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Heart Attack: कम उमà¥à¤° में हारà¥à¤Ÿ अटैक आने की हो सकती हैं ये वजहें, हो जाà¤à¤‚ अलरà¥à¤Ÿ -
डायबिटीज
डायबिटीज के मरीजों में फिर चाहे वो बूढ़े हों या वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤• हारà¥à¤Ÿ अटैक और सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• का खतरा 2 से 3 गà¥à¤¨à¤¾ बढ़ जाता है। सही समय पर इसे कंटà¥à¤°à¥‹à¤² न किया जाठतो यह शरीर की बà¥à¤²à¤¡ वेसेलà¥à¤¸ में सूजन को बढ़ाती है। जिसकी वजह से हारà¥à¤Ÿ को होने वाले बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ में रूकावट आ सकती है। लंबे समय तक आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€à¤œà¤¼ में इस पà¥à¤°à¤•ार की सूजन बने रहने से कोलेसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² और पà¥â€à¤²à¤¾à¤• à¤à¥€ बढ़ जाता है। इससे हारà¥à¤Ÿ की नसों को à¤à¥€ नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चता है।
मोटापा
मोटापा, हारà¥à¤Ÿ अटैक के सबसे बड़े कारणों में से à¤à¤• है। हमारे शरीर में फ़ैट या वसा की सही मातà¥à¤°à¤¾ होना बेहद ज़रूरी है। वैसे तो फैट बॉडी को à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ देता है लेकिन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में लिया गया फ़ैट नसों को बà¥à¤²à¥‰à¤• करने लगता है। जिसकी वजह से नसों में बà¥à¤²à¤¡ का सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ सही तरह से नहीं हो पाता। इस सिचà¥à¤à¤¶à¤¨ में कà¤à¥€-कà¤à¥€ नसों में कà¥à¤²à¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग à¤à¥€ हो सकती है। जो हारà¥à¤Ÿ अटैक की वजह बन सकता है।
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की वजह से शरीर में बà¥à¤²à¤¡ का फà¥à¤²à¥‹ तेजी से बढ़ता है। जिससे कई बार शरीर में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की कमी होने लगती है। बà¥à¤²à¤¡ फà¥à¤²à¥‹ तेज होने से हारà¥à¤Ÿ की आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€à¤œ पर बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° पड़ता है और इससे अटैक हो जाता है।
अनहेलà¥à¤¦à¥€ डाइट
जंक फूड और पैकेजà¥à¤¡ फूड डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ में रिफाइंड पà¥à¤°à¤¿à¤œà¤°à¤µà¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ की जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ होती हैं। तो अगर आप पूरी तरह इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ फूडà¥à¤¸ पर डिपेंड हैं, तो आप हारà¥à¤Ÿ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बीमारियों को खà¥à¤²à¥€ दावत दे रहे हैं। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये फैट से à¤à¥€ à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं। वहीं कम तेल, मसालों में पका à¤à¥‹à¤œà¤¨ सेहत के लिठकिसी à¤à¥€ तरह से नà¥à¤•सानदेह नहीं होता। तो à¤à¤¸à¥‡ खाने पर फोकस करें। अपनी डाइट में ओमेगा फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र चीजों, जैसे- मछली, अखरोट, अलसी के बीज और हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को शामिल करें। साथ ही विटामिन डी के लिठरोजाना कà¥à¤› देर धूप में टहलें और विटामिन डी सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट लें।
फिजिकल à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ की कमी
रोजाना कà¥à¤› देर की à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करके आप कई खतरनाक बीमारियों से दूर रह सकते हैं। वहीं वो लोग जिनकी à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ जीरो है वो मोटापे, हाई बीपी, डायबिटीज जैसी बीमारियों का जलà¥à¤¦ शिकार होते हैं। लेकिन हैवी वरà¥à¤•आउट करने से बचें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे à¤à¥€ हारà¥à¤Ÿ अटैक का खतरा बढ़ जाता है। खासतौर से तब जब आप पहले से किसी गंà¤à¥€à¤° बीमारी से जूठरहे हैं। किसी à¤à¥€ तरह का वरà¥à¤•आउट शà¥à¤°à¥‚ करने से पहले à¤à¤• बार फà¥à¤² बॉडी चेकअप करवा लें।
नींद न होना
मोबाइल, टीवी और देर रात तक काम करने के चलते यà¥à¤µà¤¾à¤“ं के सà¥à¤²à¥€à¤ªà¤¿à¤‚ग पैटरà¥à¤¨ (सोने और जागने का चकà¥à¤°) में à¤à¥€ बहà¥à¤¤ बदलाव आ गया है। वो रात को जागकर काम करते हैं जिसके चलते समय पर खानपान नहीं हो पाता, नींद à¤à¥€ पूरी नहीं हो पाता। नींद न होने का सीधा कनेकà¥à¤¶à¤¨ दिल का दौरा पड़ने से है। तो इस चीज़ को सीरियसली लें और 6 से 8 घंटे की नींद जरूर पूरी करें।
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