कमजोर नजर की देखभाल कैसे करें?HealthPlanet

Posted on Mon 5th Dec 2022 : 15:23

आंखों की रोशनी बढ़ाने के 4 घरेलू उपाय-Remedies to improve weak eyesight in hindi
1. आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए त्रिफला

त्रिफला एक शक्तिशाली हर्बल फार्मूला है जिसमें तीन फल होते हैं - आंवला, बिभीतकी और हरीतकी । प्रत्येक फल शरीर के तीन दोषों को सकारात्मक रूप से प्रभावित करने के लिए जाना जाता है। त्रिफला में मजबूत औषधीय गुण होते हैं और इसका व्यापक रूप से आयुर्वेदिक दवाओं में शरीर में विषाक्तता के स्तर को कम करने के लिए उपयोग किया जाता है। रोजाना त्रिफला का पानी पीना आंखों की सूजन, लालिमा और खिंचाव जैसी समस्याओं को कम कर सकता है। इसके अलावा, त्रिफला विटामिन सी और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होता है, जो आंखों को ऑक्सीडेटिव तनाव से जुड़े नुकसान से बचा सकता है और आंखों की रोशनी बढ़ा सकता है।

2. कैलेंडुला का उपयोग करें

कैलेंडुला का उपयोग कई समस्याओं जैसे मांसपेशियों में ऐंठन, बुखार, सूजन, पैर के अल्सर आदि के उपचार में किया जाता है। लेकिन यह आंखों की विभिन्न समस्याओं के प्रबंधन के लिए एक शक्तिशाली हर्बल उपचार भी है। इसका एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों एलर्जी, सामान्य आंखों में जलन, आंखों की मामूली चोट और आंख की रेडनेस या सूजन को दूर कर सकता है। इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना है बस आपको कैलेंडुला के अर्क को अपने चाय में मिला कर इसका सेवन करना है।

3. सौंफ और बादाम का सेवन करें

सौंफ और बादाम का उपयोग अक्सर आंखों के स्वास्थ्य के लिए विभिन्न आयुर्वेदिक दवाओं के अवयवों के रूप में किया जाता है। दरअसल, सौंफ और बादाम में ओमेगा-3 भी होता है जो कि एक ऐसा पोषक तत्व है जो कि कमजोर नजर को ठीक करने में मदद करता है। इसके लिए सौंफ और बादाम को रोत को भिगो कर रख दें और सुबह इसका सेवन करें। ये आपकी आंखों की रोशनी तेज करने में मदद करेगा।

4. जिन्कगो बिलोबा का इस्तेमाल करें

जिन्कगो बिलोबा एक जड़ी बूटी है जो चीन के कई हिस्सों में पाई जाती है और माना जाता है कि यह आंखों की रोशनी में सुधार करने के अत्यधिक प्रभावी आयुर्वेदिक तरीकों में से एक है। कहा जाता है कि इस जड़ी बूटी में कई गुण होते हैं जो आंखों के स्वास्थ्य, स्मृति और मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसके लिए आप जिन्कगो बिलोबा की पत्तियों का सेवन कर सकते हैं। इसके तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये ग्लूकोमा और मैकुलर डिजनरेशन जैसे लक्षणों में कमी लाते हैं और रेटिनोपैथी के इलाज में भी मदद करते हैं। इसके लिए एक कप गर्म दूध में दो चम्मच या दस ग्राम चूर्ण मिलाकर सोने से पहले या सुबह खाली पेट पीएं।

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