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टीबी का अवलोकन
टीबी (टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸) या कà¥à¤·à¤¯ रोग à¤à¤• संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रोग है जो बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, माइकोबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤® टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के कारण होता है। विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन या डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दी गई वैशà¥à¤µà¤¿à¤• तपेदिक रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, टीबी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में सबसे अधिक संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रोग से संबंधित मृतà¥à¤¯à¥ दर का सबसे बड़ा कारण है। यह दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में मौत का नौवां पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण है। 2016 में, à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€-नकारातà¥à¤®à¤• लोगों में अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ 1.3 मिलियन टीबी मौतें थीं (2000 में 1.7 मिलियन से नीचे)। 2016 में टीबी से पीड़ित सà¤à¥€ लोगों में से लगà¤à¤— 90% वयसà¥à¤• थे। 56% लोग पांच देशों (à¤à¤¾à¤°à¤¤, इंडोनेशिया, चीन, फिलीपींस और पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨) में रह रहे हैं। 2016 में अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ 10.4 मिलियन लोग टीबी से पीड़ित थे।
टीबी का जीवाणॠआमतौर पर खांसने और छींकने के दौरान हवा में छोड़ी गई छोटी बूंदों के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में फैलता है। ये बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आमतौर पर फेफड़ों को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ करते हैं, लेकिन शरीर के अनà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚, जैसे मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤•, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ या रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ को à¤à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ कर सकते हैं। सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸à¥€à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ वाले लोगों में टीबी का सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥¤ जब सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸à¥€à¤¯ टीबी रोग से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ खांसता है, बोलता है, छींकता है, गाता है या हंसता है, तो वे टीबी फैलाते हैं। यह à¤à¤• संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ गंà¤à¥€à¤° संकà¥à¤°à¤®à¤£ है जिसे सही à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं से ठीक किया जा सकता है।
यदि आपको असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¥€à¤•ृत वजन घटाने, लगातार खांसी, रात को à¤à¥€à¤—ने वाला पसीना, और असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¥€à¤•ृत बà¥à¤–ार है, तो आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाना पड़ सकता है। à¤à¤• चिकितà¥à¤¸à¤• विशिषà¥à¤Ÿ परीकà¥à¤·à¤£ करके पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ कर सकता है कि आपको टीबी है या नहीं। लकà¥à¤·à¤£ à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हो सकते हैं और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के आधार पर गà¥à¤ªà¥à¤¤ और सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ टीबी में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ होते हैं।
गà¥à¤ªà¥à¤¤ टीबी संकà¥à¤°à¤®à¤£
कà¥à¤› वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में, शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने के बाद, टीबी के जीवाणॠनिषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯ हो जाते हैं, और रोगी को किसी à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ का अनà¥à¤à¤µ नहीं होता है। हालांकि, अगर जीवन के बाद के चरण में उनकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ कमजोर हो जाती है, तो वे सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रोग विकसित कर सकते हैं।
सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ टीबी
यह पहले कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के à¤à¥€à¤¤à¤° विकसित हो सकता है या टीबी के जीवाणॠके शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने के बाद वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ तक लग सकता है। यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में फैल सकती है।
à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ या à¤à¤¡à¥à¤¸ के निदान वाले लोग और जो लोग शराब और IV नशीली दवाओं का सेवन करते हैं, उनमें टीबी संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा अधिक होता है। अनà¥à¤¯ जोखिम कारकों में अंतिम चरण की किडनी रोग, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ और कà¥à¤› कैंसर शामिल हैं। जब आप उन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ (उप-सहारा अफà¥à¤°à¥€à¤•ा, à¤à¤¾à¤°à¤¤ और मैकà¥à¤¸à¤¿à¤•ो जैसे देशों) की यातà¥à¤°à¤¾ करते हैं तो टीबी का खतरा अधिक होता है, जहां टीबी की दर अधिक होती है।
हाल के वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में, टीबी के कई दवा पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ उपà¤à¥‡à¤¦ उà¤à¤°à¥‡ हैं। यह तब होता है जब à¤à¤• à¤à¤‚टीबायोटिक सà¤à¥€ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को मारने में विफल हो जाता है और जीवित बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दवा के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अधिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ हो जाते हैं। कà¥à¤› टीबी जीवाणà¥à¤“ं ने आइसोनियाज़िड और रिफामà¥à¤ªà¤¿à¤¨ (तपेदिक के उपचार में उपयोग की जाने वाली सबसे आम दवाà¤à¤‚) के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ विकसित कर लिया है।
टीबी के कारण (कà¥à¤·à¤¯ रोग)
तपेदिक à¤à¤• संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रोग है जो बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण होता है, माइकोबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤® टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ जिसे टà¥à¤¯à¥‚बरकल बेसिली à¤à¥€ कहा जाता है। यह à¤à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ (सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ टीबी) से हवा में छोड़े गठसूकà¥à¤·à¥à¤® बूंदों के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में फैल सकता है। ये बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ इंटà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‡à¤²à¥à¤¯à¥à¤²à¤° à¤à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤•, धीमी गति से बढ़ने वाले परजीवी हैं। उनके पास à¤à¤• अनूठी कोशिका à¤à¤¿à¤¤à¥à¤¤à¤¿ होती है जो इसे शरीर के रकà¥à¤·à¤¾ तंतà¥à¤° से बचाती है।
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से फेफड़ों को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ करते हैं, लेकिन यह रकà¥à¤¤ या लसीका तंतà¥à¤° के माधà¥à¤¯à¤® से अधिकांश अंगों जैसे कि गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡, और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ (विशेष रूप से वे अंग जिनमें ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की पà¥à¤°à¤šà¥à¤° आपूरà¥à¤¤à¤¿ होती है) में फैल सकता है। वे à¤à¤¸à¤¿à¤¡ कà¥à¤²à¥à¤²à¤¾ के बाद à¤à¥€ कà¥à¤› रंगों जैसे फà¥à¤•सिन, à¤à¤• लाल रंग की डाई को बरकरार रख सकते हैं। बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ ऊतक को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ करते हैं और परिगलन का कारण बनते हैं। इन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में à¤à¤• सूखी, मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® और लजीज उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होती है।
à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ वाले रोगियों में, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ कमजोर होती है, जिससे शरीर के लिठटà¥à¤¯à¥‚बरकल बेसिली से लड़ना अधिक कठिन हो जाता है। इन लोगों में अवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ संकà¥à¤°à¤®à¤£ के सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ में बढ़ने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है।
औषध पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ कà¥à¤·à¤¯ रोग
कà¥à¤› मरीज़ दो सबसे शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ टीबी दवाओं (आइसोनियाज़िड और रिफैमà¥à¤ªà¤¿à¤¨) के लिठपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ हैं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बहà¥-दवा पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ तपेदिक के लिठजाना जाता है। माइकोबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का यह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ उन मामलों में विकसित होता है जहां रोगी उचित उपचार नहीं करता है या उपचार में विफलता दिखाई देती है।
दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलों में, कà¥à¤› मरीज़ रिफैमà¥à¤ªà¤¿à¤¨ और आइसोनियाज़िड के साथ-साथ किसी à¤à¥€ फà¥à¤²à¥‹à¤°à¥‹à¤•à¥à¤µà¤¿à¤¨à¥‹à¤²à¥‹à¤¨ के साथ-साथ तीन दूसरी-पंकà¥à¤¤à¤¿ वाली दवाओं जैसे केनामाइसिन, à¤à¤®à¤¿à¤•ैसीन, या कैपà¥à¤°à¥‹à¤®à¤¾à¤‡à¤¸à¤¿à¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ होते हैं। इन रोगियों को à¤à¤•à¥à¤¸à¤¡à¥€à¤†à¤° तपेदिक (वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• रूप से दवा पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€) होने के लिठजाना जाता है
टीबी के लकà¥à¤·à¤£
फेफड़े का कà¥à¤·à¤¯à¤°à¥‹à¤—
यह 85% टीबी संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° है। शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ नैदानिक ​​​​लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ और फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸à¥€à¤¯ टीबी के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित शामिल हो सकते हैं:
रात को पसीना
असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¥€à¤•ृत बà¥à¤–ार, पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ खांसी
à¤à¥‚ख में कमी या कमी, वजन का असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¥€à¤•ृत नà¥à¤•सान
हेमोपà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¸à¤¿à¤¸ (खूनी थूक खांसी), सांस की तकलीफ
छाती में दरà¥à¤¦
सूजन लिमà¥à¤« नोडà¥à¤¸ और थकान
बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— रोगियों में, नà¥à¤¯à¥‚मोनाइटिस (फेफड़ों में वायॠथैली को फà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ वाला संकà¥à¤°à¤®à¤£) देखा जा सकता है
à¤à¤•à¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾ पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸
अतिरिकà¥à¤¤ पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ तपेदिक के लकà¥à¤·à¤£ तब होते हैं जब तपेदिक फेफड़ों के अलावा अनà¥à¤¯ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है (गैर-विशिषà¥à¤Ÿ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚)
फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸ बहाव (फेफड़ों में दà¥à¤°à¤µ) और à¤à¤®à¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤®à¤¾ (फेफड़ों के फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸ गà¥à¤¹à¤¾ में मवाद का संगà¥à¤°à¤¹) फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸ टीबी में देखा जाता है,
टीबी (जिसे पॉटà¥à¤¸ डिजीज à¤à¥€ कहा जाता है) में रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में दरà¥à¤¦, पीठमें अकड़न और लकवा संà¤à¤µ है।
टीबी मैनिंजाइटिस में लगातार सिरदरà¥à¤¦, मानसिक परिवरà¥à¤¤à¤¨ और कोमा देखा जाता है।
टीबी गठिया: सबसे अधिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कूलà¥à¤¹à¥‡ और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ होते हैं और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° यह à¤à¤• ही जोड़ में दरà¥à¤¦ होता है।
पारà¥à¤¶à¥à¤µ दरà¥à¤¦, डिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ (पेशाब करते समय दरà¥à¤¦), पेशाब की आवृतà¥à¤¤à¤¿ में वृदà¥à¤§à¤¿, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ में दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¤®à¤¾à¤¨ या गांठ(गà¥à¤°à¥ˆà¤¨à¥à¤²à¥‹à¤®à¤¾) जेनिटोरिनरी टीबी में देखे जाते हैं।
माइलरी टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ में बाजरे के बीज से मिलते-जà¥à¤²à¤¤à¥‡ अंगों में कई छोटे-छोटे पिंड फैले हà¥à¤ थे।
गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚टेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² टीबी में निगलने में कठिनाई, पेट में दरà¥à¤¦, कà¥à¤…वशोषण, ठीक न होने वाले अलà¥à¤¸à¤°, डायरिया (रकà¥à¤¤ हो à¤à¥€ सकता है और नहीं à¤à¥€) देखा जाता है।
शायद ही कà¤à¥€ टीबी आपके दिल के आसपास के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ कर सकती है। यह हृदय और सूजन के आसपास दà¥à¤°à¤µ संचय का कारण बन सकता है। यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ घातक हो सकती है और मृतà¥à¤¯à¥ का कारण बन सकती है। इसे कारà¥à¤¡à¤¿à¤à¤• टैमà¥à¤ªà¥‹à¤¨à¥ˆà¤¡ के रूप में जाना जाता है।
टीबी के जोखिम कारक (कà¥à¤·à¤¯ रोग)
टीबी का खतरा तब बढ़ जाता है जब किसी मरीज का इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® कमजोर होता है। टीबी से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ कई जोखिम कारक हैं जैसे:
कमजोर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ वाले बचà¥à¤šà¥‡ और बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— (विशेषकर सकारातà¥à¤®à¤• टीबी तà¥à¤µà¤šà¤¾ परीकà¥à¤·à¤£ वाले)
à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ और मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के रोगी
नशीली दवाओं के नशेड़ी (विशेषकर IV नशीली दवाओं के दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— जिनकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ कमजोर है, टीबी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के संपरà¥à¤• में आने पर अधिक जोखिम होता है)
उन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ के आगंतà¥à¤• और अपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ टीबी (अफà¥à¤°à¥€à¤•ा, रूस, पूरà¥à¤µà¥€ यूरोप, à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾, लैटिन अमेरिका और कैरेबियन दà¥à¤µà¥€à¤ª समूह) की उचà¥à¤š घटना के लिठजाना जाता है।
पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ रोगी
गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारियों के मरीज
कीमोथेरेपी जैसे इमà¥à¤¯à¥‚नोसपà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤µ थेरेपी से गà¥à¤œà¤° रहे लोग
कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ और सिलिकोसिस
तंबाकू का सेवन
कà¥à¤› दवाà¤à¤‚ जिनका उपयोग रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¥€à¤‡à¤¡ गठिया, सोरायसिस और कà¥à¤°à¥‹à¤¹à¤¨ रोग के इलाज के लिठकिया जाता है।
उन देशों में जहां गरीबी और à¤à¥€à¤¡à¤¼à¤à¤¾à¤¡à¤¼ अधिक है
टीबी का निदान
कà¥à¤·à¤¯ रोग का निदान निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किया जा सकता है:
तà¥à¤µà¤šà¤¾ परीकà¥à¤·à¤£
तà¥à¤µà¤šà¤¾ परीकà¥à¤·à¤£ को मंटौकà¥à¤¸ टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¤¿à¤¨ तà¥à¤µà¤šà¤¾ परीकà¥à¤·à¤£ (या) टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¤¿à¤¨ तà¥à¤µà¤šà¤¾ परीकà¥à¤·à¤£ (या) टीà¤à¤¸à¤Ÿà¥€ के रूप में जाना जाता है। यह तà¥à¤µà¤šà¤¾ परीकà¥à¤·à¤£ यह निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठकिया जा सकता है कि कà¥à¤¯à¤¾ आप टà¥à¤¯à¥‚बरकल बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ ले रहे हैं। इस परीकà¥à¤·à¤£ में, पीपीडी का 0.1 à¤à¤®à¤à¤² (शà¥à¤¦à¥à¤§ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ वà¥à¤¯à¥à¤¤à¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ या टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¤¿à¤¨ – मारे गठमाइकोबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से बना à¤à¤• अरà¥à¤•) आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ की ऊपरी परत के नीचे इंजेकà¥à¤Ÿ किया जाता है। यदि आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर 2-3 दिनों के बाद कोई à¤à¤¾à¤— या निशान दिखाई देता है, तो आप सकारातà¥à¤®à¤• हो सकते हैं। यह परीकà¥à¤·à¤£ यह निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ नहीं करता है कि आपको सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ है या नहीं, लेकिन यह बता सकता है कि आप पहले टीबी के संपरà¥à¤• में आठहैं या नहीं।
हालांकि, परीकà¥à¤·à¤£ हमेशा सही नहीं होता है। जिन लोगों ने हाल ही में बीसीजी वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किया है वे सकारातà¥à¤®à¤• परीकà¥à¤·à¤£ कर सकते हैं। कà¥à¤› मरीज़ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ टीबी न होने पर à¤à¥€ परीकà¥à¤·à¤£ का जवाब देते हैं और अनà¥à¤¯ लोग टीबी होने पर à¤à¥€ परीकà¥à¤·à¤£ का जवाब नहीं देते हैं।
छाती का à¤à¤•à¥à¤¸-रे: यदि आपके चिकितà¥à¤¸à¤• को पता चलता है कि आपका पीपीडी परीकà¥à¤·à¤£ सकारातà¥à¤®à¤• है, तो वह आपको छाती का à¤à¤•à¥à¤¸-रे करवाने की सलाह दे सकता है। यदि छाती के à¤à¤•à¥à¤¸-रे में आपके फेफड़ों में छोटे धबà¥à¤¬à¥‡ दिखाई देते हैं, तो यह à¤à¤• सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ टीबी संकà¥à¤°à¤®à¤£ का संकेत हो सकता है। जब आपका शरीर टà¥à¤¯à¥‚बरकल बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को अलग करने की कोशिश करता है, तो फेफड़ों में ये धबà¥à¤¬à¥‡ à¤à¤•à¥à¤¸-रे पर दिखाई दे सकते हैं।
थूक परीकà¥à¤·à¤¾
टीबी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की जांच के लिठआपके फेफड़ों के अंदर से थूक निकाला जाता है। यदि आपका थूक परीकà¥à¤·à¤£ सकारातà¥à¤®à¤• है, तो यह इंगित करता है कि आपको सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ टीबी संकà¥à¤°à¤®à¤£ है और उपचार तà¥à¤°à¤‚त शà¥à¤°à¥‚ किया जाना चाहिà¤à¥¤ टीबी के बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को दूसरों तक फैलने से रोकने के लिठविशेष मासà¥à¤• पहनने, सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ से बचने जैसे à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥€ उपाय किठजाने चाहिà¤à¥¤
संसà¥à¤•ृति
थूक संसà¥à¤•ृति या ऊतक बायोपà¥à¤¸à¥€ संसà¥à¤•ृति से माइकोबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की वृदà¥à¤§à¤¿ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ तपेदिक का निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ निदान है। माइकोबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ धीमी गति से बढ़ने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हैं, इसलिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ विशेष मीडिया पर विकसित होने में हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ लग सकते हैं।
अनà¥à¤¯ परीकà¥à¤·à¤£
IGRA (इंटरफेरॉन-गामा रिलीज à¤à¤¸à¥‡à¤œà¤¼): ये परीकà¥à¤·à¤£ माइकोबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤® टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को माप सकते हैं।
सकारातà¥à¤®à¤• लकà¥à¤·à¤£, सकारातà¥à¤®à¤• थूक धबà¥à¤¬à¤¾, या सकारातà¥à¤®à¤• संसà¥à¤•ृतियों वाले लोगों को टीबी और संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• (सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ टीबी) से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ माना जाता है।
टीबी का इलाज
यदि आपको टीबी का पता चला है तो आपको संकà¥à¤°à¤®à¤£ के पà¥à¤°à¤•ार के आधार पर छह से नौ महीने तक à¤à¤• या अधिक दवाà¤à¤‚ लेनी पड़ सकती हैं। टीबी का उपचार निरà¥à¤à¤° करता है,
टीबी संकà¥à¤°à¤®à¤£ के पà¥à¤°à¤•ार और
माइकोबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की दवा संवेदनशीलता
उपयोग की जाने वाली पहली पंकà¥à¤¤à¤¿ की दवाà¤à¤‚ आइसोनियाज़िड (INH), रिफैमà¥à¤ªà¤¿à¤¨ (RIF), à¤à¤¥à¤®à¤¬à¥à¤¯à¥‚टोल (EMB), और पाइरेज़िनमाइड हैं। यदि आपको फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸à¥€à¤¯ टीबी का निदान किया जाता है, तो आप अपने उपचार के दौरान लगà¤à¤— दो से तीन सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रहेंगे। सीडीसी सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ टीबी (दवा-संवेदनशील टीबी जीवों) के लिठबà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ उपचार कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के लिठà¤à¤• गाइड पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है:
a) पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• चरण में
56 खà¥à¤°à¤¾à¤• (8 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹) के लिठपसंदीदा आहार दैनिक आइसोनियाजिड, रिफैमà¥à¤ªà¤¿à¤¨, पाइराजिनमाइड और à¤à¤¥à¤®à¤¬à¥à¤¯à¥‚टोल है,
14 खà¥à¤°à¤¾à¤• (2 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹) के लिठवैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• आहार दैनिक आइसोनियाजिड, रिफैमà¥à¤ªà¤¿à¤¨, पाइराजिनमाइड और à¤à¤¥à¤®à¤¬à¥à¤¯à¥‚टोल हैं, फिर 12 खà¥à¤°à¤¾à¤• (6 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹) के लिठसापà¥à¤¤à¤¾à¤¹à¤¿à¤• रूप से दो बार।
b) निरंतरता के चरण में
पसंदीदा आहार है 126 खà¥à¤°à¤¾à¤• (18 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹) या . के लिठदैनिक आइसोनियाज़िड और रिफैमà¥à¤ªà¤¿à¤¨36 खà¥à¤°à¤¾à¤• (18 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹) के लिठदो बार सापà¥à¤¤à¤¾à¤¹à¤¿à¤• आइसोनियाजिड और रिफामà¥à¤ªà¤¿à¤¨ वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• नियम हैं:
36 खà¥à¤°à¤¾à¤• (18 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹) के लिठदो बार सापà¥à¤¤à¤¾à¤¹à¤¿à¤• आइसोनियाजिड और रिफैमà¥à¤ªà¤¿à¤¨à¥¤54 खà¥à¤°à¤¾à¤• (18 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹) के लिठतीन-सापà¥à¤¤à¤¾à¤¹à¤¿à¤• आइसोनियाजिड और रिफैमà¥à¤ªà¤¿à¤¨à¥¤
औषध पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ और बहà¥à¤”षध पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ कà¥à¤·à¤¯ रोग
दवा पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ और à¤à¤®à¤¡à¥€à¤†à¤° टीबी का इलाज मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है। à¤à¤®à¤¡à¥€à¤†à¤° और à¤à¤•à¥à¤¸à¤¡à¥€à¤†à¤° टीबी के रोगियों में सीडीसी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कई तरीकों की सिफारिश की जाती है जिसमें परिवरà¥à¤¤à¤¨à¤¶à¥€à¤² उपचार कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® और अनà¥à¤¯ टीबी विरोधी दवाà¤à¤‚ शामिल हैं। यदि आप टीबी के दवा पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ रूप से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हैं, तो छह या अधिक विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ दवाओं के साथ उपचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।
नई दवाà¤à¤‚ और उपचार कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® जो à¤à¤«à¤¡à¥€à¤ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अनà¥à¤®à¥‹à¤¦à¤¿à¤¤ हैं:
बेडाकà¥à¤µà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤¨ (सिरà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹) को à¤à¤®à¤¡à¥€à¤†à¤° टीबी के इलाज के लिठमंजूरी दे दी गई है, और
मोकà¥à¤¸à¥€à¤«à¥à¤²à¥‹à¤•à¥à¤¸à¤¾à¤¸à¤¿à¤¨ (à¤à¤• रोगाणà¥à¤°à¥‹à¤§à¥€ दवा के साथ) पर शोध से पता चलता है कि यह उपचार पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤•ॉल में मदद कर सकता है।
शलà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾ उपचार
कà¥à¤› रोगियों में रोगगà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ फेफड़े के ऊतकों का सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल रिसेकà¥à¤¶à¤¨ किया जाता है, जब फेफड़े का विनाश गंà¤à¥€à¤° हो सकता है।
दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ
à¤à¥‚ख में कमी, पीलिया, मतली या उलà¥à¤Ÿà¥€, चोट के निशान (रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ) और दृषà¥à¤Ÿà¤¿ परिवरà¥à¤¤à¤¨ टीबी के उपचार के कà¥à¤› दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हैं।
टीबी की दवाà¤à¤‚ लेने वाले लोगों को उचà¥à¤š खà¥à¤°à¤¾à¤• वाली à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं से बचना चाहिठजो लीवर को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकती हैं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गहरे रंग के मूतà¥à¤°, à¤à¥‚ख न लगना, असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¥€à¤•ृत मतली या उलà¥à¤Ÿà¥€, पीलिया, या तà¥à¤µà¤šà¤¾ का पीला पड़ना या बà¥à¤–ार तीन दिनों से अधिक समय तक रहने जैसे लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में पता होना चाहिà¤à¥¤ .
टीबी की रोकथाम
दवा का पूरा कोरà¥à¤¸: सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ टीबी के रोगियों में, सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कदम दवा का पूरा कोरà¥à¤¸ खतà¥à¤® करना है। यदि आप उपचार को जलà¥à¤¦à¥€ रोक देते हैं या खà¥à¤°à¤¾à¤• छोड़ देते हैं, तो टीबी के जीवाणॠसबसे शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ दवाओं (जैसे: रिफैमà¥à¤ªà¤¿à¤¨ और आइसोनियाज़िड) के लिठपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ विकसित कर सकते हैं। दवा पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ उपà¤à¥‡à¤¦à¥‹à¤‚ का इलाज करना अधिक कठिन होता है और रोगी के लिठघातक हो सकता है।
टीबी परीकà¥à¤·à¤£: यदि आप उन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में रहते हैं जहां टीबी का पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° अधिक है या यदि आपको संदेह है कि आप टीबी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकते हैं, तो आपको टीबी के लिठपरीकà¥à¤·à¤£ करना होगा। यदि आप सकारातà¥à¤®à¤• परीकà¥à¤·à¤£ करते हैं, तो आपको आपके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ देखà¤à¤¾à¤² पेशेवर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दवाà¤à¤‚ लेने की सलाह दी जा सकती है।
अपनी और अपने परिवार की रकà¥à¤·à¤¾ करें: केवल सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ टीबी अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• है। सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ तपेदिक संकà¥à¤°à¤®à¤£ के मामले में, आप अपने परिवार और दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में टीबी के पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° को रोकने के लिठकà¥à¤› सावधानियां बरत सकते हैं।खांसते या अनà¥à¤¯ लोगों से बात करते समय (हवा में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को फैलने से रोकने के लिà¤) अपने मà¥à¤‚ह को रà¥à¤®à¤¾à¤² या रà¥à¤®à¤¾à¤² से ढक लें।
उपचार के पहले 3 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के दौरान संचरण के जोखिम को कम करने के लिठआप मासà¥à¤• पहन सकते हैं।
कमरों का उचित वेंटिलेशन आवशà¥à¤¯à¤• है। टीबी के बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ बंद कमरों और छोटी जगहों में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आसानी से फैल सकते हैं।
सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ तपेदिक संकà¥à¤°à¤®à¤£ के पहले कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के दौरान, अनà¥à¤¯ लोगों के साथ à¤à¤• ही कमरे में रहने या सोने से बचें। सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ जैसे कारà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¥à¤², सà¥à¤•ूल, पारà¥à¤• आदि में जाने से बचें।
बहà¥-दवा पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ टीबी और वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• दवा पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ टीबी को टीबी पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में संदिगà¥à¤§ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मामलों का शीघà¥à¤° निदान करके रोका जा सकता है। रोगियों की तà¥à¤µà¤°à¤¿à¤¤ निगरानी, ​​अनà¥à¤¶à¤‚सित उपचार दिशानिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का पालन करना, उपचार के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ रोगियों की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की निगरानी करना और यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना कि उपचार पूरा हो गया है, à¤à¤®à¤¡à¥€à¤†à¤° और à¤à¤•à¥à¤¸à¤¡à¥€à¤†à¤° टीबी को à¤à¥€ रोक सकता है।
टीबी के पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° को रोकने के लिठà¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥€ उपाय करने के लिठसंकà¥à¤°à¤®à¤£ नियंतà¥à¤°à¤£ और वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ देखà¤à¤¾à¤² विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ से परामरà¥à¤¶ किया जाना चाहिठ(विशेषकर जेलों, नरà¥à¤¸à¤¿à¤‚ग होम, बेघर आशà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤‚ जैसे à¤à¥€à¤¡à¤¼-à¤à¤¾à¤¡à¤¼ वाले सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ में)।
टीबी के पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° को रोकने के लिठआवशà¥à¤¯à¤• परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ और पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं को अपनाया जाना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤• बार उन सावधानियों या पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं को लागू करने के बाद टीबी के संपरà¥à¤• में आने का जोखिम कम हो जाता है। अतिरिकà¥à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त उपाय à¤à¥€ किठजा सकते हैं जिनमें वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त शà¥à¤µà¤¸à¤¨ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ उपकरणों का उपयोग करना शामिल है।
उन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में जहां टीबी का पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° अधिक है, तपेदिक के गंà¤à¥€à¤° रूपों को रोकने के लिठशिशà¥à¤“ं को बैसिलस कैलमेट-गà¥à¤à¤°à¤¿à¤¨ (बीसीजी) टीका दिया जाता है।
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