Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
आपको या आपके किसी जानने वाले को शायद किसी पà¥à¤°à¤•ार की पà¥à¤Ÿà¥€ हà¥à¤ˆ है। कई मामलों में, à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को पà¥à¤Ÿà¥€ होगी, पता नहीं होगा कि यह कà¥à¤¯à¤¾ है, और फिर इसे अनदेखा कर दें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह इस समय उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ परेशान नहीं कर रहा है।
लेकिन यह à¤à¤• छोटी सी समसà¥à¤¯à¤¾ को à¤à¤• बड़ी, पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ में बदल सकता है।
पà¥à¤Ÿà¥€ का सबसे आम पà¥à¤°à¤•ार
अलग-अलग कारणों से शरीर के अलग-अलग हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में अलग-अलग पà¥à¤°à¤•ार के सिसà¥à¤Ÿ होते हैं, इसलिठसिसà¥à¤Ÿ की सामानà¥à¤¯ समठहोना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है और यदि आप किसी को विकसित होते हà¥à¤ देखते हैं, तो किसी विशेषजà¥à¤ž से इसकी जांच करवाà¤à¤‚।
पà¥à¤Ÿà¥€ का सबसे आम पà¥à¤°à¤•ार वसामय पà¥à¤Ÿà¥€ है। à¤à¤• पà¥à¤Ÿà¥€ को à¤à¤• गà¥à¤¬à¥à¤¬à¤¾à¤°à¥‡ के रूप में सोचें जो तà¥à¤µà¤šà¤¾ के बाहर शीरà¥à¤· पर खà¥à¤²à¤¤à¤¾ है। अंदर की तà¥à¤µà¤šà¤¾ जो गà¥à¤¬à¥à¤¬à¤¾à¤°à¥‡ को खींचती है वह तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाओं का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ कर रही है।
उन तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाओं के वायà¥à¤®à¤‚डल में गिरने के बजाय, कोशिकाà¤à¤‚ गà¥à¤¬à¥à¤¬à¤¾à¤°à¥‡ में फंस जाती हैं। गà¥à¤¬à¥à¤¬à¤¾à¤°à¤¾ बढ़ता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह तà¥à¤µà¤šà¤¾ की कोशिकाओं से à¤à¤° जाता है। गà¥à¤¬à¥à¤¬à¤¾à¤°à¤¾ फट à¤à¥€ सकता है, जिससे सिसà¥à¤Ÿ में दरà¥à¤¦ होने लगता है।
अनिवारà¥à¤¯ रूप से, पà¥à¤Ÿà¥€ तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाओं की à¤à¤• गेंद होती है जो तà¥à¤µà¤šà¤¾ के नीचे फंसी होती है।
à¤à¤• पà¥à¤Ÿà¥€ को उपचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होती है?
आदरà¥à¤¶ रूप से, à¤à¤• पà¥à¤Ÿà¥€ को फटने से पहले हटा दिया जाना चाहिठ। जब à¤à¤• पà¥à¤Ÿà¥€ फट जाती है, तो गà¥à¤¬à¥à¤¬à¤¾à¤°à¥‡ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ की कोशिकाà¤à¤‚ फैल जाती हैं और तà¥à¤µà¤šà¤¾ के नीचे के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में टूट जाती हैं।
यह बहà¥à¤¤ दरà¥à¤¦ और सूजन का कारण बनता है जो लंबे समय तक रहता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शरीर को तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाओं को तोड़ना पड़ता है और तà¥à¤µà¤šà¤¾ के नीचे नहीं होता है।
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤Ÿà¥€ को खाली कर दिया गया है, यह ठीक होने और फिर से शà¥à¤°à¥‚ करने में सकà¥à¤·à¤® है। पà¥à¤Ÿà¥€ बार-बार फट सकती है और à¤à¤° सकती है। यह चकà¥à¤° न केवल दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• होता है, बलà¥à¤•ि यह कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में निशान à¤à¥€ बनाता है।
कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• रूप से फटे हà¥à¤ सिसà¥à¤Ÿ जटिल होते हैं और इलाज करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° निशान ऊतक और कई छोटे सिसà¥à¤Ÿ के मिशà¥à¤°à¤£ में बदल जाता है जो टूट कर बन जाते हैं। उस समय, तà¥à¤µà¤šà¤¾ के पूरे कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को शलà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾ से हटाना आमतौर पर सबसे अचà¥à¤›à¤¾ होता है।
दूसरी ओर, यदि पà¥à¤Ÿà¥€ फटी नहीं है, तो पूरे पà¥à¤Ÿà¥€ को हटाना अपेकà¥à¤·à¤¾à¤•ृत आसान है, जो घाव की देखà¤à¤¾à¤² को जलà¥à¤¦à¥€ से ठीक करने की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ देता है ताकि आप पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ सिसà¥à¤Ÿ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बच सकें।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ विशेषजà¥à¤ž पà¥à¤Ÿà¥€ हटाने
अपने पà¥à¤Ÿà¥€ के फटने से पहले आपको तà¥à¤µà¤šà¤¾ विशेषजà¥à¤ž के पास कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जाना चाहिà¤?
जैसे ही आप उचित रूप से तà¥à¤µà¤šà¤¾ विशेषजà¥à¤ž के पास जा सकते हैं, सिसà¥à¤Ÿ का इलाज करना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। जब सिसà¥à¤Ÿ छोटे होते हैं, तो उनका इलाज करना और निकालना आसान होता है। जब वे बढ़ते हैं, तो इसे हटाने के लिठà¤à¤• बड़ी सरà¥à¤œà¤°à¥€ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, लेकिन इससे बड़ा जोखिम होता है कि आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हटाठजाने से पहले वसामय पà¥à¤Ÿà¥€ फट जाà¤à¤—ी।
सिसà¥à¤Ÿ को तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाओं के गà¥à¤¬à¥à¤¬à¤¾à¤°à¥‡ की तरह समà¤à¥‡à¤‚। इसके शीरà¥à¤· पर à¤à¤• छोटा सा उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ है जो बाहर की ओर जाता है। तà¥à¤µà¤šà¤¾ के नीचे, गà¥à¤¬à¥à¤¬à¤¾à¤°à¤¾ मृत तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाओं से à¤à¤° जाता है... और इन कोशिकाओं से à¤à¤°à¤¨à¤¾ जारी रखता है।
गà¥à¤¬à¥à¤¬à¤¾à¤°à¤¾ कब फूटेगा इसका कोई सटीक अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ नहीं है। कà¥à¤› सिबेसियस सिसà¥à¤Ÿ छोटे होते ही फट जाते हैं। अनà¥à¤¯ बहà¥à¤¤ बड़े हो जाते हैं, लेकिन अंततः सà¤à¥€ सिसà¥à¤Ÿ फट जाते हैं। यह फट सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जेब के बढ़ने के लिठऔर कोई जगह नहीं है। या, यह टकरा सकता है या टूट सकता है और परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प फट सकता है।
à¤à¤• बार जब वसामय पà¥à¤Ÿà¥€ तà¥à¤µà¤šà¤¾ के नीचे फट जाती है, तो यह गरà¥à¤® हो जाती है, बदबूदार सामगà¥à¤°à¥€ निकल जाती है, और फिर इसे छेदने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। इस बिंदॠपर, इसके वापस आने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि असà¥à¤¤à¤° को पूरी तरह से हटाना अधिक कठिन है।
कà¥à¤¯à¤¾ होता है अगर तà¥à¤µà¤šà¤¾ के नीचे à¤à¤• पà¥à¤Ÿà¥€ फट जाती है?
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोगों को पता होता है कि उनकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ के नीचे गांठकब है। उनके पास यह कà¥à¤› समय है और यह उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ परेशान नहीं करता है। इसके बाद यह बढ़ना शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है और थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में बदबूदार मवाद का रिसाव शà¥à¤°à¥‚ हो सकता है। आपको पता चल जाà¤à¤—ा कि पà¥à¤Ÿà¥€ फट गई है जब यह कोमल हो जाती है, दरà¥à¤¦ होता है और हर दिन खराब महसूस होता है।
कà¥à¤¯à¤¾ होता है अगर तà¥à¤µà¤šà¤¾ के नीचे à¤à¤• पà¥à¤Ÿà¥€ फट जाती है तो शरीर यह पहचान लेता है कि जो कोशिकाà¤à¤‚ लीक हो गई हैं वे वहां नहीं हैं। चूंकि शरीर कोशिकाओं से लड़ने और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बाहर धकेलने का काम करता है, पà¥à¤Ÿà¥€ के ऊपर की तà¥à¤µà¤šà¤¾ पतली, लाल और सूजी हà¥à¤ˆ हो जाती है। शरीर तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाओं की गेंद को धकà¥à¤•ा देने के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ में सामगà¥à¤°à¥€ छिदà¥à¤°à¥‹à¤‚ से बाहर निकलने लगती है।
यह तà¥à¤µà¤šà¤¾ को सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ करने के लिठबेहद दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• बना देता है - तब à¤à¥€ जब कपड़े इसके खिलाफ बà¥à¤°à¤¶ करते हैं। दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• वसामय पà¥à¤Ÿà¥€ लगातार बहती है और रोती है। दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ से, बहà¥à¤¤ से लोग अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° को देखने से पहले इस बिंदॠतक पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•à¥à¤·à¤¾ करते हैं, लेकिन सिसà¥à¤Ÿ के फटने से पहले इसका अधिक आसानी से इलाज किया जा सकता था।
कैसे बताà¤à¤‚ कि सिसà¥à¤Ÿ संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ है या नहीं
जब à¤à¤• वसामय पà¥à¤Ÿà¥€ तà¥à¤µà¤šà¤¾ के नीचे फट जाती है, तो यह आमतौर पर संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ नहीं होती है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में, इसे à¤à¤• डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निकालने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है जो पà¥à¤Ÿà¥€ को लांस कर सकता है। कà¥à¤› चिकितà¥à¤¸à¤• सूजन के लाल, दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ करने के लिठà¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ लिखते हैं। हालाà¤à¤•ि, ये दवाà¤à¤‚ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ नहीं हैं। शरीर तà¥à¤µà¤šà¤¾ के नीचे फंसी मृत तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाओं पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कर रहा है, बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नहीं। à¤à¤• बार à¤à¤• वसामय पà¥à¤Ÿà¥€ फटने के बाद, इसे दवा के साथ इलाज नहीं किया जाना चाहिà¤à¥¤
कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤Ÿà¥€ अपने आप चली जाà¤à¤—ी?
à¤à¤• पà¥à¤Ÿà¥€ तब तक ठीक नहीं होगी जब तक कि उसे छेद कर बाहर नहीं निकाल दिया जाता या शलà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ काट नहीं दिया जाता। उपचार के बिना, सिसà¥à¤Ÿ अंततः फट जाà¤à¤‚गे और आंशिक रूप से निकल जाà¤à¤‚गे। इनकी पà¥à¤°à¤—ति में महीनों (या वरà¥à¤·à¥‹à¤‚) का समय लग सकता है। à¤à¤• बार जब वे फट जाते हैं, तो दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• वसामय पà¥à¤Ÿà¥€ संà¤à¤µà¤¤à¤ƒ वापस आ जाà¤à¤—ी यदि पॉकेट लाइनिंग को पूरी तरह से हटाया नहीं गया है। पà¥à¤¨à¤°à¤¾à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ और चल रही समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को रोकने के लिà¤, समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करने के लिठवसामय अलà¥à¤¸à¤° का इलाज करना सबसे अचà¥à¤›à¤¾ है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ विशेषजà¥à¤ž को देखने का समय कब है?
पà¥à¤Ÿà¥€ तà¥à¤µà¤šà¤¾ के नीचे à¤à¤• छोटी गांठया गà¥à¤ ली की तरह महसूस होती है। यह à¤à¤• अंतरà¥à¤µà¤°à¥à¤§à¤¿à¤¤ बाल या मà¥à¤à¤¹à¤¾à¤¸à¥‡ छिदà¥à¤° के रूप में शà¥à¤°à¥‚ हो सकता है जो संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो जाता है, जिससे तà¥à¤µà¤šà¤¾ को अपने आप में बदलने का अवसर मिलता है। पà¥à¤Ÿà¥€ à¤à¥€ थोड़ा बह सकता है। à¤à¤• पिलर पà¥à¤Ÿà¥€ खोपड़ी पर बढ़ती है और वंशानà¥à¤—त हो जाती है, जबकि à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¤°à¥à¤®à¥‰à¤‡à¤¡ सिसà¥à¤Ÿ शरीर के अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤—ों में होते हैं और अपने आप दूर नहीं जाते हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |