आवाज साफ कैसे निकाले?HealthPlanet

Posted on Fri 23rd Dec 2022 : 12:32

आवाज़ (Voice) हर इंसान की व्यक्तित्व की पहचान होती हैं। मधुर आवाज खुद-ब-खुद आपको खींच लेती है अपनी ओर. आप चाहकर भी उससे अपना ध्यान नहीं हटा पाते। आपकी नजरें उस आवाज के मालिक को तलाशने लगती हैं। चाह होती है, तो बस उसके दीदार की, जिसने आपके कदमों को बांध लिया है किसी मीठी जंजीर की तरह। कई ऐसे अभिनेता, अभिनेत्री, जिनके आवाज़ आपके दिलो बसी होगी, आप उसे पसंद करते होंगे। इसलिए देखा गया है कि इस क्षेत्र से जुड़े लोग अपनी आवाज को मधुर और सुरीली बनाने के लिए कई-कई घंटे तक रियाज करते हैं। यही नहीं वह इस बात का भी खयाल रखते हैं कि कौन सी चीजें खानी चाहिए कौन सी चीजें नहीं ताकि गले को कोई नुकसान पहुंच न सके। किसी सिंगर के लिए आवाज कितना महत्व रखता है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि संगीत की दुनिया से जुड़े कई सिंगर ने अपने गले की बीमा तक करवा रखी है।

मीठी, स्पष्ट, और सुरीली आवाज़ सभी लोग चाहते हैं सभी चाहते हैं की उसकी आवाज़ मे वोर्कशपान या बेसूरापन ना हो, लेकिन सभी को ये नसीब नही होता हैं। कुदरत की इस नायाब नियामत को बनाये रखना आपकी जि‍म्मेजदारी है। अगर आप आवाज के सहारे अपना करियर बनाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए इसकी रखवाली करना और भी जरूरी हो जाता है और कहीं अगर आप ऐसा नहीं भी चाहते, फिर भी आपका फर्ज है कि अपनी आवाज का पूरा खयाल रखें। मैं आपको कुछ ऐसे घरेलू उपाय बता रहा हूँ जिसके सहारे आप अपनी आवाज़, को स्पष्ट और सुरीली बना सकते है।
इन तरीक़ो से अपने आवाज़ का ख्याल रखे – Ways to Improve Singing Voice in Hindi

धूल एवं धूलयुक्त वातावरण से हमेशा बचें, धूम्रपान न करें। यदि मंच पर धुआं हो तो वेंटीलेशन सिस्टम या धुआं अवशोषित करने वाला मशीन लगाएं।

सांस की कोई भी तकलीफ या साइनस होने पर डॉक्टर को जरूर दिखाएं। सांस की लय पर ही तो थिरकती है अच्छी आवाज. अगर आपकी चाहत है कि आपकी आवाज का अंदाज सही रहे, तो अपनी सांसों की आवाजाही को भी सामान्य रखिए।

आवाज को सही तरीका से रखने के लिए मुंह से श्वास ना लें, और तेज पंखे के सीधे नीचे या सामने कभी ना सोएं।

धूल, मिट्टी से बचें. खासकर, नाक की एलर्जी से ग्रसित लोग धूल, धुएं, माइट्स, फफू़द आदि से बचने की कोशिश करें। बार-बार गला साफ करने की आदत ना डालें। समस्या होने पर उपयुक्त इलाज करवाएं।

शारीरिक एवं मानसिक दोनों ही तनाव आवाज को दुष्प्रभावित करते हैं। किसी भी कार्यक्रम प्रस्तुति से पहले पूरी नींद, आराम एवं रिहर्सल जरूर करें। खासकर लंबी हवाई यात्रा के बाद थकान को दूर करना चाहिए। योगा और मॉर्निग वॉक नियमित रूप से करे।

गायन, भजन, व्याख्यान एवं बातचीत के दौरान गला न सूखने दें। बीच-बीच में पानी के घूंट पिएं। हल्का, गुनगुना, शहदयुक्त पानी कार्यक्रम के दौरान निरंतर पीते रहें। एक ही समय पर लगातार 45 मिनट से ज्यादा आवाज का प्रयोग न करें।

अगर आप आवाज की दुनिया से जुड़ हुए है तो कोशिश करें की सादा भोजन ही करें। अधिक मिर्च-मसाले, तेलयुक्त खाना, अधिक चाय, कॉफी, शीतल पेय या शराब ना पिएं। साथ ही भोजन से पहले चॉकलेट, सूखे मेवे आदि ना लें. इसके अलावा पान, पान मसाला, गुटखा, तंबाकू जैसी चीजों से दूर रहें।

अधिक मेकअप, बालों के या फिक्सिंग या अन्य प्रकार के स्प्रे बहुत साधवानी से एवं कम उपयोग में लाएं।

अगर आप कहीं परफॉर्म करने जा रहे हैं तो यह ध्यान दें कि उससे ठीक पहले आप ज्यादा रियाज न करें। इसके अलावा जिस चीज में ज्यादा मीठा हो उसका सेवन कम कीजिए। परफॉर्म करने से पहले तो बिल्कुल ही मत कीजिए। यह आपके गले को खराब कर सकता है।

नियमित रूप से गले की मसाज कीजिए। बाहर से अपने गले की हल्की-हल्की मसाज करें। इसके लिए गले पर हाथ की उंगलियों से नीचे-ऊपर थोड़ा दबाव देकर मसलें। आप गुनगुने पानी से गरारे भी कर सकते हैं।

♦ सुरीली आवाज की चाह रखने वालों को ज्यादा चीखना-चिल्लाना नहीं चाहिए। इससे वोकल कार्ड में खराबी हो जाती है, जिससे उनकी आवाज बदल जाती है। गले की मांस पेशियों में खिंचाव होता है। आवाज पर बहुत बुरा असर होता है।

♦ बहुत ज्यादा चटपटा, मसालेदार और चिकनाईयुक्त भोजन भी गले के लिए नुकसानकारी होता है। इससे पेट में गड़बड़ियां होती हैं और आवाज पर भी असर पड़ता है।

♦ गायिकी के शौकीन लोगों को ठंडा पानी और कोल्ड ड्रिंग्स को तो आज ही भूल जाना चाहिए। ठंडे पानी की जगह गरम पानी एवं कोल्ड ड्रिंग्स की जगह नारियल पानी को ज्यादा से ज्यादा पीना चाहिए। अपने गले को सूखा न रखिए उसे समय-समय पर भीगा करते रहिए।
आवाज़ सुरीली, मधुर, और स्पष्ट बनाने के घरेलू नुस्खे, उपाय (Totke) – Apni Awaz Surili Kaise Kare

आपने ये कहते हुए सुना होगा कि ‘उसकी आवाज शहद की तरह मीठी है। दरअसल शहद का गले और आवाज से बहुत ही गहरा संबंध हैं। जो लोग गायकी के क्षेत्र में हैं वह शहद को हमेशा अपने पास रखते हैं इससे न केवल गले की सभी समस्या दूर होती है बल्कि आवाज भी स्पष्ट और मोहक होती है। इसे गले में बलगम को खत्म करने के लिए शानदार प्राकृतिक दवाई माना जाता है। इसलिए नियमित रूप से गाय के दूध के साथ शहद का सेवन करे।

सुरीली आवाज़ की चाहत हैं तो अनानास का सेवन करे या उसका रस पिया कीजिए ये बहुत ही फ़ायदेमंद हैं।

ग्लिसरीन को गुनगुने पानी में मिलाकर सुबह-शाम गरारे करने से गाना गाने से पहले कभी आपका गला धोखा नहीं देगा।

प्याज को हल्का-सा भून लें, फिर उसे कुचलकर फिटकरी को भूनकर उसके ऊपर बुर-बुराकर चबा-चबाकर खाएं। इससे भी आवाज सुरीली होने लगती है।

दो चम्मच प्याज के रस में शहद मिलाकर सुबह शाम चाटें और उसके एक घंटे तक कुछ भी नहीं खाए और प्याज का रस गरम पानी में मिलाकर पीने से भी गले से सुरीली आवाज निकालती है। आप गुनगुनाते रह जाएंगे।

अगर बदलते मौसम में आवाज बैठ गई है तो दो चम्मच अदरक के रस में एक चम्मच शहद मिलालें और दिन में तीन बार सेवन करें और अदरक का रस गरम पानी में मिलाकर उसके गरारे भी करें। इससे आवाज खुल जाएगी।

दो से अधिक बार खाना (एक समय में भरपेट न खाएं), प्रत्येक बार खान-पान के पश्चात कुल्लें करें, शुद्ध पानी हमेशा साथ रखना, नीबू का रस एवं हर्बल चाय, वातानुकूलित वातावरण, धूल-धुएं से बचना, पेट एवं श्वसन की नियमित कसरत।

♦ गले को साफ रखने के लिए नियमित रूप से पानी का सेवन कीजिए। ज्यादा से ज्यादा पानी पीकर खुद को हाइड्रेट रखें और प्यास बुझाएं।

♦ भोजन के बाद एक ग्राम काली मिर्च के चूर्ण में थोडा़-सा घी डालकर उसे चाटने से भी आवाज सुरीली हो जाती है।

♦ पांच ग्राम मुलेठी, पांच आंवले और 5 मिश्री को एक गिलास पानी में धीमी आंच पर उबालें। जब यह आधा रह जाए तो इस काढ़े का गर्म-गर्म सेवन करें। इससे बैठा हुआ गला खुला जाता है और आवाज फिर सुरीली हो जाती है।

♦ पचास ग्राम मिश्री, 25 ग्राम मुलेठी और 25 ग्राम काली मिर्च लेकर इन तीनों को मिलाकर चूर्ण बनाकर शीशी में रख लें। रोज सुबह और शाम एक छोटे चम्मच में चूर्ण को लेकर शहद में मिलाकर सेवन करने से गला ठीक हो जाता है और आवाज सुरीली बनी रहती है।

♦ खाना खाने के बाद चुटकीभर काली मिर्च को एक चम्मच घी के साथ मिलाकर खाने से बैठी हुई आवाज ठीक हो जाती है।

♦ मूली के 4-5 ग्राम बीज पीसकर उसे गरम पानी के साथ फांके अथवा मूली खाली पेट बिना नमक के चबा-चबाकर खाएं या उसका रस पीए, तो आवाज में जान आ जाएगी।

♦ लहसून की तीन-चार कलियों को सिरके में भिगोकर चबाकर खाने से भी गला सुरीला होता है।

♦ यदि आवाज बहुत फट रही हो तो एक गिलास गरम पानी में 3-4 ताजी लहसून की कलियों का रस मिलाकर पीने से आवाज ठीक हो जाती है।

♦ बीस-बीस ग्राम सौंठ और मिश्री को पीसकर उसे शहद में अच्छी तरह से मिलाकर गोली बना कर रख लें। इसे दिन में कई बार थोड़ी-थोड़ी देर में चूसते रहें। आवाज में सुरीलापन बना रहेगा।

♦ नींबू और शहद के मिश्रण भी गाला साफ रखने में मदद करते हैं। ठंडे पानी में या फिर चाय में नींबू और 1 टीस्‍पून शहद मिला कर पीने से गले में जमा हुआ कफ साफ हो जाता है। इसके साथ ही गले में अगर दर्द है तो वह भी ठीक हो जाता है।
सुरीली आवाज के लिए आयुर्वेदिक दवाईयाँ – Ayurvedic Medicine for Sweet Voice in Hindi

आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन करने से पहले कृपया डॉक्टर की सलाह ले। आवाज साफ करने के लिए आयुर्वेदिक दवाओं में श्रीकारा अमोदिनी गोलियां, व्योषादी वातकम, क्षीरबाला 101 तैलम आदि शामिल हैं।

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wordpress 3 years ago 5 Answer
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