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ओसीडी (OCD obsessive compulsive disorder) का नाम आते ही हमारे दिमाग में अनेकों पà¥à¤°à¤•ार के विचार आने लगते हैं कि यह कोई बीमारी है, या पागलपन है या कोई जानलेवा बीमारी है। इस पà¥à¤°à¤•ार के बहà¥à¤¤ से खà¥à¤¯à¤¾à¤² हमारे मन में उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने लगते हैं।
अगर हम ऑबà¥à¤¸à¥‡à¤¸à¤¿à¤µ कंपलà¥à¤¸à¤¿à¤µ डिसऑरà¥à¤¡à¤° को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤ªà¥‚रà¥à¤µà¤• पढ़ते हैं तो हमें खà¥à¤¦ इसका मतलब समठआ सकता है।
ओबसेशन (obsession) का मतलब है किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° की पनरावृतà¥à¤¤à¤¿à¥¤
जो विचार हमारे मन में बार-बार आते है उनके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सदैव सोचना व उनसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होकर वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करना। ये विचार कई पà¥à¤°à¤•ार के हो सकते हैं, पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों पà¥à¤°à¤•ार के हो सकते हैं।
à¤à¤¸à¥‡ विचार हमारे मन में बार-बार आते हैं जिसके कारण हमें घबराहट और बेचैनी होने लगती है। हम इसे चाह कर à¤à¥€ नहीं रोक सकते।
इसी तरह दूसरा शबà¥à¤¦ है compulsion। यह शबà¥à¤¦ मजबूरी से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ है। उदाहरण के लिठयदि हमारे मन में यह विचार आता है कि हमारे हाथ गंदे हैं तो हम ना चाहते हà¥à¤ à¤à¥€ घबराकर अपने हाथों को बार-बार धोते रहते हैं। यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दोबारा फिर से रिपीट होने लगेगी। बार बार हाथ धोना à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का कंपलà¥à¤¶à¤¨ होता है जिससे मरीज को थोड़ी देर के लिठअचà¥à¤›à¤¾ महसूस होगा। इस तरह की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को ही कंपलà¥à¤¶à¤¨ कहते है।
ओसीडी के मरीज दिन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ बढ़ते जा रहे हैं। इसका सही वकà¥à¤¤ पर इलाज न कराने पर यह खतरनाक साबित हो सकती है। इससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की जान à¤à¥€ जा सकती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि चिंता और तनाव के कारण वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का मानसिक संतà¥à¤²à¤¨ बिगड़ने लगता है।
ओसीडी के पà¥à¤°à¤•ार और लकà¥à¤·à¤£
ओसीडी कई पà¥à¤°à¤•ार का हो सकता है। इसकी जानकारी होना अति आवशà¥à¤¯à¤• है ताकि हम ओसीडी को अपने आस पास पहचान सकें और अपने साथ-साथ दूसरों की à¤à¥€ सहायता कर सकें।
1. ) कंटैमिनेशन
इस पà¥à¤°à¤•ार के ओसीडी से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में साफ सफाई के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ ओबसेशन अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• बढ़ जाता है। यह ओसीडी (OCD) बहà¥à¤¤ से लोगों में पाई जाती है। इस ओसीडी का लकà¥à¤·à¤£ हद से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ साफ सफाई करना है फिर चाहे वह शरीर हो, कपड़े हो, कमरा हो, घर हो, चादर हो, या इस तरह की कोई à¤à¥€ चीज।
ओसीडी से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को à¤à¤¸à¤¾ महसूस होने लगता है कि अगर वो कूड़ेदान के पास से चले जाà¤à¤‚गे तो उनके ऊपर जरà¥à¤® अटैक कर देंगे और उनको नहाना पड़ेगा।
कà¥à¤› लोग सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨ या कहीं बाहर के टॉयलेट का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— नही करते कि वो बहà¥à¤¤ गंदा होगा। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हर समय यही लगता है कि कहीं उनका कपड़ा न गंदा हो जाà¤à¥¤
अनेक पà¥à¤°à¤•ार के विचार उनके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में आते हैं। वो खà¥à¤¦ को à¤à¤• किनारे साफ सफाई कर के उसी में खà¥à¤¦ को अचà¥à¤›à¤¾ महसूस करते हैं।
“कà¥à¤› à¤à¥€ हो सकता है†जैसा संदेह उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बार-बार परेशान करता है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लगता है कि आसपास की चीजें बहà¥à¤¤ गंदी हैं।
जब यह बीमारी बढ़ने लगती है तो यह साफ सफाई इस हद तक पहà¥à¤‚च जाती है कि लोग अपना सामान चाहे वो आफिस का हो, घर का हो या सà¥à¤•ूल का हो, वह किसी à¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर रखा हो वो उसे उस जगह से हटा देते हैं। उनके मन में यह बैठजाता है कि यह चीज गंदी है और साफ नहीं होगी।
वह कितनी à¤à¥€ कीमती हो वह वह उसे फेंक करके ही मानते हैं। बहà¥à¤¤ से लोग à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥€ होते हैं कि अगर कोई अनà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ उनकी चादर पर बैठजाता है तो इसमें à¤à¥€ उनका मन लगा रहता है। वे उस चादर को बदल कर ही दम लेते हैं। इस ओसीडी में इसी पà¥à¤°à¤•ार के लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं।
2.) परफेकà¥à¤¶à¤¨ सा पूरà¥à¤£à¤¤à¤¾
जिनको इस तरह की ओसीडी (OCD) होती है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यह बात परेशान करती है कि चीज़े à¤à¤• विशेष पà¥à¤°à¤•ार से कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ नहीं रखी? अगर रंग मिलता है तो वह चाहेंगे कि हम इसे इंदà¥à¤°à¤§à¤¨à¥à¤· की तरह सजा दें या उसे अपने हिसाब से किसी à¤à¥€ पंकà¥à¤¤à¤¿ में रख दें।
अगर चीजें à¤à¤• बराबर नहीं हैं तो वे इसे à¤à¤• बराबरी से रखने के लिठचिंतित रहते हैं।
उनके दिमाग में अजीब खयाल आ जाता है कि अगर यह चीजें आरà¥à¤¡à¤° में ना रखी जाà¤à¤ तो कà¥à¤› बà¥à¤°à¤¾ हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ लोगों को बस à¤à¤• ही चिंता होती है कि वह चीज़ों को à¤à¤• पंकà¥à¤¤à¤¿ या आरà¥à¤¡à¤° में रख दें चाहे वह अलà¥à¤«à¤¾à¤¬à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤•ल हो, नà¥à¤¯à¥‚मेरिकल हो, कलरà¥à¤¡ हो, कैसा à¤à¥€ हो लेकिन पंकà¥à¤¤à¤¿ में हो।
3.) डाउट à¤à¤‚ड हारà¥à¤® (संदेह करना)
इस तरह के ओसीडी में लोगों के दिमाग में बार बार à¤à¤• संदेह खà¥à¤¯à¤¾à¤² आते रहते हैं। कà¥à¤¯à¤¾ मैंने दरवाजा बंद किया, कà¥à¤¯à¤¾ मैंने सिलेंडर बंद किया, पंखे का बटन बंद है या नहीं, दरवाज़ा कहीं खà¥à¤²à¤¾ न रह गया, आदि जैसे सवाल उनके मन में पैदा होते रहते हैं। इसी कारण वे बार-बार इसको देखने के लिठआते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में अजीब तरह का तनाव होता रहता है।
जब तक वह इस काम को ना कर लें उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तसलà¥à¤²à¥€ नहीं मिलती। यह आदत सामानà¥à¤¯ लोगों में à¤à¥€ आसानी से देखने को मिलती है।
वैसे तो अपनी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ का ख़याल रखना सबके लिठआवशà¥à¤¯à¤• हैं लेकिन हर 10 मिनट में इस बात का बार-बार खà¥à¤¯à¤¾à¤² आना कि मैं फिर से चेक कर लूं, या कहीं खà¥à¤²à¤¾ ना रह गया हो वासà¥à¤¤à¤µ में संदेह कोजनà¥à¤® देता है।
à¤à¤¸à¥‡ लोग इस हद तक पहà¥à¤‚च जाते हैं कि जब तक वे 5-6 बार चेक ना कर लें तब तक उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उलà¤à¤¨ होती रहती है। उसका दिमाग बार-बार वहीं जाता है। à¤à¤¸à¤¾ ना करने पर कà¥à¤› बà¥à¤°à¤¾ हो जाà¤à¤—ा à¤à¤¸à¤¾ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ महसूस होने लगता है। इस तरह ना सिरà¥à¤«à¤¼ उनका समय नषà¥à¤Ÿ होता है बलà¥à¤•ि वे परेशान à¤à¥€ रहते हैं। इससे उनका वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° बदलने लगता है।
4.) फोरबिडेन थॉटà¥à¤¸ (ना सोचने योगà¥à¤¯ चीज़ें व अपराधबोध)
à¤à¤¸à¤¾ विचार आना जो à¤à¤• नॉरà¥à¤®à¤² इंसान के लिठगलत हो। इस ओसीडी से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ à¤à¤¸à¤¾ सोचता है कि कहीं वह गलत इंसान न बन जाà¤à¥¤
कà¤à¥€ कà¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ à¤à¤¸à¥€ सोच रखता है वह गलत है। वे दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठà¤à¥€ ग़लत सोचने लगते हैं। वे à¤à¤¸à¤¾ जानबूà¤à¤•र नहीं करते हैं। इनके थॉटà¥à¤¸ à¤à¤¨à¥à¤Ÿà¥€ रिलिजन (धरà¥à¤® इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ के विरà¥à¤¦à¥à¤§) à¤à¥€ हो सकते हैं, सेकà¥à¤¸à¥à¤…ल à¤à¥€ हो सकते हैं, हिंसक हो सकते हैं, या किसी विशेष जाति के विरूदà¥à¤§ à¤à¥€ हो सकते हैं।
à¤à¤¸à¤¾ देखा जाता है कि अकà¥à¤¸à¤° इस बीमारी से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ à¤à¥€ करता है ताकि वह इन विचारों से बच सके। इस तरह के बहà¥à¤¤ से विचारो से बचने के लिठकà¥à¤› लोग गाने सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ लगते हैं ताकि वे अपने दिमाग को इन विचारों से बचा सकें। हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का अपना à¤à¤• अलग डिफ़ेंस मेकेनिसà¥à¤® हो सकता है।
ओसीडी (OCD) से बचाव
ओसीडी (OCD) कोई घातक बीमारी या महामारी नहीं है परंतॠअगर ओसीडी (OCD) का इलाज समय पर ना करें तो यह घातक हो à¤à¥€ सकती है।
ओसीडी (OCD) का कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ यदि आपको दिखे तो आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° या साइकोलॉजिसà¥à¤Ÿ की सलाह लें। वह आपको इस बीमारी से मà¥à¤•à¥à¤¤ करा सकते हैं। इसी के साथ इससे बचने के लिठआप यह चीजें अपना सकते हैं-
1.) अपनी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को देखें व समà¤à¥‡à¤‚।
2.) हर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सà¥à¤µà¤¯à¤‚ का साथ दें।
3.) अपने दिमाग में सिरà¥à¤« पॉजिटिव थॉटà¥à¤¸ या सकारातà¥à¤®à¤• विचार ही लाà¤à¤‚। यह देखें कि वासà¥à¤¤à¤µ में कà¥à¤¯à¤¾ हà¥à¤† है बजाय इसके कि आप केवल अपने दिमाग़ में आयी बात को ही सà¥à¤¨à¥‡à¤‚।
4.) कà¥à¤› काम करने का मन करें तो आप उसका उलà¥à¤Ÿà¤¾ करें जैसे आप à¤à¤• ही रंग के कपड़े बार-बार पहनना चाहते हैं तो अलग-अलग रंग के कपड़े पहनें।
5.) जब आप असहज सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रहना सीख जाà¤à¤ तो समà¤à¥‡à¤‚ कि आप ओसीडी से बच रहे हैं।
6.) अपने वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में बदलाव करें। इससे आपका दिमाग à¤à¥€ उसी में सहज महसूस करेगा।
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