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पितà¥à¤¤ का हमारे शरीर के लिठकà¥à¤¯à¤¾ महतà¥à¤µ है?
पितà¥à¤¤ के बिना पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤¤ नहीं हो सकती| यदि आप सोच रहे है कैसे? तो धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दीजिये:
गॉल बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° और लीवर के मधà¥à¤¯ बाइल डकà¥à¤Ÿ नामक à¤à¤• छोटी सी नाली होती है| यह नली गॉलबà¥à¤²à¥‡à¤¡à¤° को पितà¥à¤¤ तक पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¨à¥‡ का काम करती है| जैसे ही वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शरीर में à¤à¥‹à¤œà¤¨ जाता है वैसे ही यह नाली पितà¥à¤¤ को à¤à¤• छोटी आंत के उपयà¥à¤•à¥à¤¤ हिसà¥à¤¸à¥‡ में à¤à¥‡à¤œ देती है| यहाठसे आरमà¥à¤ होती है पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾|
खाना पचने के लिठहमे Bile जूस की आवशयकता होती है, ये Bile जूस लिवर में बनता है और पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ का काम होता है की इसे à¤à¥‹à¤œà¤¨ से पहले संगà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ करना, जिस कारण से à¤à¥‹à¤œà¤¨ से पहले ये पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ पूरà¥à¤£ रूप से à¤à¤°à¤¾ होता है| à¤à¥‹à¤œà¤¨ के बाद , पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ बिलकà¥à¤² खाली हो जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संगà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ किया गया जूस à¤à¥‹à¤œà¤¨ को पचाने के लिठकाम आता है| इस लिठपितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ लिवर के नीचे पाया जाता है|
पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की पथरी कैसे बनती है?
जब Bile जूस पूरी तरह से पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ से खाली होने में असमरà¥à¤¥ होता है, तो ये तरल पदारà¥à¤¥ कठोर रूप में पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ में जम जाते है| जब पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की पथरी
का जनà¥à¤® होता है, तो यह आकार में बहà¥à¤¤ ही छोटी होती है| परनà¥à¤¤à¥ जैसे ही इस पथरी पर लंबे समय तक धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं दिया जाता, तो इसका आकर बहà¥à¤¤ तेजी से बढ़ने लगता है| जितना बड़ा आकर होगा, उतना ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दरà¥à¤¦ और असहजता होगी|
लकà¥à¤·à¤£
पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की पथरी लकà¥à¤·à¤£
निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित लकà¥à¤·à¤£ पितà¥à¤¤ की पथरी के संकेत देते है:
कृपया धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें:
यह ज़रूरी नहीं की पितà¥à¤¤ की पथरी हमेशा लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤®à¤® से संकेत दे| कई बार à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥€ होता है की की पथरी के कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ नहीं होते पर फिर à¤à¥€ ये मनà¥à¤·à¥à¤¯ के शरीर को कषà¥à¤Ÿ देना आरमà¥à¤ कà¥à¤° देती है|
चलिठजानते हैं, à¤à¤¸à¥‡ ही कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में:
बदहजमी
खटà¥à¤Ÿà¥€ डकार
उलà¥à¤Ÿà¥€
बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पसीना आना
पेट फà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾
à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€
पेट में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨
डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें
आपको अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मशà¥à¤µà¤°à¤¾ करने के बारे में सोचना चाहिठयदि आप निचे दिठगठकिसी à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ का सामना करते हैं:
यदि आपके पेट में इतना दरà¥à¤¦ हो रहा है की आप à¤à¤• पद में लेटने से असमरà¥à¤¥ हो रहे है|
यदि आपकी चमड़ी और आà¤à¤–ों के अंदर का रंग पीला हो रहा है|
यदि आपको बà¥à¤–ार है और बोहत ही ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ठंणà¥à¤¡ लग रही है|
कारण
पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की पथरी निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित कारणों की होंद में मनà¥à¤·à¥à¤¯ को परेशान करना शà¥à¤°à¥‚ कर देती है:
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ Diabetes
मोटापा Obesity
गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ Pregnancy
मोटापे की सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद Post bariatric surgery
कà¥à¤› दवाओं का सेवन Intake of the prescribed and the non prescribed medications
लंबे समय से किसी बीमारी के गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होने के कारण Prolonged Illness
उपरà¥à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ लिखे कारणों के इलावा, निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का ज़रूरते से अधिक उपयोग à¤à¥€ हानिकारक होता है:
बेकरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦:
बेकरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का ज़रूरते से अधिक उपयोग सेहत के लिठहानिकारक होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इन पदारà¥à¤¥à¥‹ में ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° सैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ और टà¥à¤°à¤¾à¤‚सफैट की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है| इसके इलावा ये पदारà¥à¤¥, मैदे से बने होने के कारण शरीर पर अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालते है|
अधिक पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ à¤à¥€ खतरनाक होते है:
अति पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• चीज़ की बà¥à¤°à¥€ होती है| यदि आप अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में अधिक नेतà¥à¤° में मास खाना पसंद करते है तो कृपया उसे थोड़ा काम कर दीजिये|
कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते है?
मास खाने से होने वाली पथरी अधिकतर निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित किसà¥à¤®à¥‹à¤‚ में उजागर होती है:
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨
यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨
पथरी के पà¥à¤°à¤•ार
पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की पथरी निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित पà¥à¤°à¤•ार की होती है:
कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² पथरी ये पथरी का रंग पीला होता है, जो की अपच पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के संगठन से बनती है|
पिजन पथरी ये पथरी BILIRUBIN LEVEL के बढ़ने से बनती होती है| शà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤¤ में यह बेहद ही छोटे और गहरे रंग की होती है| परनà¥à¤¤à¥ यदि बहà¥à¤¤ समय तक इसका इलाज न करवाया जाये, तो इसका आकर बढ़ जाता है|
निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित लोग बचके रहे:
औरतें और लड़कियां
४० साल से निचे के लोग
मोटापागà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ लोग
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚
खून की बीमारियां
पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• खाना न खाना
पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ में पथरी को रोकने के बचाव :
आहार
गाजर और ककड़ी का रस दिन में दो बार पीने
नींबू का रस सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट
नाशपाती खूब खायें
हलà¥à¤¦à¥€ रोजाना à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š
यदि आप निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित चीज़ें अपने आहार में शामिल करेंगे तो आप पितà¥à¤¤ में पथरी बनने से रोक सकते है:
कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते है?
नाशपाती में पाये जाने वाले रासायनिक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ के रोग दूर होते हैं।
अंडा न खाà¤à¤‚
डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यदि आप पितà¥à¤¤ की पथरी से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ है तो आपको अंडे का सेवन अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में नहीं करना चाहिà¤| अंडे में कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² की मातà¥à¤°à¤¾ बहà¥à¤¤ अधिक होती है| और कई बार बिले जूस की कमी के कारण समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ कोलसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² पाचन मानव शरीर के लिठमà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है जो की अंत में पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की पथरी को जनम देता है|
योग और वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® से दूर न à¤à¤¾à¤—ें
शरीर के अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठयह जरूरी है की आप निरनतर योग करें| यदि आप अपने शरीर को लमà¥à¤¬à¥‡ समय के लिठACTIVE नहीं रखते तो पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ तो कà¥à¤¯à¤¾ और à¤à¥€ कई अंगों में समसà¥à¤¯à¤¾ आने लग जाती है|
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