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किडनी खराब होने के पांच सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ होते हैं, जिनमें सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ पांच तक आने में किडनी का टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपà¥à¤²à¤¾à¤‚ट करना बेहद जरà¥à¤°à¥€ हो जाता है।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ-1 इस सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ में 90 फीसदी या उससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ काम करने लायक रहता है।
लकà¥à¤·à¤£ - पेशाब में कà¥à¤› गड़बड़ी पता चलती है। लेकिन कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ और जीà¤à¤«à¤†à¤° गà¥à¤²à¥‹à¤®à¥‡à¤°à¥‚लर फिलà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨ रेट समानà¥à¤¯ होता है। जीà¤à¤«à¤†à¤° बतता है कि किडनी कितने फिलà¥à¤Ÿà¤° कर रही है।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ -2 हालत मà¥0-89 फीसदी तक काम करने लायक।
लकà¥à¤·à¤£ - जीà¤à¤«à¤†à¤° मà¥0-89 के बीच में होता है, लेकिन कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¨à¤¿à¤¨ सामानà¥à¤¯ रहता है। पेशाब की जांच में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने के संकेत मिलने लगते हैं, शà¥à¤—र या हाई बीपी रहने लगता है।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ -3 किडनी फà¥0- à¤à¥9 फीसदी तक काम करने लायक।
लकà¥à¤·à¤£-कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¨à¤¿à¤¨ बढ़ने लगता है। अनीमिया, बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ में यूरिया जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आ सकता है, शरीर में खà¥à¤œà¤²à¥€ होती है।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ-4 किडनी कà¥à¤à¥ से खà¥9 फीसदी तक काम करने लायक।
लकà¥à¤·à¤£- कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¨à¤¿à¤¨ à¤à¥€ खà¥-बॠमिलीलीटर के बीच होने लगता है। इसमें मरीज जलà¥à¤¦à¥€ थकने लगता है। शरीर में सूजन आ जाती है।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ-5 हालत कà¥à¤à¥ फीसदी से à¤à¥€ कम काम करने लायक।
लकà¥à¤·à¤£- कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¨à¤¿à¤¨ बà¥-à¤à¥ या उससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जाता है। मरीज के लिठडायलिसिस या किडनी का टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपà¥à¤²à¤¾à¤‚ट बेहद जरूरी हो जाता है।
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