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पेट हमारे शरीर का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अंग है। इसमें हलà¥à¤•ी-सी à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾, हमारे पूरे जीवन शैली को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने लगती है। इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में से à¤à¤• है अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस, जिसे आम à¤à¤¾à¤·à¤¾ में आंतों में सूजन कहा जाता है। सà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤²à¤•à¥à¤°à¥‡à¤œ के इस लेख में हम इसी बीमारी के बारे में जानकारी लेकर आठहैं। यहां हम आंतों में सूजन के कारण, लकà¥à¤·à¤£ और इलाज के बारे में बताने के साथ-साथ आंतों की सूजन का घरेलू उपचार à¤à¥€ बताने वाले हैं।
अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस कà¥à¤¯à¤¾ है? – What is Ulcerative Colitis in Hindi
अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस, आंतों से संबंधित à¤à¤• बीमारी है जो, बड़ी आंत व मलाशय में सूजन और घाव के कारण होती है, जिसे अलà¥à¤¸à¤° कहा जाता है। यह बीमारी इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ बाउल डिजीज यानी ये सूजन आंतà¥à¤° रोग के समूह में से à¤à¤• है। वैसे तो अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस की समसà¥à¤¯à¤¾ किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° में हो सकती है, लेकिन सामानà¥à¤¯ तौर पर 15 से 30 साल की उमà¥à¤° के बीच में इसके होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है। कई बार तो यह समसà¥à¤¯à¤¾ आनà¥à¤µà¤‚शिक à¤à¥€ हो सकती है (1)। लेख में आगे हमने इसके कारण और लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से चरà¥à¤šà¤¾ की है।
अब बारी है आंतों में सूजन के कारण जानने की।
आंतों में सूजन के कारण – Causes of Ulcerative Colitis in Hindi
अगर बात करें अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस के कारण की, तो बता दें कि फिलहाल अà¤à¥€ इसके सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस की समसà¥à¤¯à¤¾ को बढ़ाने में निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित कारक à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾ सकते हैं, जिसके बारे में हम नीचे विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ रूप से जानकारी दे रहे हैं (2) :
आनà¥à¤µà¤‚शिक: कई बार आंतों की सूजन का कारण आनà¥à¤µà¤‚शिक à¤à¥€ हो सकता है। शोध की मानें तो कà¥à¤› हद तक जीन à¤à¥€ अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस के होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढ़ा सकते हैं।
असामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾: कà¥à¤› मामलों में इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® की असामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस की समसà¥à¤¯à¤¾ को बढ़ाने में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾ सकती हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे बड़ी आंत में सूजन आ सकती है।
माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤®: माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤® उन बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, वायरस और फंगी को कहा जाता है, जो पाचन तंतà¥à¤° में मौजूद होकर पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में मदद करते हैं। à¤à¤• शोध की मानें तो सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ व अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस से पीड़ित लोगों केमाइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤® में अंतर पाया गया। à¤à¤¸à¥‡ में माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤® को à¤à¥€ पेट की आंतों में सूजन आने की समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° माना जा सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अà¤à¥€ और शोध किठजाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
वातावरण: विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना ​​है कि किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का परिवेश और बाहरी कारक à¤à¥€ अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस की समसà¥à¤¯à¤¾ को जनà¥à¤® देने में अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾ सकते हैं।
आंतों में सूजन के कारण जानने के बाद जानेंगे अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में।
अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस के लकà¥à¤·à¤£ – Symptoms of Ulcerative Colitis in Hindi
आंत में सूजन के लकà¥à¤·à¤£ हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में अलग-अलग हो सकते हैं। नीचे हम कà¥à¤°à¤®à¤µà¤¾à¤° तरीके से अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस के सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में बता रहे हैं, जो इस पà¥à¤°à¤•ार हैं (2):
दसà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾
मल या मलाशय से खून आना
पेट में à¤à¤‚ठन और दरà¥à¤¦
मल के साथ मवाद आना
आंत खाली होने पर à¤à¥€ बार-बार मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— की इचà¥à¤›à¤¾ महसूस करना
मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करने की ततà¥à¤•ाल आवशà¥à¤¯à¤•ता
बता दें कि आंतों में सूजन के गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में à¤à¤• दिन में 6 से अधिक बार मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करना और अधिकांश समय मल के साथ खून निकलना शामिल हो सकता है। वहीं, अधिक गंà¤à¥€à¤° मामलों में à¤à¤• दिन में 10 से अधिक बार खूनी मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— हो सकता है। इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के अलावा, अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस के कà¥à¤› अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ हैं, जो इस समसà¥à¤¯à¤¾ के अधिक गंà¤à¥€à¤° होने पर दिखाई दे सकते हैं (2):
थकान महसूस होना
बà¥à¤–ार आना
मतली या उलà¥à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾
वजन घटना
अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस के जोखिम कारक कà¥à¤¯à¤¾ होते हैं।
अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस के जोखिम कारक – Risk Factors of Ulcerative Colitis in Hindi
अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस के निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित जोखिम कारक कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं (3) :
पारिवारिक इतिहास: अगर परिवार में किसी सदसà¥à¤¯ को आंतों में सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾ है, तो à¤à¤¸à¥‡ में इस समसà¥à¤¯à¤¾ के होने का जोखिम 4 गà¥à¤¨à¤¾ अधिक बढ़ जाता है।
परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ: अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस की समसà¥à¤¯à¤¾ को बढ़ाने में परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ कारक à¤à¥€ जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° माना गया है।
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨: सिगरेट या धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ à¤à¥€ आंतों में सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾ को बढ़ाने में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾ सकते हैं।
दवाइयों का सेवन: इसके अलावा कई तरह की दवाà¤à¤‚, जैसे- गरà¥à¤ निरोधक, हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ रिपà¥à¤²à¥‡à¤¸à¤®à¥‡à¤‚ट थेरेपी या नॉन-सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¾à¤¯à¤¡à¤² और à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ दवाà¤à¤‚ à¤à¥€ अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस के जोखिम कारक माने जाते हैं।
अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस का निदान- Diagnosis of Ulcerative Colitis in Hindi
आंतों में सूजन का निदान कई पà¥à¤°à¤•ार से किया जा सकता है। नीचे हम कà¥à¤°à¤®à¤µà¤¾à¤° तरीके से अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस का निदान बता रहे हैं (4):
मेडिकल हिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€: इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° मरीज से उस समसà¥à¤¯à¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ और अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के बारे में पूछ सकता है। इसके अलावा, डॉकà¥à¤Ÿà¤° जीवनशैली से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ सवाल जैसे धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करते हैं या नहीं, किस तरह के खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करते हैं आदि पूछ सकता है।
शारीरिक परीकà¥à¤·à¤£ : इसमें डॉकà¥à¤Ÿà¤° आंतों की सूजन के सटीक कारणों को जानने के लिठरकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª की समसà¥à¤¯à¤¾, हृदय गति व तापमान की जांच कर सकता है। इसके अलावा, पेट के à¤à¥€à¤¤à¤° की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जानने के लिठसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¥à¥‹à¤¸à¥à¤•ोप का उपयोग à¤à¥€ किया जा सकता है।
डिजिटल रेकà¥à¤Ÿà¤² टेसà¥à¤Ÿ: इन सबके अलावा, चिकितà¥à¤¸à¤• मल में रकà¥à¤¤ की जांच के लिठडिजिटल रेकà¥à¤Ÿà¤² टेसà¥à¤Ÿ की à¤à¥€ सलाह दे सकता है। इसमें डॉकà¥à¤Ÿà¤° गà¥à¤²à¤µà¥à¤¸ पहनकर गà¥à¤¦à¤¾ में उंगली डालकर असमानता का पता लगाते हैं।
बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ : इसके माधà¥à¤¯à¤® से डॉकà¥à¤Ÿà¤° अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ और à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जटिलताओं के बारे में पता लगा सकता है। यही नहीं बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ के माधà¥à¤¯à¤® से संकà¥à¤°à¤®à¤£ या अनà¥à¤¯ पाचन रोगों की à¤à¥€ जानकारी मिल सकती है।
सà¥à¤Ÿà¥‚ल टेसà¥à¤Ÿ : आंतों में सूजन के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की जांच के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° मल परीकà¥à¤·à¤£ का à¤à¥€ उपयोग कर सकते हैं। इसके जरिठसंकà¥à¤°à¤®à¤£ का पता लगाया जा सकता है, जो अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का कारण हो सकता है।
à¤à¤‚डोसà¥à¤•ोपी टेसà¥à¤Ÿ : à¤à¤‚डोसà¥à¤•ोपी का उपयोग करके डॉकà¥à¤Ÿà¤° यह पता लगा सकते हैं कि अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस की समसà¥à¤¯à¤¾ कितनी गंà¤à¥€à¤° है और बड़ी आंत इस समसà¥à¤¯à¤¾ से कितनी पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हà¥à¤ˆ है। इसमें कैमरा लगे à¤à¤• उपकरण की मदद से शरीर के अंदरूनी अंगों को देखा जाता है।
आंतों में सूजन से निदान के बाद चलिठजानते हैं आंतों की सूजन का इलाज कैसे किया जाता है।
अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस का इलाज – Treatment of Ulcerative Colitis in Hindi
आंतों की सूजन का इलाज इस बात पर निरà¥à¤à¤° करता है कि वह कितना गंà¤à¥€à¤° है। इसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही डॉकà¥à¤Ÿà¤° दवाओं और सरà¥à¤œà¤°à¥€ की सलाह दे सकते हैं। यह पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठअलग हो सकता है। चलिठजानते हैं अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट किस-किस पà¥à¤°à¤•ार से की जा सकती है (5):
दवाइयां : आंतों की सूजन का इलाज करने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤› दवाइयों के सेवन की सलाह दे सकते हैं। ये दवाइयां बड़ी आंत की सूजन को कम करने करने के साथ-साथ अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम करने में मददगार साबित हो सकती हैं।
सरà¥à¤œà¤°à¥€ : समसà¥à¤¯à¤¾ की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ के आधार पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤› खास पà¥à¤°à¤•ार की सरà¥à¤œà¤°à¥€, जैसे इलियोअनल रिसरà¥à¤µà¤° सरà¥à¤œà¤°à¥€ या इलियोसà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ की सलाह दे सकते हैं।
इलियोअनल रिसरà¥à¤µà¤° सरà¥à¤œà¤°à¥€ : इस सरà¥à¤œà¤°à¥€ में सरà¥à¤œà¤¨ छोटी आंत के अंतिम à¤à¤¾à¤— से à¤à¤• आंतरिक थैली बनाते हैं, जिसे इलियम कहा जाता है। फिर उस थैली को गà¥à¤¦à¤¾ से जोड़ा जाता है। इसके लिठअकà¥à¤¸à¤° दो या तीन ऑपरेशन की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। ऑपरेशन के बाद मल आंतरिक थैली में जमा होने लगता है और मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— के दौरान वह गà¥à¤¦à¤¾ से होकर निकलता है।
इलियोसà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ : इसमें सरà¥à¤œà¤¨ इलियम को पेट के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ à¤à¤¾à¤— के साथ जोड़ते हैं, जिसे सà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¤¾ कहा जाता है। इलियोसà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के बाद मल सà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¤¾ से होकर गà¥à¤œà¤°à¤¤à¤¾ है। इसके लिठमरीज को ऑसà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ पाउच के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है, जिसमें मल को à¤à¤•तà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जाता है।
इन सबके अलावा, अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस के लकà¥à¤·à¤£ या जटिलताओं को कम करने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° अनà¥à¤¯ उपचारों की à¤à¥€ सिफारिश कर सकते हैं। हालांकि, इन दवाओं के सेवन से पहले à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह लेना जरूरी है। अब जानें कà¥à¤› अनà¥à¤¯ अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट :
हलà¥à¤•े दरà¥à¤¦ का इलाज करने के लिठकà¥à¤› दवाओं के सेवन की सलाह दी जा सकती है।
हडà¥à¤¡à¥€ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बनाठरखने के लिठकैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और विटामिन-डी की खà¥à¤°à¤¾à¤• दी जा सकती है।
अगर गंà¤à¥€à¤° अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस के कारण संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा है, तो à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ की सिफारिश की जा सकती है।
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से बचने के लिठबà¥à¤²à¤¡ टà¥à¤°à¤¾à¤‚सफà¥à¤¯à¥‚जन जिसे आम à¤à¤¾à¤·à¤¾ में खून चà¥à¤¾à¤¨à¤¾ कहते हैं, इसकी सलाह दे सकते हैं।
निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण को रोकने और उसका इलाज करने के लिठतरल पदारà¥à¤¥ और इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥à¤¸ के सेवन की सलाह दी जा सकती है।
आंतों की सूजन का इलाज जानने के बाद अब बारी है आंतों में सूजन के उपाय की।
आंतों में सूजन से बचने के उपाय – Prevention Tips for Ulcerative Colitis in Hindi
आंतों में सूजन का इलाज बताने के बाद यहां हम आंतों में सूजन से बचने के उपाय बता रहे हैं, जो इस पà¥à¤°à¤•ार हैं (1) (6):
दिन à¤à¤° में थोड़ी-थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¥‹à¤œà¤¨ करें।
शरीर को डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ होने से बचाà¤à¤‚, जिसके लिठखूब पानी पिà¤à¤‚।
उचà¥à¤š फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ के सेवन से बचें। यह उसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को और खराब कर सकता है।
à¤à¤¸à¥‡ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के सेवन से बचें, जो गैस का कारण बनते हैं, जैसे बीनà¥à¤¸, मसालेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨, गोà¤à¥€, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, फूलगोà¤à¥€, कचà¥à¤šà¥‡ फलों का रस और फल (खासकर खटà¥à¤Ÿà¥‡ फल)।
इसके अलावा, शराब और कैफीन से à¤à¥€ परहेज करें। यह दसà¥à¤¤ को बदतर बना सकते हैं।
वसायà¥à¤•à¥à¤¤, चिकना या तले हà¥à¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ या सॉस के सेवन से बचें।
यदि लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤œ इंटॉलरेंस की समसà¥à¤¯à¤¾ है, तो दूध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ को सीमित करें।
तनाव इस समसà¥à¤¯à¤¾ को बढ़ावा दे सकता है, à¤à¤¸à¥‡ में तनाव मà¥à¤•à¥à¤¤ रहने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
आज के समय में अपने सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को लेकर अधिक सतरà¥à¤• रहने की जरूरत है। इस लेख में हमने अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस के लकà¥à¤·à¤£ व कारण बताने के साथ-साथ अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस का इलाज à¤à¥€ बताया है। इसके अलावा, यहां आंतों में सूजन से बचने के उपाय हमने बताठहैं। à¤à¤¸à¥‡ में अगर आंतों की सूजन से संबंधित à¤à¤• à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ दिखे, तो बिना देर किठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें, तà¤à¥€ इस समसà¥à¤¯à¤¾ से बचा जा सकता है।
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