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Creatinine: जानिà¤, कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ लेवल कम करने के घरेलू उपाय
कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ हमारे रकà¥à¤¤ और यूरिन में पाठजाने वाला ततà¥à¤µ है। हमारे शरीर में कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ का लेवल à¤à¥€ मेनटेन रहना जरूरी होता है। इसके बढ़ने से कà¥à¤› समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती है। इसलिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° और आपके चिकितà¥à¤¸à¤• कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ लेवल कम करने के लिठआपको तरह-तरह के उपाय बताते हैं। कई बार इसमें घरेलू उपचार शामिल होता है। तो कई बार कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ लेवल कम करने के लिठपरà¥à¤šà¥‡ वाली दवाà¤à¤‚ लेने की सलाह दी जाती है। कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ का लेवल जानने के लिठकà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ कराया जाता है। यदि कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ का लेवल ठीक होता है, तो इससे यह निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ होता है कि हमारा लिवर अचà¥à¤›à¥€ तरह से कारà¥à¤¯ कर रहा है। इस परीकà¥à¤·à¤£ से हमारे लिवर का कारà¥à¤¯ और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ का पता चलता है। वैसे आमतौर पर हमारी किडनी सà¥à¤µà¤‚य ही इन पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को हमारे शरीर से बाहर निकालने में सकà¥à¤·à¤® होती है। आपको बता दें कि कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨, मेटाबॉलिजà¥à¤® à¤à¤• पदारà¥à¤¥ है, जो हमारे शरीर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ किठगठखादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ में बदलने के कारà¥à¤¯ में मदद करता है।
कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ कà¥à¤¯à¤¾ है?
हर किसी के रकà¥à¤¤ में कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ मौजूद होता है। कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ मांसपेशियों के उपयोग का à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ है, जो कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨ नामक à¤à¤• रसायन के टूटने के कारण होता है। कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ का हमारे शरीर में किसी पà¥à¤°à¤•ार का विशेष कारà¥à¤¯ नहीं है। यह सिरà¥à¤« à¤à¤• बेकार उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ है। यह केवल किडनी तक पहà¥à¤‚चने तक रकà¥à¤¤ में रहता है, जिसके पशà¥à¤šà¤¾à¤¤ यह पेशाब के माधà¥à¤¯à¤® से फिलà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¡ और समापà¥à¤¤ हो जाता है।
तो, आप जानना चाह रहे होंगे कि आपका शरीर कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ कैसे उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करता है? यह कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨ से शà¥à¤°à¥‚ होता है, जिसे किडनी, अगà¥à¤¨à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¯ और लिवर में संशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤¿à¤¤ किया जाता है, फिर रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ के माधà¥à¤¯à¤® से ले जाया जाता है और आपकी कंकाल की मांसपेशियों में संगà¥à¤°à¤¹à¥€à¤¤ कर दिया जाता है। जब आप किसी तरह का परिशà¥à¤°à¤® कर रहे होते हैं, तो इसके दौरान, आपकी मांसपेशियां कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨ को ऊरà¥à¤œà¤¾ में बदल देती हैं, जो मांसपेशियों के संकà¥à¤šà¤¨ में सहायता करता है। अपने उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ को पूरा करने के बाद, कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨ कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ बन जाता है और लिवर में रकà¥à¤¤à¤ªà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ à¤à¤¨ मारà¥à¤— में फिर से पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करता है।
हालांकि कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ आपके शरीर को सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रूप से लाठ(या हानि) नहीं पहà¥à¤‚चाता है, आपके रकà¥à¤¤ में कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ को आपके किडनी के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ का मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन करने के लिठमापा जा सकता है। इस कारण से, चिकितà¥à¤¸à¤• अकà¥à¤¸à¤° कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• किडनी रोग (CKD) या किडनी फेल की देेखà¤à¤¾à¤² करने के लिठà¤à¤• बलà¥à¤¡ यूरिया नाइटà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ (BUN) परीकà¥à¤·à¤£ की तरह, अनà¥à¤¯ लैब परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के साथ-साथ à¤à¤• कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ परीकà¥à¤·à¤£ करने की à¤à¥€ सलाह देते हैं।
और पà¥à¥‡à¤‚: गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ के वजन को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में कौन-से खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ हैं फायदेमंद?
कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ नॉरà¥à¤®à¤² रेंज कà¥à¤¯à¤¾ है?
जैसा कि ऊपर उलà¥à¤²à¥‡à¤– किया गया है, à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ किडनी के लिठरकà¥à¤¤ में कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° को सही रूप से बनाठरखना जरूरी है। कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° की सामानà¥à¤¯ सीमा वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की आयà¥, लिंग और शरीर के आकार के आधार पर à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होती है। लेकिन आमतौर पर किà¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ का नारà¥à¤®à¤² रेंज इस पà¥à¤°à¤•ार होता है। रकà¥à¤¤ में कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ के लिठसामानà¥à¤¯ सीमा 0.84 से 1.21 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¤¤à¤¿ डेसीलीटर (74.3 से 107 माइकà¥à¤°à¥‹à¤² पà¥à¤°à¤¤à¤¿ लीटर) हो सकती है, हालांकि यह महिलाओं और पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के बीच और उमà¥à¤° के हिसाब से अलग अलग लैब में रेंज à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हो सकता है।
कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ लेवल कम करने के घरेलू उपाय
कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ लेवल को कई तरह से कम किया जा सकता है। जिसमें मेडिकेशन,वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®,घरेलू उपाय शामिल है। आज हम इसके सबसे सरल और असरदार घरेलू उपाय बताà¤à¤‚गे। जिससे आप आसानी से कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ लेवल कम कर सकते हैं। तो आइठजानते हैं, कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ लेवल को घरेलू तरीके से कैसे कम किया जा सकता है।
दालचीनी को अपने आहार में शामिल करें
दालचीनी डाइयूरेटिक के उपचार में अपनी à¤à¥‚मिका के कारण कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ और किडनी की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से पीड़ित लोगों के लिठअचà¥à¤›à¤¾ है। यह किडनी की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं को बढ़ावा देने में मदद करता है और किडनी की फिलà¥à¤Ÿà¤° करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को à¤à¥€ बढ़ाता है। यह किडनी को अधिक नà¥à¤•सान से बचाने के लिठरकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा के लेवल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में à¤à¥€ मदद करता है। गरà¥à¤® पेय, सà¥à¤®à¥‚दी, बेकà¥à¤¡ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥, अनाज और अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में दालचीनी को अपने हलà¥à¤•े मातà¥à¤°à¤¾ में उपयोग करें। इसको अपने आहार में शामिल करके आप कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से निजाद पा सकते हैं।
सालà¥à¤µà¤¿à¤¯à¤¾ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें
बहà¥à¤¤ से लोग à¤à¤¾à¤°à¤¤ में सालà¥à¤µà¤¿à¤¯à¤¾ के बारे में नहीं जानते हैं। लेकिन चीन में लोग किडनी की खराबी के इलाज के लिठसालà¥à¤µà¤¿à¤¯à¤¾ (सालà¥à¤µà¤¿à¤¯à¤¾ मिलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤°à¤¿à¤°à¤¿à¤œà¤¾) का उपयोग करते हैं।इसलिठइसका उपयोग कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ लेवल कम करने के लिठकिया जा सकता है। कई अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ से संकेत मिलता है, कि सालà¥à¤µà¤¿à¤¯à¤¾ का सकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हो सकता है, लेकिन इसके कà¥à¤› आम दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ में खà¥à¤œà¤²à¥€,पेट खराब होना शामिल हैं।
फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाà¤à¤‚
कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ लेवल कम करने में फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना फायदेमंद हो सकता है। कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ पर फाइबर के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिà¤, हमें à¤à¥€ अधिक अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। हालांकि, à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ ने कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• किडनी रोग वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कमी को दिखाया, जिससे उनके फाइबर की खपत में वृदà¥à¤§à¤¿ हà¥à¤ˆà¥¤ कई खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में फल, सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, साबà¥à¤¤ अनाज और फलियां शामिल हैं।
आपको बताà¤à¤‚ सरल उपाय में जौ का पानी डाइयूरेटिक और किडनी के लिठà¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक कà¥à¤²à¥€à¤‚जर है। यह रकà¥à¤¤ (रकà¥à¤¤ यूरिया नाइटà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨) में नाइटà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ यूरिया को कम करने और नेफà¥à¤°à¥‹à¤•सिनोसिस का इलाज करने में à¤à¥€ मदद करता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जौ में फाइबर की अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ होती है। यह रकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा को कम करने में मदद करता है और पाचन में à¤à¥€ बढ़ावा देता है। इसके अलावा, यह विटामिन और खनिज सामगà¥à¤°à¥€ के कारण अचà¥à¤›à¤¾ आहार बन सकता है।
कई जड़ी-बूटियां पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से डाइयूरेटिक में मदद और कà¥à¤› लोगों में कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° को कम करने में मदद कर सकती हैं। हालांकि कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° को कम करने में ये कितने पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ हैं,इसपर अà¤à¥€ मानव में अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ होना अà¤à¥€ बाकी है। à¤à¤• पशॠअधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के दौरान पाया गया की इसके उपयोग से चूहों में कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° में सà¥à¤§à¤¾à¤° देखा गया।
साइबेरियाई जिनसेंग लें
कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ लेवल कम करने के लिठऔर अपनी ऊरà¥à¤œà¤¾ बढ़ाने के लिà¤, साइबेरियाई जिनसेंग फायदेमंद हो सकता है। इसमें à¤à¤²à¥à¤¥à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ यौगिक होते हैं। मालà¥à¤® हो कि यह किडनी को पà¥à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€à¤µà¤¿à¤¤ करने का कारà¥à¤¯ करता है और किडनी के परिसंचरण को पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करता है, यह कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ के उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठà¤à¤• सरल और असरदार समाधान à¤à¥€ है। आपको इसके अलावा थकान और तनाव से छà¥à¤Ÿà¤•ारा à¤à¥€ मिल सकता है। आमतौर पर इस जड़ी बूटी के लिà¤, निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ की गई खà¥à¤°à¤¾à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 300 से 600 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® है। लेकिन आपको इसका उपयोग अपनी इचà¥à¤›à¤¾ अनà¥à¤¸à¤¾à¤° नहीं बलà¥à¤•ि डॉकà¥à¤Ÿà¤° के परामरà¥à¤¶ के बाद ही उनके निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ किठगठसमय और डोज के आधार पर लेना है।
अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछे आपको कितना तरल पदारà¥à¤¥ पीना चाहिà¤
डिहाईडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° बढ़ा सकता है। जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ किडनी की बीमारी है, फà¥à¤²à¥‚इड का सेवन उन लोगों के लिठà¤à¥€ à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ पैदा कर सकता है। इसलिठअपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें कि आपको रोजाना कितना पानी और अनà¥à¤¯ तरल पदारà¥à¤¥ पीना चाहिठऔर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पीने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ समय कब-कब है।
चिटोसन की खà¥à¤°à¤¾à¤• लेने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें
चिटोसन ( chitosan) à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ आहार पूरक है, जिसका उपयोग जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग वजन कम करने या कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² कम करने के लिठकरते हैं। कà¥à¤› शोधों से संकेत मिलता है कि किडनी फेल वाले लोगों में कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° को कम करने में à¤à¥€ चिटोसन बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ हो सकता है। चिटोसन या किसी अनà¥à¤¯ आहार पूरक को शà¥à¤°à¥‚ करने से पहले, अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। आपको यह जानना होगा कि इसकी उचित खà¥à¤°à¤¾à¤• को कैसे लें।
उपर दी गई जानकारी चिकितà¥à¤¸à¤¾ सलाह का विकलà¥à¤ª नहीं है। इसलिठकिसी à¤à¥€ दवा या सपà¥à¤²à¤¿à¤®à¥‡à¤‚ट का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ जरूर करें। हैलो सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की चिकितà¥à¤¸à¤¾ सलाह, निदान या उपचार पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ नहीं करता है।
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