क्या एंडोमेट्रियोसिस वाले लोगों के बच्चे हो सकते हैं?HealthPlanet

Posted on Fri 11th Nov 2022 : 09:26

अगर आपका एंडोमेट्रियोसिस का केस ज्‍यादा गंभीर नहीं है तो आप आईयूआई फ से प्रेगनेंट हो सकती हैं लेकिन अगर यह पेल्विस में बहुत फैला हुआ है तो आप आईवीएफ से कंसीव कर सकती हैं।

आजकल महिलाओं में इनफर्टिलिटी बहुत देखी जा रही है। कुछ महिलाओं में इसका कारण एंडोमेट्रियोसिस भी है। गायनेकोलॉजिस्‍ट डॉक्‍टर अर्चना से हम जानेंगे कि एंडोमेट्रियोसिस क्‍या होता है और किस तरह ये महिलाएं प्रेगनेंट हो सकती हैं।

​क्‍या होता है एंडोमेट्रियोसिस

एंडोमेट्रियोसिस काफी दर्दनाक स्थिति होती है जो कई महिलाओं में देखी जाती है। गर्भाशय के अंदर की परत को एंडोमेट्रियम कहा जाता है। अगर प्रेग्‍नेंसी नहीं होती है तो हर महीने हार्मोंस बदलते ही, गर्भाशय के अंदर की परत यानि एंडोमेट्रियम, वो अनफर्टिलाइज एग के साथ खून और टिश्‍यू सब मिलकर गर्भाशय से बाहर योनि के जरिए पीरियड्स के रूप में बाहर आ जाते हैं। हर महीने एंडोमेट्रियम गिरता है और अन‍फर्टिलाइज एग शरीर से बाहर आता है।
​क्‍या हैं एंडोमेट्रियोसिस के लक्षण

जिन महिलाओं को एंडोमेट्रियोसिस की शिकायत होती है, उन्‍हें पीरियड्स पहले भी दर्द हो सकता है और पीरयड्स के दौरान भी ज्‍यादा ब्‍लीडिंग होती है। इन्‍हें बीच-बीच में भी ब्‍लीडिंग हो सकती है और सेक्‍स करते समय भी दर्द महसूस होता है। इन्‍हें कमर के निचले हिस्‍से में दर्द भी रहता है और कंसीव करने में दिक्‍कत आती है।


​एंडोमेट्रियोसिस के कारण

जब एंडोमेट्रियल टिश्‍यू यूट्रेस से बाहर निकल कर पेल्विक के हिस्‍से में जाकर जम जाता है जैसे कि फैलोपियन ट्यूब या ओवरी में जम गई, आंतों या पेशाब की थैली के पीछे जाकर जम गया।

फैलोपियन ट्यूब का काम होता है कि वो ओवुलेशन के बाद एग को स्‍पर्म की ओर ले जाती हैं ताकि एग फर्टिलाइज हो सके। अगर फैलोपियन ट्यूब के ऊपर एंडोमेट्रियल जमा है तो ओवरी से रिलीज होने वाला एग स्‍पर्म तक नहीं पहुंच पाता है क्‍योंकि फैलोपियन ट्यूब की मूवमेंट प्रभावित हो रही होती है।

जब एंडोमेट्रियल टिश्‍यू ओवरी के ऊपर जम जाता है तो ओवरी के अंदर इससे सिस्‍ट बन जाती हैं जिसे चॉकलेट सिस्‍ट कहते हैं क्‍योंकि इसमें पुराना जमा हुआ भूरा और लाल रंग का खून होता है। इससे भी इनफर्टिलिटी हो सकती है।

अगर आपको एंडोमेट्रियोसिस है लेकिन इनफर्टिलिटी नहीं है, तो इसके इलाज के लिए डॉक्‍टर कुछ दवाएं देते हैं जिसकी वजह से शरीर में पीरियड्स रूक जाएं क्‍योंकि पीरियड्स के दौरान ही एंडोमेट्रियल टिश्‍यू शरीर से बाहर निकलता है, पेल्विक हिस्‍से में जाकर जमने के लिए।
​एंडोमेट्रियोसिस का इलाज क्‍या है

अगर पीरियड्स रोक दिए जाएं तो दर्द वगैरह से राहत मिल सकती है। इसके लिए गर्भ निरोधक गोलियां, हर तीन महीने में डेपो प्रोवेरा इंजेक्शन, आईयूडी लगाई जाती है। इससे पीरियड्स और उसके सभी लक्षण कम या बंद हो जाते हैं।

अगर आपको एंडोमेट्रियोसिस है और आप अभी मां नहीं बनना चाहती हैं और लक्षणों से राहत पाना चाहती हैं, तो इन तरीकों की मदद ली जाती है। लेकिन अगर आप एंडोमेट्रियोसिस में प्रेगनेंट होना चाहती हैं, तो दिक्‍कत आती है।

​जांच होती है पहले

सबसे पहले इसकी जांच की जाती है। कई बार अल्‍ट्रासाउंड में एंडोमेट्रियोसिस अच्‍छे से नहीं दिख पाता है तो एमआरआई की सलाह दी जाती है। वहीं लैप्रोस्‍कोपिक तकनीक से भी इसे देखने या जांचने की कोशिश की जाती है।

लैप्रोस्‍कोपिक में पेट पर छोटा-सा छेद कर के एक दूरबीन अंदर डाली जाती है और जहां-जहां यह टिश्‍यू फैला हुआ है जैसे कि ओवरी, ट्यूब उसे देखा जाता है। इसके साथ ही सर्जरी के दौरान इसे निकाल भी दिया जाता है।

अगर आपको प्रेग्‍नेंसी नहीं चाहिए तो इन चॉकलेट सिस्‍ट को डॉक्‍टर निकाल देते हैं लेकिन अगर आपको यह प्रक्रिया करवानी है और आपको प्रेग्‍नेंसी भी चाहिए तो कई बार इन प्रक्रियाओं का आपकी फर्टिलिटी पर असर पड़ता है।
​ये टेस्‍ट है जरूरी

इसलिए अगर आपको प्रेगनेंट होना है तो कोई भी प्रोसीजर करवाने से पहले एंटी मोलेरियन हार्मोन यानि एएमएच टेस्‍ट करवाएं। अगर आपका एएमएच नॉर्मल है, तो ही आप लैप्रोस्‍कोपिक सर्जरी करवा सकती हैं। लेकिन अगर एएमएच लो है तो इससे सर्जरी की वजह से आपकी ओवरी में अंडो की संख्‍या और कम हो सकती है।

एएमएच से पता चलता है कि ओवरी में एग रिजर्व कितना है। अगर लेवल लो आता है तो इसका मतलब है कि ओवरी में पहले से अंडे कम हैं जिससे प्रेगनेंट होने में दिक्‍कत आ सकती है।

लेकिन अगर इसका लेवल ठीक है तो आप सर्जरी करवा सकती हैं और आईयूआई या आईवीएफ से प्रेगनेंट हो सकती हैं। मेडिकल तरीके से प्रेगनेंट होने के लिए ओवुलेशन करने के लिए दवाएं और इंजेक्‍शन दिए जाते हैं।

अगर आपका एंडोमेट्रियोसिस का केस ज्‍यादा गंभीर नहीं है तो आप आईयूआई फ से प्रेगनेंट हो सकती हैं लेकिन अगर यह पेल्विस में बहुत फैला हुआ है तो आप आईवीएफ से कंसीव कर सकती हैं।

​आ सकती हैं कॉम्प्लिकेशन

अगर आपको एंडोमेट्रियोसिस है और आप प्रेगनेंट हैं तो इससे प्रीमैच्‍योर डिलीवरी, मिसकैरेज, सिजेरियन डिलीवरी, प्‍लेसेंटा प्रीविया के चांस ज्‍यादा होते हैं। 35 की उम्र के बाद इस तरह के जोखिम ज्‍यादा होते हैं।

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