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सà¥à¤ªà¤° फूड है आंवला, कम ही लोग जानते हैं इसके ये गà¥à¤£ और उपयोग की विधि
अपने शरीर की पà¥à¤°à¤•ृति जानकर, उसकी जरूरत के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आंवला पाउडर का सेवन करें. इससे आपको अधिक लाठमिलेगा और आप हमेशा सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहेंगे. यहां जानें कि आपको आंवला चूरà¥à¤£ शहद के साथ खानी चाहिठया फिर घी के साथ.
आंवला à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ फूड है, जिसका फल और सबà¥à¤œà¥€ दोनों के रूप में उपयोग किया जाता है. फल और सबà¥à¤œà¥€ के अलावा आंवला à¤à¤• बहà¥à¤¤ कारगर औषधि है. आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में आंवला कई सामानà¥à¤¯ से लेकर गंà¤à¥€à¤° रोगों के उपचार में उपयोग किया जाता है. वात, पितà¥à¤¤ या कफ पà¥à¤°à¤•ृति के रोगों को ठीक करने के लिठआप आंवला चूरà¥à¤£ का किस तरह से उपयोग कर सकते हैं,
वात पà¥à¤°à¤•ृति के रोगों के लिà¤
वात पà¥à¤°à¤•ृति (Vata Dosha) के रोग यानी वे रोग जो मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से शरीर में दरà¥à¤¦ की वजह बनते हैं. यदि आपको वात संबंधी किसी à¤à¥€ रोग की समसà¥à¤¯à¤¾ रहती है तो आप हर दिन 5 गà¥à¤°à¤¾à¤® आंवला चूरà¥à¤£ को तिल के तेल में मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं. इस मिकà¥à¤¸ को आप खाना खाने के पहले या फिर खाना खाने के बाद ले सकते हैं.
पितà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤•ृति के रोगों के लिà¤
जब शरीर में पितà¥à¤¤ (Pitta Dosha) की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक बढ़ जाती है तो पेट और पाचन संबंधी रोगों की समसà¥à¤¯à¤¾ अधिक होती है. जैसे, à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ (Acidity), अपच (Low Digestion), कबà¥à¤œ (Constipation), सिर दरà¥à¤¦, खटà¥à¤Ÿà¥€ डकारें आना इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ बीमारियों की वजह शरीर में बढ़ा हà¥à¤† पितà¥à¤¤ होता है.
इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं पर कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने के लिठआफ 5 गà¥à¤°à¤¾à¤® आंवला पाउडर को घी के साथ मिलाकर खाना खाने के बाद इसका सेवन करें. कोई à¤à¥€ दवाई खाना खाने के बाद लेने की सलाह दी जाती है तो इसका अरà¥à¤¥ यह बिलà¥à¤•à¥à¤² नहीं होता है कि खाना खाते ही आप दवाई खा लें. कम से कम 20 से 25 मिनट का गैप देकर दवाई का सेवन करना चाहिà¤.
कफ के कारण होने वाले रोगों में
जब शरीर में कफ की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ जाती है तो शरीर हमेशा सà¥à¤¸à¥à¤¤ रहता है, नींद आने की समसà¥à¤¯à¤¾ या आलस रहता है. पसीने में बहà¥à¤¤ चिपचिपाहट होती है, खांसी और सांस लेने में तकलीफ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है. डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ हो सकता है. इन सà¤à¥€ रोगों से बचाव के लिठआप आंवला पाउडर को शहद के साथ मिलाकर खाà¤à¤‚. इसका सेवन आप à¤à¥‹à¤œà¤¨ से पहले या à¤à¥‹à¤œà¤¨ के बाद कर सकते हैं.
आंवले की खूबियां
आंवले का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ शà¥à¤°à¥‚ में बहà¥à¤¤ खटà¥à¤Ÿà¤¾ लगता है लेकिन इसे चबाकर खाने के बाद मà¥à¤‚ह का टेसà¥à¤Ÿ मीठा हो जाता है.
आंवला शरीर में पितà¥à¤¤ की मातà¥à¤°à¤¾ को घटाने का काम करता है.
आंवला शरीर में शीतलता बढ़ाता है और गरà¥à¤®à¥€ के असर को शांत करता है.
आंवला पेट के रोगों के साथ ही तà¥à¤µà¤šà¤¾ के रोगों को दूर करने में à¤à¥€ बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ औषधि है.
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