Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
आंतों से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बड़ी बीमारी का संकेत है इस तरह का पेट दरà¥à¤¦, जानें आंतों की सही देखà¤à¤¾à¤² के 5 तरीके
आंतें हमारे शरीर का à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही नाजà¥à¤• और महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अंग है। आंते दो तरह की होती है छोटी आंत और बड़ी आंत। दोनों की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤à¤‚ और कारà¥à¤¯ à¤à¤•दम अलग है। हम जो à¤à¥€ खाते हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पचाने का काम आंते ही करती हैं। ये हमारे दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ खाठà¤à¥‹à¤œà¤¨ में से सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• चीजें निकालती हैं और विषाकà¥â€à¤¤ पदारà¥à¤¥ को बाहर करती हैं। जब आंतों अपना काम ठीक तरह से नहीं कर पाती हैं तो कबà¥à¤œ समेत कई रोगों का जनà¥à¤® होने लगता है।
आंतें हमारे शरीर का à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही नाजà¥à¤• और महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अंग है। आंते दो तरह की होती है छोटी आंत और बड़ी आंत। दोनों की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤à¤‚ और कारà¥à¤¯ à¤à¤•दम अलग है। हम जो à¤à¥€ खाते हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पचाने का काम आंते ही करती हैं। ये हमारे दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ खाठà¤à¥‹à¤œà¤¨ में से सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• चीजें निकालती हैं और विषाकà¥â€à¤¤ पदारà¥à¤¥ को बाहर करती हैं। जब आंतों अपना काम ठीक तरह से नहीं कर पाती हैं तो कबà¥à¤œ समेत कई रोगों का जनà¥à¤® होने लगता है। हम जो खाते हैं उसमें मौजूद पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को अवशोषित करने का काम आंतों का ही होता है। बड़ी आंत में पानी अवशोषित होता है और छोटी आंत में मिनरल, विटामिन और दूसरे ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ का अवशोषण करती है। à¤à¤¸à¥‡ में आप समठही गठहोंगे कि आंतों का सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहना कितना जरूरी है। जब à¤à¥€ पेट में दरà¥à¤¦ होता है तो अमूमन इसका कारण गलत खानपान को समà¤à¤¾ जाता है। लेकिन हर बार à¤à¤¸à¤¾ नहीं होता है। कई बार पेट में दरà¥à¤¦ और शरीर में दिखने वाले खतरनाक संकेत आंतों में गड़बड़ी का कारण हो सकते हैं। जब आंतों में गड़बड़ी होती है तो निमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के लकà¥à¤·à¤£ दिखते हैं:
आंतों में गड़बड़ी के लकà¥à¤·à¤£
1 महीने तब कबà¥à¤œ रहना
मल तà¥à¤¯à¤¾à¤—ने में पेट और à¤à¤¨à¤¸ में दद होना
पेट में बà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग और à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ महसूस होना
बैचेनी, पेट में जलन, दरà¥à¤¦ और मरोड़ महसूस होना
हर दूसरे दिन गैस होना और पेट के बीचोंबीच दरà¥à¤¦ होना
मल के साथ खून आना
तेजी से वजन घटना
मà¥à¤‚ह और शरीर से दà¥à¤°à¥à¤—ंध आना
à¤à¥‚ख की कमी
आंतों की देखà¤à¤¾à¤² के तरीके
1. लीन मीट हमारी आंतों के लिठबहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ माना जाता है। यह आंतों को हेलà¥à¤¦à¥€ और दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ रखता है। लीन मीट में कई तरह के पोषक ततà¥à¤µ होते हैं जो आंतों को अचà¥à¤›à¥€ तरह से काम करने में मदद करते हैं। लीन मीट के रूप में मछली का सेवन किया जा सकता है। इसमें à¤à¤¾à¤°à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, विटामिन और अनà¥à¤¯ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ तो होते ही हैं साथ ही यह पचाने में à¤à¥€ आसान होता है।
2. जब आंते हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रहती हैं तो वह अपना काम ठीक तरह से करती हैं। इसलिठनियमित रूप से 8 से 10 गà¥à¤²à¤¾à¤¸ पानी जरूर पीà¤à¤‚। यदि आप अपनी आंतों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठफाइबर लेते हैं तो उसके साथ à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पानी जरूर पीà¤à¤‚।
3. आंतों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¥‰à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥â€à¤¸ अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। ये आंतों को संकà¥à¤°à¤®à¤£ और रोगों से बचाने के साथ ही अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस जैसी बीमारियों को à¤à¥€ दूर रखते हैं। पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¥‰à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ के लिठआप जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का सेवन कर सकते हैं।
4. फाइबर हमारी सेहत के लिठबहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ होता है। यह खाने को आसानी से बचाने में मदद करता है और कबà¥à¤œ समेत अनà¥à¤¯ पाचन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को दूर करता है। फाइबर के लिठआप जूस के बजाय फलों को सीधा खाà¤à¤‚। इसके अलावा अपनी डाइट में सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, अनाज और नटà¥à¤¸ को à¤à¥€ शामिल करें।
5. नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® पर आपका शरीर न सिरà¥à¤« à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रहता है बलà¥à¤•ि आपकी आंतें à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहती हैं। नियमित वà¥â€à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और योग करने से पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¾ à¤à¥€ दà¥à¤°à¥à¤¸à¥â€à¤¤ होती है। हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को नियमित से 30-40 मिनट तक वà¥â€à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना चाहिà¤à¥¤
| --------------------------- | --------------------------- |