कितने प्रकार की खांसी होती है?HealthPlanet

Posted on Thu 1st Dec 2022 : 13:52

खांसी के प्रकार (Types of Cough) कितने हैं?

खांसी के प्रकार के बारे में बात करें उससे पहले बता दें कि ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी वेक्सनर मेडिकल सेंटर में कफ क्लिनिक के एमडी, डॉयरेक्टर, जोनाथन पार्सन्स का कहना है, “खांसी वायुमार्ग को साफ करने का एक सुरक्षात्मक तंत्र है।” हालांकि बार-बार खांसी की समस्या होना या लंबे समय तक खांसी आना सेहत के लिए घातक हो सकती है।
1. गीली खांसी


गीली खांसी में खांसते वक्त मुंह में बलगम आता है। गीली खांसी होने पर गले, नाक, वायुमार्ग और फेफड़ों से बगलम आता है, जिसे श्वसन तंत्र बाहर निकलता है। गीली खांसी का कारण आमतौर पर सर्दी या फ्लू होता है। इसके लक्षण धीमी या तेजी से बढ़ सकते हैं और अधिकतर मामलों में यह अपने आप ही कुछ दिनों में ठीक भी हो जाती है। गीली खांसी के कारण बहती नाक (Running nose), थकान (Fatigue), गले और सीने में दर्द (Neck and chest pain) की समस्या भी हो सकती है।

2. सूखी खांसी


सूखी खांसी में खांसने के दौरान बलगम नहीं आता है। इसके कारण गले में सूजन या जलन की समस्या हो सकती है। सूखी खांसी में खांसने का समय गीली खांसी से अधिक होता है। सूखी खांसी आमतौर पर सर्दी या फ्लू के कारण सांस के बाहरी मार्ग में संक्रमण होने के कारण होती है।
3. काली खांसी या कंपकंपी वाली खांसी


विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, साल 2010 से 2014 के बीच अमेरिका में कंपकंपी वाली खांसी के कारण लगभग 40,000 मौतें हुई थी। कंपकंपी वाली खांसी बच्चों के लिए अधिक घातक हो सकती है। क्योंकि, यह खांसी बड़ी होती है और इसके बाद एक लंबी सांस आती है। इसके खांसने को रोकना बहुत मुश्किल होता है। यह शरीर को थकावट और दर्द देने वाली खांसी का प्रकार होती है। इसमें खांसने के दौरान भी उल्टी हो सकती है।
4. भौंकने वाली खांसी या क्रुप खांसी


भौंकने वाली खांसी या क्रुप खांसी वायुमार्ग में वायरस होने के कारण होता है। आमतौर पर यह 5 साल या उससे छोटी उम्र के बच्चे को प्रभावित करती है। वायुमार्ग में सूजन के कारण सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। इसके आलाव वॉयस बॉक्स में और उसके आस-पास सूजन होने के कारण आवाज भी खराश वाली हो जाती है, जिसकी वजह से इसे भौंकने वाली खांसी भी कही जाती है।
5. पोस्ट-वायरल खांसी

खांसी के प्रकार में वायरल खांसी, गले की सूजन के कारण ऊपरी श्वसन पथ में संक्रमण होने के कारण होने वाली सबसे आम समस्या होती है। आमतौर पर इसके इस खांसी के प्रकार के उपचार के लिए डॉक्टर ज्यादातर रोगियों के लिए एंटीबायोटिक्स के सेवन की सलाह नहीं देते हैं। क्योंकि पोस्ट-वायरल खांसी बैक्टीरिया के कारण नहीं होती है। ध्यान रखें कि खांसी के दौरान एंटीबायोटिक्स का सेवन तभी करना चाहिए, जब खासी के प्रकार का कारण बैक्टीरिया हो। इसलिए, संक्रमण से होने वाली खांसी के उपचार के लिए चिकित्सक बेचैनी से राहत पाने के लिए डेक्सट्रोमेथोर्फन या मेन्थॉल युक्त कफ सिरप की सिफारिश कर सकते हैं। यह आम तौर पर आपको किसी भी मेडिकल स्टोर पर मिल सकती है।

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