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गà¥à¤²à¥‚कोमा यानी काला मोतिया à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° नेतà¥à¤° रोग है। यह à¤à¤• खामोश रोग है, जो बिना किसी आहट के चà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤ª आपकी आंखों की रोशनी छीन लेता है। इसके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ जागरूकता ही इसे बढ़ने से रोक सकती है। गà¥à¤²à¥‚कोमा आंखों के तंतà¥à¤° को लगातार नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाते हà¥à¤ धीरे-धीरे देखने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को समापà¥à¤¤ कर देता है।
गà¥à¤²à¥‚कोमा को आम à¤à¤¾à¤·à¤¾ में काला मोतिया कहते हैं। आंख के अंदर अंगों के पोषण के लिठà¤à¤• तरल पदारà¥à¤¥ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होता है। पोषक के बाद यह तरल पदारà¥à¤¥ आंख के महीन छिदà¥à¤° (फिलà¥à¤Ÿà¤°) से बाहर निकलते हैं। उमà¥à¤° के साथ छिदà¥à¤° तंग होने शà¥à¤°à¥‚ हो जाते हैं। इससे तरल पदारà¥à¤¥ के निकलने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ थोड़ी बाधित होती है। इससे आंख का पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° बढ़ने लगता है। आंख का बढ़ा पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° ऑपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• नरà¥à¤µ (आंखों से दिमाग को सिगà¥à¤¨à¤² à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ वाली नरà¥à¤µ) को डैमेज करता है। आमतौर पर à¤à¤¸à¤¾ आंखों पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जोर पड़ने से होता है। दरअसल, ऑपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• नरà¥à¤µ काफी सेंसिटिव हैं, इसलिठजरा à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° पड़ने पर यह बà¥à¤²à¥‰à¤• हो जाती है। इससे दिखना बंद हो जाता है।
दो तरह के होते हैं गà¥à¤²à¥‚कोमा
ओपेन à¤à¤‚गल गà¥à¤²à¥‚कोमा
यह धीरे-धीरे बढ़ता है और मरीजों को पता ही नहीं चलता। जब आंख के बढ़े पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° से ऑपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• नरà¥à¤µ खराब हो जाती है तो उसे ओपेन à¤à¤‚गल गà¥à¤²à¥‚कोमा कहते हैं। यह सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कॉमन है।
इसमें तरल पदारà¥à¤¥ को डà¥à¤°à¥‡à¤¨ करने वाली कनैल बà¥à¤²à¥‰à¤• हो जाती है, जिससे आंख का पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° बढ़ जाता है। इसके होने से आंख की नजर धीरे-धीरे कमजोर होती है। यदि इसका समय रहते पता चल जाठतो आंख की रोशनी बचाई जा सकती है। वरना इसका कोई इलाज नहीं है।
ओपेन à¤à¤‚गल गà¥à¤²à¥‚कोमा के लकà¥à¤·à¤£
1. हलका सिर में दरà¥à¤¦
2. आंख में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨
3. नजदीक का चशà¥à¤®à¤¾ बार-बार बदलना
4. बलà¥à¤¬ बà¥à¤à¤¨à¥‡ के कà¥à¤› देर बाद à¤à¥€ नहीं दिखना
à¤à¤‚गल कà¥à¤²à¥‹à¤œà¤° गà¥à¤²à¥‚कोमा
यह कम खतरनाक है और इसका इलाज उपलबà¥à¤§ है। इसमें मरीज को अचानक अटैक पड़ता है और नजर कमजोर हो जाती है। इसमें बहà¥à¤¤ तेज दरà¥à¤¦ होता है और मरीज सीधे डाकà¥à¤Ÿà¤° के पास पहà¥à¤‚चता है।
ये हैं लकà¥à¤·à¤£
1.à¤à¤¯à¤‚कर दरà¥à¤¦ होता है।
2.आधे सिर में दरà¥à¤¦ होता है।
3.उलà¥à¤Ÿà¥€ आने की आशंका रहती है।
4. अचानक से नंबर कम हो जाता है।
ये रिसà¥à¤• फैकà¥à¤Ÿà¤° हैं तो गà¥à¤²à¥‚कोमा हो सकता है
1. परिवार के किसी सदसà¥à¤¯ को हà¥à¤† हो
2. यदि शà¥à¤—र के मरीज हैं तो
3. माइनेस नंबर है और बार-बार कम हो रहा है
4. 40वरà¥à¤· के उमà¥à¤° के पार हैं
5. अंधेरे में देर से नजर आना।
6. रोशनी में अलग-अलग रंग दिखना
7. असà¥à¤¥à¥à¤®à¤¾ व आथराइटिस जैसे रोगों में लंबे समय तक सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¾à¤¯à¤² ले रहे हों
8. कà¤à¥€ आंख का कोई जखà¥à¤® हà¥à¤† हो या कोई सरà¥à¤œà¤°à¥€ हà¥à¤ˆ हो
9. यह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¥€ हो सकता है।
आंखों की चली जाती है रोशनी
Glaucoma- Eye Problem 4
गà¥à¤²à¥‚कोमा के बारे में सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बात यह है कि इसके चलते नजर का जो नà¥à¤•सान हो गया, उसका कोई इलाज नहीं है। अगर पता न चले तो यह मरà¥à¤œ धीरे धीरे बढ़ता रहता है और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ जाने पर अंधेपन की à¤à¥€ नौबत आ सकती है। हां, अगर इसका पता वकà¥à¤¤ रहते चल जाठतो आगे और नà¥à¤•सान से बचने के लिठइलाज और देखà¤à¤¾à¤² की जा सकती है।
40 के बाद रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ चेकअप कराà¤à¤‚
40 साल की उमà¥à¤° के बाद गà¥à¤²à¥‚कोमा होने के चांस बढ़ जाते हैं। 40 की उमà¥à¤° के बाद आंखों का रेगà¥à¤¯à¥à¤²à¤° चेकअप कराते रहें। हो सकता है इस उमà¥à¤° के लोगों को लगे कि उनकी नजर मोतियाबिंद की वजह से कमजोर हो रही है, लेकिन हो सकता है कि नजर की कमजोरी गà¥à¤²à¥‚कोमा की वजह से हो। à¤à¤¸à¥‡ में सलाह यह है कि 40 की उमà¥à¤° के बाद आंखों का रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ चेकअप कराते रहें।
खà¥à¤¦ से जांचें अपनी आंख
इस उदाहरण से समà¤à¥‡à¥¤ अपनी आंख से किसी à¤à¤• चीज को देखे। मान लिजिठपारà¥à¤• में à¤à¤• बचà¥à¤šà¤¾ बैठा है। बचà¥à¤šà¥‡ के à¤à¤• तरफ हाथी का खिलौना है और दूसरी तरफ शेर का खिलौना है। हाथी और शेर के साथ à¤à¤•-à¤à¤• कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ है। कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ के साथ पेड़ पौधे। यदि आप की आंख ठीक है तो आपको बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¥€ दिखेगा, हाथी-शेर à¤à¥€ दिखेंगे और पेड़-पौधे। यदि गà¥à¤²à¥‚कोमा के आप करीब हैं तो आपको बचà¥à¤šà¥‡ के साथ हाथी और शेर दिखेंगे। कà¥à¤°à¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ नहीं। यदि जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ करीब हैं तो सिरà¥à¤« आपको बचà¥à¤šà¤¾ दिखेगा। हाथी और शेर नहीं। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• गà¥à¤²à¥‚कोमा में फीलà¥à¤¡ आफ विजन यानी नजर का दायरा सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¤à¤¾ है। जब गà¥à¤²à¥‚कोमा हो जाà¤à¤—ा तो आपको बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¥€ नहीं दिखेगा।
आपके लिठविशेष जानकारी
अकà¥à¤¸à¤° 40 की उमà¥à¤° में लोगों की पास की नजर कमजोर पड़ने लगती है। आम तौर पर लोग पास की चशà¥à¤®à¥‡ की दà¥à¤•ान में जाते हैं और अपनी आंखे टेसà¥à¤Ÿ करवाते हैं। दà¥à¤•ानदार सिरà¥à¤« आंख टेसà¥à¤Ÿ कर बढ़िया चशà¥à¤®à¤¾ दे देता है। उससे लोगों को अचà¥à¤›à¤¾ दिखता है और वे चलते बनते हैं, लेकिन जब à¤à¥€ इस उमà¥à¤° में चशà¥à¤®à¤¾ बनवाà¤à¤‚ तो अचà¥à¤›à¥‡ डाकà¥à¤Ÿà¤° से आंखों का पूरा चेकअप करवाà¤à¤‚।
गà¥à¤²à¥‚कोमा से बचने के उपाय
1. घर में अगर किसी को गà¥à¤²à¥‚कोमा है तो बचà¥à¤šà¥‡ को होने की जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह à¤à¤• आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक बीमारी है। à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ की आंखों की जांच करवा लीजिà¤à¥¤
2. आंखों की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€, असà¥à¤¥à¤®à¤¾, चरà¥à¤® रोग या किसी अनà¥à¤¯ रोग के लिठसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ दवाओं का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करने से आंखों में दिकà¥à¤•त आ जाती है। à¤à¤¸à¥€ दवाईयों के सेवन से बचे।
3.आंखों में दरà¥à¤¦ हो या आंखें लाल हो जाà¤à¤‚ तो सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤²à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेकर ही दवा का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें।
4.खेलने के दौरान (टेनिस या कà¥à¤°à¤¿à¤•ेट बॉल से) अगर आंखों में चोट लग जाठतो इसका इलाज कराà¤à¤‚।
5.आंखों में कà¤à¥€ किसी पà¥à¤°à¤•ार की कोई सरà¥à¤œà¤°à¥€ हà¥à¤ˆ हो या कोई घाव हो गया हो तो उसकी जांच समय-समय पर करवाते रहें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सरà¥à¤œà¤°à¥€ से गà¥à¤²à¥‚कोमा होने का खतरा बढ़ जाता है।
6.हर दो साल में आंखों की नियमित जांच करवाते रहिà¤à¥¤ चेकअप करवाने से आंखों की रोशनी का पता लगाया जा सकता है।
7.अगर आपके चशà¥à¤®à¥‡ का नंबर बदल रहा है तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• कीजिà¤à¥¤
8.जब आप सीधे देख रहें हों तो आंखों के किनारे से न दिखाई दे रहा हो तब आंखों की जांच करवाà¤à¤‚।
9. आंखों में दरà¥à¤¦ हो, सिर और पेट में दरà¥à¤¦ हो तो इसको नजरअंदाज मत कीजिà¤, तà¥à¤°à¤‚त चिकितà¥à¤¸à¤• से संपरà¥à¤• कीजिà¤à¥¤
10. आंखों को पोषण देने वाले ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ जैसे बादाम, दूध, संतरे का जूस, खरबूजे, अंडा, सोयाबीन का दूध, मूंगफली आदि का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन कीजिà¤à¥¤
ये à¤à¥€ सावधानी बरतें
गà¥à¤²à¥‚कोमा से बचने के लिठआपको कà¥à¤› सावधानियां बरतने की जरूरत होती है। जैसे कि आंखों में कोई à¤à¥€ डà¥à¤°à¥‰à¤ª डालने से पहले अपने हाथों में अचà¥à¤›à¥€ तरह धो लें। दवाई को ठंडी और डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ जगह पर रखें। à¤à¤• बार में à¤à¤• ही डà¥à¤°à¥‰à¤ª डालें और दो दवाइयों के बीच में आधा घंटे का गैप जरूर करें। अगर आप अपने आई सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤²à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ से लगातार मिलते रहते हैं और समय से दवाइयां लेते हैं , तो आप अपने गà¥à¤²à¥‚कोमा को समय से कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करके à¤à¤• नॉरà¥à¤®à¤² लाइफ जी सकते हैं।
जीà¤à¤®à¤¸à¥€à¤à¤š 32 में गà¥à¤²à¥‚कोमा के लिठविशेष कà¥à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤•
जीà¤à¤®à¤¸à¥€à¤à¤š 32 के असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में गà¥à¤²à¥‚कोमा के लिठविशेष इलाज उपलबà¥à¤§ है। यहां पर इसके लिठविशेष कà¥à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤• à¤à¥€ चलाठजाते हैं। यह कà¥à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤• सोमवार और वीरवार को बी बà¥à¤²à¤¾à¤• के चौथी मंजिल के कमरा नंबर सात में चलते हैं। गà¥à¤²à¥‚कोमा के हासà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² में हर महीने 250 मरीज आते हैं। गà¥à¤²à¥‚कोमा के इलाज यहां पर दो विधि से किया जाता है। पहला पैरीमीटà¥à¤°à¤¿à¤• व दूसरा ओसिटी मशीन से होता है। इसके इलाज में हासà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² में मातà¥à¤° 100 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ खरचा आता है।
गà¥à¤²à¥‚कोमा से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ कà¥à¤› तथà¥à¤¯
- दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में 10 में से 1 आदमी गà¥à¤²à¥‚कोमा से पीड़ित है। दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में करीब साढ़े छह करोड़ लोगों को गà¥à¤²à¥‚कोमा है।
- à¤à¤¾à¤°à¤¤ में à¤à¤• करोड़ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोगों को गà¥à¤²à¥‚कोमा है। इनमें से करीब 10 लाख लोग अंधेपन का शिकार हो चà¥à¤•े हैं।
- à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अंधेपन के 100 में से 12 केस गà¥à¤²à¥‚कोमा की वजह से हैं।
पीजीआई में कà¥à¤¯à¤¾ है इलाज
पीजीआई में विशेष तौर पर à¤à¤• आईकेयर सेंटर बनाया गया है, जो à¤à¤¾à¤°à¤¤ में आई के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में विशेष जगह रखता है। यहां पर हर महीने 1200 मरीज हरियाणा, पंजाब, जमà¥à¤®à¥‚ कशà¥à¤®à¥€à¤°, हिमाचल, चंडीगढ़, उतà¥à¤¤à¤°à¤¾à¤–ंड, पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ यूपी और राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ से आते हैं। यहां पर पहले ओपीडी में रजिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ करवाना होता है और उसके बाद गà¥à¤²à¥‚कोमा के कà¥à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤• में à¤à¥‡à¤œà¥‡ जाते हैं। छह दिन गà¥à¤²à¥‚कोमा के लिठसà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤² कà¥à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤• चलते हैं। अब तक 25 हजार मरीज रजिसà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¡ हो चà¥à¤•े हैं।
पीजीआई में इन चरणों में इलाज
1. दवाइयों से आंखों का पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कम करते हैं।
2. फिर लेजर से इलाज किया जाता है।
3. यदि फिर à¤à¥€ दिकà¥à¤•त आती है तो सरà¥à¤œà¤°à¥€ करते हैं।
(पीजीआई व जीà¤à¤®à¤¸à¥€à¤à¤š 32 में गà¥à¤²à¥‚कोमा के इलाज का खरà¥à¤šà¤¾ बहà¥à¤¤ ही कम है।)
मरीजों व चिकितà¥à¤¸à¤•ों के लिठबनाया गà¥à¤°à¥à¤ª
पीजीआई के पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° डाकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤¸à¤à¤¸ पांडव ने गà¥à¤²à¥‚कोमा के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ जागरूकता फैलाने के लिठà¤à¤• गà¥à¤²à¥‚कोमा सपोरà¥à¤Ÿ गà¥à¤°à¥à¤ª बनाया है। इसमें डाकà¥à¤Ÿà¤°, मरीज व उनके रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° शामिल हैं, जो समय-समय पर लोगों को जागरूक करते रहते हैं।
पीजीआई के डाकà¥à¤Ÿà¤° इस गà¥à¤°à¥à¤ª को समय-समय पर अपडेट करता रहता है। नारà¥à¤¥ रीजन के à¤à¤• डाकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ का à¤à¥€ गà¥à¤°à¥à¤ª बनाया गया है। इसमें पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, उतà¥à¤¤à¤°à¤¾à¤–ंड के डाकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ को समय-समय पर गà¥à¤²à¥‚कोमा के बारे में अपडेट किया जाता है।
गà¥à¤°à¥à¤ª ने à¤à¤• हेलà¥à¤ªà¤²à¤¾à¤‡à¤¨ नंबर à¤à¥€ बनाया हà¥à¤† है। 09780662545 नंबर पर कॉल कर गà¥à¤²à¥‚कोमा संबंधी जानकारी ले सकते हैं। हालांकि यह नंबर मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से गà¥à¤²à¥‚कोमा के मरीज के लिठबनाया गया है।
काला मोतिया (गà¥à¤²à¥‚कोमा) व सफेद मोतिया (मोतियाबिंद)में अंतर
दोनों में काफी अंतर है। काला मोतिया (गà¥à¤²à¥‚कोमा) में यदि रोशनी चली जाठतो वह फिर वापस नहीं आ सकती। इसका कोई à¤à¥€ इलाज उपलबà¥à¤§ नहीं है, जबकि सफेद मोतिया (मोतियाबिंद) में रोशनी वापस आ सकती है। इसका आसान सा इलाज मौजूद है। यह मरà¥à¤œ उमà¥à¤° बढ़ने के साथ होता है। 60 वरà¥à¤· के बाद अकà¥à¤¸à¤° लोगों में होता है।
जीà¤à¤®à¤¸à¥€à¤à¤š 16 कà¥à¤¯à¤¾ है इलाज
जीà¤à¤®à¤¸à¥€à¤à¤š 16 में गà¥à¤²à¥‚कोमा के लिठहफà¥à¤¤à¥‡ में à¤à¤• बार सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤² कà¥à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤• आयोजित किया जाता है। यह कà¥à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤• बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° को सà¥à¤¬à¤¹ 12 बजे से दो बजे तक चलता है।
कà¥à¤¯à¤¾ कहते हैं डॉकà¥à¤Ÿà¤°
डाकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤¸à¤à¤¸ पांडव, पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° व गà¥à¤²à¥‚कोमा विशेषजà¥à¤ž पीजीआई (à¤à¤ˆà¤¸à¥€)
गà¥à¤²à¥‚कोमा बहà¥à¤¤ ही गंà¤à¥€à¤° बीमारी है। जागरूकता की कमी के कारण यह लोगों को बहà¥à¤¤ तेजी से शिकार बना रहा है। इस बारे में बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अवेयरनेस की जरूरत है। मैं तो यही कहूंगा कि इसका जितनी जलà¥à¤¦à¥€ इलाज, उसका उतना जलà¥à¤¦à¥€ निदान है।
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