Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
आ‌वाज़ में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ से हैं परेशान तो बस अपनाà¤à¤‚ ये आसान तरीके
आवाज वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ की पहचान होती है। तà¤à¥€ तो हम सà¤à¥€ चाहते हैं कि आवाज मीठी, मधà¥à¤° और सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ हो। यदि आप à¤à¤¸à¥‡ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¶à¤¨ में हैं, जहां आपकी आवाज अहम à¤à¥‚मिका अदा करती है, जैसे टीचर, à¤à¤¡à¤µà¥‹à¤•ेट, सेलà¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤¸à¤¨, गायक आदि तो आपकी आवाज में मधà¥à¤°à¤¤à¤¾ बरकरार रखने के लिठकà¥à¤› बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना बहà¥à¤¤ जरूरी है। आवाज में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ के दो कारण हो सकते हैं। वोकल नोडà¥à¤¯à¥‚लà¥à¤¸ और वोकल पोलिप। वोकल कॉरà¥à¤¡ में होने वाली ये दोनों समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ आवाज खराब कर सकती हैं, उसमें à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ ला सती हैं। वोकल कॉरà¥à¤¡ नोडà¥à¤¯à¥‚लà¥à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में महिलाओं में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देखी जाती है। यह आमतौर पर 20 से 50 वरà¥à¤· की महिलाओं में होती है।
कैसे काम करती है हमारी वोकल कॉरà¥à¤¡
हमारे गले में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ सà¥à¤µà¤°à¤¯à¤‚तà¥à¤° में दो तारनà¥à¤®à¤¾ वोकल कॉरà¥à¤¡ होते हैं, जिनके आपस में मिलने से आवाज पैदा होती है। इनके सही कारà¥à¤¯ करने से ही आवाज में मधà¥à¤°à¤¤à¤¾ आती है। ये नाजà¥à¤• संरचना है जो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बेरà¥à¤–ी सहन नहीं कर पाती। लगातार और तेज बोलने से इनमें सूजन आ सकती है और वोकल नोडà¥à¤¯à¥‚ल बन सकते है। जिससे आवाज खराब हो जाती है।
कà¥à¤¯à¤¾ है वोकल नोडà¥à¤¯à¥‚ल और पोलिप
ये वोकल कोरà¥à¤¡ पर बनने वाले छोटे-छोटे दाने जैसे होते हैं, जो इसके अगले और मधà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤— के जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ बिंदॠपर पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤ƒ दोनों तरफ बनते हैं। नई या पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ के रूप में किशोरों और महिलाओं में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होते हैं। विशेषकर à¤à¤¸à¥‡ पेशे में जहां लगातार और तेज बोलने की जरूरत पड़ती है। जैसे टीचरà¥à¤¸à¥¤ इसलिठइनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ टीचरà¥à¤¸ नोडयूल à¤à¥€ कहते हैं। आवाज में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ का अनà¥à¤¯ कारण वोकल पोलिप à¤à¥€ हो सकता है। इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में आवाज में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ के साथ-साथ बोलने में दरà¥à¤¦, बोलते हà¥à¤ आवाज में जलà¥à¤¦à¥€ थकान महसूस होना या बीच-बीच में आवाज का फटना, गले में चà¥à¤à¤¨ और असहज लगना जैसे लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ हो सकते हैं।
इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से à¤à¤¸à¥‡ बचें
वोकल हाइजीन से जà¥à¥œà¥€ कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ अचà¥à¤›à¥€ आदतें हैं, जो आवाज की मधà¥à¤°à¤¤à¤¾ बनाठरखने में सकारातà¥à¤®à¤• à¤à¥‚मिका अदा करती है। लंबे समय तक लगातार बोलने से बचें और चिलà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚ नहीं। अगर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बोलने का काम है तो बीच-बीच कà¥à¤› घूंट पानी पीते रहें। अनावशà¥à¤¯à¤• गले को खांस-खांसकर साफ करने की आदत से à¤à¥€ बचना चाहिà¤à¥¤ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पानी पीà¤à¤‚। संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ और संयमित खानपान रखें। पेट का à¤à¤¸à¤¿à¤¡ रिफà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ à¤à¥€ गले में पहà¥à¤‚चकर वोकलकाॅरà¥à¤¡ को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है। इसलिठà¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ का खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना à¤à¥€ जरूरी है। जब बहà¥à¤¤ सारे लोगों को संबोधित करना है, तो बेहतर यह है कि आप माइक का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— जरूर करें। यदि बैकगà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤‚ड में कोई तेज शोर हो रहा है तो अपनी बात पहà¥à¤‚चाने के लिठउसका मà¥à¤•ाबला न करें। कैफीन यà¥à¤•à¥à¤¤ पदारà¥à¤¥ जैसे चाय काॅफी और कोला आदि का जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन à¤à¥€ वोकल नोडà¥à¤¯à¥‚लà¥à¤¸ और पोलिप की आशंका बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ है। à¤à¤¾à¤ª का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— à¤à¥€ इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में लाà¤à¤•ारी है। सà¥à¤ªà¥€à¤š थैरेपी से उचित ढंग से बोलने का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ à¤à¥€ कराया जाता है। समसà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने पर कई बार नोडयूलà¥à¤¸ को माइकà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‡à¤°à¤¿à¤‚जियल सरà¥à¤œà¤°à¥€ से हटाया जाता है।
| --------------------------- | --------------------------- |