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बचà¥â€à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ में रसौली à¤à¤• गैर-कैंसरकारी टà¥à¤¯à¥‚मर होता है। इसका असर फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ और कंसीव करने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ पर पड़ सकता है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में रसौली को यूटà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ कहा जाता है।
लगà¤à¤— 20 से 80 फीसदी महिलाओं को 50 की उमà¥à¤° तक बचà¥â€à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ में रसौली की परेशानी होती ही है। वहीं, 25 से 44 साल की 30 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाओं में रसौली के लकà¥à¤·à¤£ देखे जाते हैं। इसका मतलब है कि पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ की उमà¥à¤° में महिलाओं में रसौली बनना आम बात है।
​बचà¥â€à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ में रसौली के लकà¥à¤·à¤£
हो सकता है कि आपको गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में गांठबनने के कोई लकà¥à¤·à¤£ दिखाई न दें। वहीं बचà¥â€à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ में रसौली के संकेतों में माहवारी के दौरान अधिक खून आना या पीरियडà¥à¤¸ के दौरान तेज दरà¥à¤¦ होना, माहवारी आने से पहले ही सà¥â€à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग होना शामिल है।
इसके अलावा जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग के कारण à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾, कई दिनों तक पीरियडà¥à¤¸ रहना, पेट के निचले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हलà¥â€à¤•ा दबाव महसूस होना, सेकà¥â€à¤¸ के दौरान दरà¥à¤¦, कमर के निचले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦, कबà¥â€à¤œ, इनâ€à¤«à¤°à¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€, मिसकैरेज और पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¥à¤® लेबर जैसी समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤“ं के साथ बार-बार पेशाब आना शामिल है।
​गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में रसौली के बाद पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी
साल 2010 की à¤à¤• रिसरà¥à¤š के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, 10 से 30 फीसदी महिलाओं को बचà¥â€à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ में रसौली के कारण पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान मà¥à¤¶à¥à¤•िलें आती हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में रसौली होने पर दरà¥à¤¦ होता है। दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान महिलाओं में 5 सेंटीमीटर से बड़ी रसौली देखी जाती है।
बचà¥â€à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ में रसौली की वजह से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में à¤à¥à¤°à¥‚ण के लिठजगह कम बचती है जिससे शिशॠका विकास बाधित होता है। रसौली के पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा बà¥â€à¤²à¥‰à¤• होकर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की दीवार से अलग हो जाती है। इससे शिशॠको जरूरी पोषण और ऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤œà¤¨ नहीं मिल पाता है।
रसौली में दरà¥à¤¦ की वजह से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में संकà¥à¤šà¤¨ आ सकता है जिससे जलà¥â€à¤¦à¥€ डिलीवरी हो सकती है। सिजेरियन डिलीवरी का खतरा 6 गà¥à¤¨à¤¾ बढ़ जाता है और डिलीवरी के समय शिशॠउलà¥â€à¤Ÿà¤¾ हो सकता है। बचà¥â€à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ में रसौली होने पर मिसकैरेज का खतरा à¤à¥€ दोगà¥à¤¨à¤¾ रहता है।
​गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में रसौली
अधिकतर मामलों में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान रसौली का आकार नहीं बढ़ता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में रसौली का à¤à¤• तिहाई हिसà¥â€à¤¸à¤¾ बढ़ सकता है। रसौली पर à¤à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ सकता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान à¤à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ का लेवल बढ़ता है जिससे रसौली बढ़ सकती है।
वहीं, कà¥à¤› महिलाओं में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान रसौली सिकà¥à¤¡à¤¼ जाती है। वरà¥à¤· 2010 की à¤à¤• सà¥â€à¤Ÿà¤¡à¥€ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, 79 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाओं में पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान रसौली का आकार कम हà¥à¤† था।
​कà¥â€à¤¯à¤¾ रसौली के साथ मां बन सकते हैं?
बचà¥â€à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ में रसौली होने पर à¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ नैचà¥à¤°à¤²à¥€ कंसीव कर सकती हैं। हो सकता है कि इसमें कंसीव करने के लिठकिसी टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट की जरूरत न पड़े।
कà¥à¤› मामलों में रसौली फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती है, जैसे कि सबमà¥â€à¤¯à¥‚कोसल फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡à¥¤ ये à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की रसौली है जो यूटà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ कैविटी के अंदर बढ़ती और फैलती है। इसमें महिलाओं में इनफरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ या मिसकैरेज का खतरा बढ़ जाता है।
​बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ में रसौली का इलाज
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बचà¥â€à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ में रसौली का इलाज काफी सीमित है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे à¤à¥à¤°à¥‚ण को जोखिम रहता है। बचà¥â€à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ में रसौली के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठआराम, पानी पीने और हलà¥â€à¤•ी दरà¥à¤¦ निवारक दवाओं का सेवन करने की सलाह दी जा सकती है।
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