà¥à¤› à¤à¥€ नहीं कहा जा सकता. लेकिन सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ पहली पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में दूसरी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लकà¥à¤·à¤£ कई मायनों में अलग देखने को मिलते हैं. जानिठकैसे !
पेट का आकार जलà¥à¤¦à¥€ बà¥à¤¤à¤¾
पहली पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में आमतौर पर 20वें हफà¥à¤¤à¥‡ के आसपास पेट नजर आना शà¥à¤°à¥‚ होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पहली तिमाही में पेट और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की मांसपेशियां तनी हà¥à¤ˆ होती हैं. पेट पर चरà¥à¤¬à¥€ à¤à¥€ कम होती है. जबकि दूसरी बार मां बनते समय पेट पर चरà¥à¤¬à¥€ पहले के मà¥à¤•ाबले जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है और पेट जलà¥à¤¦à¥€ बाहर आता है. à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पहली पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में डिलीवरी के बाद गरà¥à¤ और पेट की मांसपेशियां ढीली हो जाती हैं. इसके अलावा दूसरी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में आपको बचà¥à¤šà¥‡ की हरकत à¤à¥€ पहले के मà¥à¤•ाबले जलà¥à¤¦à¥€ महसूस होने लगती है.
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ थकान की समसà¥à¤¯à¤¾
कई महिलाओं में दूसरी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ थकावट की समसà¥à¤¯à¤¾ देखने को मिलती है. इसकी वजह ये à¤à¥€ हो सकती है कि वे पहले से à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ का पालन पोषण कर रही होती हैं, इस कारण उनके शरीर को ठीक से आराम नहीं मिल पाता और वो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ थकान महसूस करती हैं.
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में दरà¥à¤¦
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ के आकार में बदलाव आना सामानà¥à¤¯ है, लेकिन कà¥à¤› मामलों में दूसरी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ को छूने पर जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दरà¥à¤¦ महसूस होता है. सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान ये जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संवेदनशील हो जाती हैं और निपà¥â€à¤ªà¤² में à¤à¥€ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दरà¥à¤¦ हो सकता है. साथ ही पहली की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में दूसरी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान वजन तेजी से बà¥à¤¤à¤¾ है और कमर, पेट, छाती और जांघों के इरà¥à¤¦-गिरà¥à¤¦ फैट जमा होने लगता है.
कमर दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾
दूसरी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान कमर दरà¥à¤¦, पीठदरà¥à¤¦ के साथ पेलà¥à¤µà¤¿à¤• जॉइंट में à¤à¥€ दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है. कई बार इस दौरान वैरिकोज वेनà¥à¤¸ या बवासीर जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का à¤à¥€ सामना करना पड़ सकता है.
डिलीवरी में समय कम लगता
पहली पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में महिला का शरीर डिलीवरी की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से गà¥à¤œà¤° चà¥à¤•ा होता है इसलिठदूसरी बार में सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥â€à¤¸ को चौड़ा होने में कम समय लगता है. à¤à¤¸à¥‡ में दूसरी डिलीवरी का समय कम हो जाता है. पहली डिलीवरी में दरà¥à¤¦ लगà¤à¤— आठघंटे तक रहता है, जबकि दूसरी में करीब पांच घंटे तक.
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