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रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बढ़ाने वाले पोषक ततà¥à¤µ -
अनेको à¤à¤¸à¥‡ पोषक ततà¥à¤µ हैं जो रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को मजबूत बनाने में बड़ी à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। आप इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी à¤à¥‹à¤œà¤¨ में शामिल करके रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को मजबूत बना सकते हैं।
विटामिन à¤
इसमें à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ पाठजाते हैं जो शरीर में सूजन को रोकने का काम करते हैं। साथ ही, शरीर में बीमारियों से लड़ने वाली कोशिकाओं की संखà¥à¤¯à¤¾ बà¥à¤¾à¤¤à¥‡ हैं।
शरीर में विटामिन ठकी मातà¥à¤°à¤¾ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठआप गाजर, कदà¥à¤¦à¥‚, शकरकंद, दूध, दूध से बने पदारà¥à¤¥, दही, पनीर, आम, पपीता, खरबूज, संतरा, खà¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€ आदि को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
विटामिन सी
इसमें मौजूद à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ शरीर को होने वाले नà¥à¤•सान और संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचाते हैं। आंवला, पपीता, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€, अंगूर, संतरा, नींबू, टमाटर, हरी मिरà¥à¤š और बà¥à¤°à¥‹à¤•ोली में विटामिन सी पाया जाता है।
विटामिन डी
शोध के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, विटामिन डी सांस से संबंधित संकà¥à¤°à¤®à¤£ और वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£ को रोकने में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ साबित होता है। सूरज की रौशनी, अंडे की जरà¥à¤¦à¥€ और मशरूम विटामिन डी के बड़े सà¥à¤°à¥‹à¤¤ हैं।
विटामिन ई
इसमें à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ पाठजाते हैं जो शरीर को डिटॉकà¥à¤¸à¥€à¤«à¤¾à¤ˆ करके रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को मजबूत बनाते हैं। विटामिन ई की पूरà¥à¤¤à¤¿ करने के लिठबà¥à¤°à¥‹à¤•ोली, कदà¥à¤¦à¥‚, शलजम और साग का सेवन कर सकते हैं।
इन सबके अलावा, बादाम, जैतून, मूंगफली, कीवी, खà¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€, गेहूं का बीज और वनसà¥à¤ªà¤¤à¤¿ तेल जैसे कि सूरजमà¥à¤–ी, गेहूं, बादाम और सोयाबीन के तेल में विटामिन ई की अधिक मातà¥à¤°à¤¾ पाई जाती है।
आयरन, सेलेनियम, ओमेगा 3, जिंक और पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥€ फायदेमंद होते हैं। इन सब की मदद से रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को मजबूत बनाकर शरीर में होने वाली कà¥à¤·à¤¤à¤¿ और संकà¥à¤°à¤®à¤£ को रोका जा सकता है।
रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बढ़ाने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤-
रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठसंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ फलों में आप निमà¥à¤¨ को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं:-
सेब
नींबू
अनार
आलूबà¥à¤–ारा
इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® को सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ वाले पेय पदारà¥à¤¥ में निमà¥à¤¨ शामिल हैं:-
गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी
छाछ, लसà¥à¤¸à¥€
फलों का रस
नारियल पानी
हलà¥à¤¦à¥€ वाला दूध
परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी
आवशà¥à¤¯à¤•तानà¥à¤¸à¤¾à¤° हलà¥à¤•ा गरà¥à¤® पानी में शहद
रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को मजबूत बनाने के लिठआप निमà¥à¤¨ जड़ी बूटियों, मसालों और बीजों का सेवन कर सकते हैं:-
लौंग
अलसी
लहसà¥à¤¨
अदरक
इलायची
दालचीनी
मेथी दाना
काली मिरà¥à¤š
इन सà¤à¥€ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² आप काà¥à¤¾ या सूप तैयार करने में कर सकते हैं। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि अगर आपको पहले से सरà¥à¤¦à¥€, जà¥à¤•ाम या बà¥à¤–ार है तो आपको कà¥à¤› चीजों से परहेज करना चाहिà¤à¥¤ किसी à¤à¥€ वसà¥à¤¤à¥à¤ का सेवन करने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ करें।
रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को मजबूत रखने के लिया किन चीजों का सेवन न करें
जैसे रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठआप अनेको खान-पान की चीजों का सेवन करते हैं, वैसे ही आपको कà¥à¤› खान-पान की वसà¥à¤¤à¥à¤“ं से परहेज à¤à¥€ करना आवशà¥à¤¯à¤•ता होता है।
नीचे हम आपको कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं के बारे में बता रहे हैं जिससे आपको परहेज करना चाहिà¤à¥¤
सिगरेट
सिगरेट, बीड़ी, हà¥à¤•à¥à¤•ा या दूसरा किसी à¤à¥€ तरह का धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ सीधे तौर पर फेफड़ों को बà¥à¤°à¥€ तरह से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। नतीजतन, रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कमजोर हो जाती है और आपके शरीर में कई तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा होनी शà¥à¤°à¥‚ हो जाती हैं।
अगर आप अपनी रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को मजबूत बनाना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको सिगरेट या दूसरे धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ को बंद कर देना चाहिà¤à¥¤
शराब
शराब लिवर को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है जिससे लिवर के साथ-साथ शरीर के दूसरे अंगों में à¤à¥€ कई तरह की बीमारियां पैदा होती हैं। अगर आप शराब का सेवन करते हैं तो इसका सेवन सीमित या बंद कर देना चाहिà¤à¥¤
जंक फूडà¥à¤¸
सीमित रूप में जंक फूडà¥à¤¸ खाने से कोई पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤® नहीं है, लेकिन जब इसका सेवन अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में होने लगता है तो यह पाचन तंतà¥à¤° को बà¥à¤°à¥€ तरह पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है जिससे आपको गैस, बवासीर और लिवर से संबंधित बीमारियों का सामना करना पड़ता है।
इन सबसे से आपकी रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प आप हमेशा बीमार पड़ते हैं और आपका परà¥à¤¸à¤¨à¤² à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¶à¤¨à¤² दोनों जीवन में असंतà¥à¤²à¤¨ पैदा होता है।
रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को कमजोर होने से बचाने का à¤à¤• तरीका यह à¤à¥€ है कि आप जंक फूडà¥à¤¸ का सेवन कम से कम या न करें।
चाय और कॉफी
चाय और कॉफी में कैफीन मौजूद होता है जो आपकी पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ और नींद को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। आप सà¥à¤¬à¤¹ या शाम में चाय या कॉफी का सेवन कर सकते हैं। लेकिन आपको धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिठकि आप इसका जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ और खासकर रात में सोने से पहले सेवन न करें।
रात में सोने से पहले चाय या कॉफी का सेवन करने से आपकी नींद पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है जो आपकी रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ शकà¥à¤¤à¤¿ को कमजोर करता है।
इन सबके अलावा, आपको डबà¥à¤¬à¤¾ में बंद पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚, मैदा, चीनी और रिफाइंड फूडà¥à¤¸ आदि के सेवन से à¤à¥€ बचना चाहिà¤à¥¤ ये सà¤à¥€ रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर बà¥à¤°à¤¾ असर डालते हैं।
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